रांची में JPSC-JSSC छात्रों पर लाठीचार्ज: CPI ने की निंदा, BJP का विरोध, विधानसभा सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के महासचिव डी. राजा ने रांची में JPSC-JSSC परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग की कड़ी निंदा की है। उन्होंने मांग की है कि राज्य सरकार तत्काल बल प्रयोग बंद कर छात्र प्रतिनिधियों के साथ सार्थक संवाद स्थापित करे। इस बीच, झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र मंगलवार, 11 अगस्त को हंगामे के बीच निर्धारित समय से एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
डी. राजा की निंदा और मांगें
डी. राजा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'न्याय और जवाबदेही की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से एकत्रित युवाओं को कानून-व्यवस्था की समस्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।' उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है।
CPI नेता ने कहा कि इस तरह की दमनकारी कार्रवाई छात्रों की नाराज़गी को और गहरा करेगी। उनका स्पष्ट मत है कि लोकतंत्र में असहमति का जवाब बैरिकेड और पुलिस बल नहीं, बल्कि संवाद और सहभागिता होनी चाहिए।
छात्रों की मांगें और आंदोलन की पृष्ठभूमि
JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की परीक्षा प्रक्रिया और भर्ती में पारदर्शिता को लेकर रांची में छात्र लंबे समय से आंदोलनरत हैं। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें सीधे उनके भविष्य, रोज़गार और परीक्षा की निष्पक्षता से जुड़ी हैं। डी. राजा ने भी इन मांगों को 'पूरी तरह जायज़' करार दिया।
BJP का विरोध प्रदर्शन
छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रांची शहर के अलग-अलग इलाकों में विरोध प्रदर्शन किए। रातू रोड पर BJP कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व झारखंड BJP अध्यक्ष आदित्य साहू ने किया।
विधानसभा में हंगामा, सत्र स्थगित
झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र मंगलवार को भारी हंगामे और नारेबाज़ी के बीच निर्धारित समय से एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे पुनः आरंभ होते ही विपक्षी सदस्यों ने JPSC-JSSC मामले पर नारेबाज़ी शुरू कर दी, जिसके बाद कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित की गई।
जब सदन दोबारा बैठा तो हंगामा जारी रहा। इसी बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने JPSC-JSSC विवाद पर अपना भाषण दिया। अंततः लगातार व्यवधान के कारण विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने मानसून सत्र की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की।
आगे की राह
यह विवाद ऐसे समय में गहराया है जब झारखंड में सरकारी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। CPI की माँग है कि सरकार छात्र प्रतिनिधियों को संवाद के लिए बुलाए और उनकी वैध शिकायतों का ठोस समाधान निकाले। विधानसभा सत्र के असमय स्थगन के बाद यह मुद्दा और राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया है।