डोडा में 27 सितंबर को मेगा दंगल: जम्मू-कश्मीर पुलिस के 'सिविक एक्शन प्रोग्राम' में देशभर के पहलवान होंगे शामिल
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर पुलिस के 'सिविक एक्शन प्रोग्राम' के अंतर्गत 27 सितंबर 2026 को डोडा के बेरारू ग्राउंड में एक बड़े दंगल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर के पहलवानों के भाग लेने की उम्मीद है। इस आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र के नौजवानों को खेल के माध्यम से सकारात्मक दिशा देना और पुलिस व आम जनता के बीच सेतु बनाना है।
आयोजन की रूपरेखा
डोडा के डिप्टी एसपी (डीएआर) आदिल रिशु ने बताया कि यह मेगा दंगल सीएपीएफ के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने डोडा और किश्तवाड़ के नागरिकों से इस आयोजन में भाग लेने की अपील की। आदिल रिशु के अनुसार, 'सीएपीएफ के तहत डोडा पुलिस 27 सितंबर को बेरारू ग्राउंड में मेगा दंगल आयोजित करने जा रही है। इसमें देशभर से पहलवान भाग लेंगे।'
युवाओं को सही राह दिखाने का संकल्प
डिप्टी एसपी आदिल रिशु ने इस आयोजन के व्यापक उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि इसका मकसद नौजवानों को एक अच्छा मंच देना और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में उपयोग करना है। उन्होंने कहा, 'इस तरह का प्रोग्राम कराने का मकसद यही है कि जब लोग घर जाएं, तो वे सिर्फ इवेंट को इंजॉय करके न जाएं, बल्कि वे हमसे जुड़ें।' यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब सुरक्षा बलों और स्थानीय समुदाय के बीच विश्वास बहाली एक प्राथमिकता बनी हुई है।
समाज और पुलिस के बीच जुड़ाव की पहल
डिप्टी एसपी ने जनता से अपील की कि वे सामाजिक बुराइयों और देश-विरोधी तत्वों की जानकारी पुलिस को दें। उन्होंने कहा, 'हमारी कोशिश है कि ऐसे प्रोग्रामों के माध्यम से लोगों के दिलों के करीब पहुँचें और उनके दिलों के साथ जुड़ जाएं।' गौरतलब है कि सिविक एक्शन प्रोग्राम पुलिस और नागरिकों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए एक स्थापित पहल है।
ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति
डिप्टी एसपी आदिल रिशु ने बताया कि डोडा जिला पुलिस ड्रग्स के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बीते एक महीने में 60 से 65 एफआईआर दर्ज की गई हैं और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियाँ भी हुई हैं। पुलिस की यह मुहिम खेल-आधारित सामुदायिक कार्यक्रमों के साथ-साथ जारी है, ताकि युवाओं को नशे की लत से दूर रखा जा सके।
आगे की राह
27 सितंबर 2026 को होने वाले इस दंगल से पुलिस को उम्मीद है कि स्थानीय नागरिक पहले से कहीं अधिक सक्रियता से सूचना साझा करेंगे और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट होंगे। यदि यह आयोजन सफल रहता है, तो भविष्य में ऐसे और सामुदायिक कार्यक्रमों की योजना बनाई जा सकती है।