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कर्नाटक CM डीके शिवकुमार की 'दो विवाह' टिप्पणी पर BJP का हमला, विधायकों के नाम बताने की मांग

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कर्नाटक CM डीके शिवकुमार की 'दो विवाह' टिप्पणी पर BJP का हमला, विधायकों के नाम बताने की मांग

सारांश

कर्नाटक के CM डीके शिवकुमार ने विधानसभा में कहा कि बेंगलुरु आए करीब एक दर्जन विधायकों ने दो विवाह किए हैं — लेकिन किसी का नाम नहीं लिया। BJP नेता आर. अशोक और सुरेश कुमार ने नाम सार्वजनिक करने की माँग करते हुए सदन की गरिमा पर सवाल उठाए।

मुख्य बातें

CM डीके शिवकुमार ने कर्नाटक विधानसभा में कहा कि बेंगलुरु आए लगभग एक दर्जन विधायकों ने दो विवाह किए हैं।
यह टिप्पणी सूखे की समस्या पर हुई चर्चा और बेंगलुरु की बढ़ती आबादी के संदर्भ में आई।
शिवकुमार ने किसी भी विधायक का नाम नहीं लिया ; बाद में कहा कि निजी मामले सदन में नहीं उठाने चाहिए।
अशोक ने टिप्पणी को अनावश्यक बताते हुए नाम बताने की माँग की।
सुरेश कुमार ने फेसबुक पर आलोचना करते हुए कहा यह बयान सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार द्वारा कर्नाटक विधानसभा में की गई एक टिप्पणी ने गुरुवार को राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि राज्य के अन्य हिस्सों से बेंगलुरु आए लगभग एक दर्जन विधायकों ने दो विवाह किए हैं। विपक्ष के नेता आर. अशोक और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक एस. सुरेश कुमार ने मुख्यमंत्री से उन विधायकों के नाम सार्वजनिक करने की माँग की है।

मुख्य घटनाक्रम

गुरुवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान शिवकुमार बेंगलुरु की बढ़ती आबादी और शहर में बस जाने के बाद लोगों के अपने पैतृक स्थानों पर वापस न लौटने की प्रवृत्ति पर बोल रहे थे। इसी संदर्भ में उन्होंने विधायकों का उल्लेख किया।

शिवकुमार ने कहा, 'मेरे पास बेंगलुरु आने वाले विधायकों का इतिहास है। कई विधायकों ने दो बार शादी की है। ऐसे लगभग एक दर्जन विधायक हैं। अगर ज़रूरत हो तो मैं सूची दे सकता हूँ। मैं धारवाड़, कारवार और मंगलुरु के विधायकों का इतिहास भी बता सकता हूँ।' हालाँकि, मुख्यमंत्री ने किसी भी विधायक का नाम नहीं लिया।

रिपोर्टों के अनुसार, शिवकुमार ने बाद में संकेत दिया कि सदन में निजी मामलों पर चर्चा नहीं होनी चाहिए और इस विषय पर अलग से विचार किया जा सकता है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

विपक्ष के नेता आर. अशोक ने शुक्रवार, 26 सितंबर 2026 को कहा कि सूखे की समस्या पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री का विधायकों के दो विवाहों का जिक्र करना अनावश्यक था। अशोक ने कहा, 'यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने किसे निशाना बनाया। यह सबके लिए तलवार की तरह लटक रहा है। उन्हें खुद इसका जवाब देना चाहिए।'

BJP विधायक एस. सुरेश कुमार ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर इस टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि विधानसभा में मुख्यमंत्री का ऐसा बयान सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री का जवाब भले ही हल्के-फुल्के ढंग से दिया गया हो, लेकिन विधानसभा मंच से इस तरह बोलना किसी की गरिमा को ठेस पहुँचाता है।'

सुरेश कुमार ने स्पष्ट किया कि वे उस समय सदन में उपस्थित नहीं थे क्योंकि वे एक मित्र से मिलने अस्पताल गए थे, और उन्होंने जोड़ा कि यदि वे उपस्थित होते तो तुरंत जवाब देते।

सदन की गरिमा पर सवाल

BJP ने इस पूरे प्रकरण को विधानसभा की मर्यादा के उल्लंघन के रूप में प्रस्तुत किया है। सुरेश कुमार ने शिवकुमार से माँग की कि वे उन विधायकों के नाम सार्वजनिक करें जिन पर दो बार विवाह करने या दो घर चलाने का आरोप है। गौरतलब है कि यह टिप्पणी बेंगलुरु के शहरीकरण और जनसंख्या वृद्धि जैसे गंभीर मुद्दे पर हुई बहस के बीच आई, जिससे मूल विषय से ध्यान हट गया।

आगे क्या

यह विवाद अब कर्नाटक की राजनीति में एक नया घर्षण-बिंदु बन गया है। BJP की माँग है कि मुख्यमंत्री या तो नाम सार्वजनिक करें या सदन में माफी माँगें। कांग्रेस नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आने वाले विधानसभा सत्र में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसने उस बहस को ही हाइजैक कर लिया। सदन के पटल से बिना नाम लिए ऐसा आरोप लगाना एक तरह का राजनीतिक चाकू है — जो सबको घायल करता है और किसी को भी जवाब देने का मौका नहीं देता। BJP की माँग वैध है: या तो नाम सार्वजनिक हों, या माफी माँगी जाए। इससे यह भी उजागर होता है कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार और BJP के बीच विधानसभा की मर्यादा अब एक और रणनीतिक मोर्चा बन गई है।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM डीके शिवकुमार ने विधानसभा में क्या कहा था?
शिवकुमार ने कर्नाटक विधानसभा में कहा कि बेंगलुरु आए लगभग एक दर्जन विधायकों ने दो विवाह किए हैं और उनके पास ऐसे विधायकों की सूची है। उन्होंने धारवाड़, कारवार और मंगलुरु के विधायकों का भी उल्लेख किया, लेकिन किसी का नाम नहीं लिया।
BJP ने इस टिप्पणी पर क्या आपत्ति जताई?
BJP के विपक्ष नेता आर. अशोक और विधायक एस. सुरेश कुमार ने माँग की कि शिवकुमार उन विधायकों के नाम सार्वजनिक करें। सुरेश कुमार ने कहा कि विधानसभा मंच से इस तरह बोलना सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं है।
यह टिप्पणी किस संदर्भ में आई?
यह टिप्पणी बेंगलुरु की बढ़ती आबादी और सूखे की समस्या पर विधानसभा में हुई चर्चा के दौरान आई। शिवकुमार यह समझाने की कोशिश कर रहे थे कि लोग बेंगलुरु आने के बाद अपने पैतृक स्थानों पर वापस क्यों नहीं लौटते।
शिवकुमार ने बाद में क्या कहा?
रिपोर्टों के अनुसार, शिवकुमार ने बाद में संकेत दिया कि सदन में निजी मामलों पर चर्चा नहीं होनी चाहिए और इस मुद्दे पर अलग से चर्चा की जा सकती है।
इस विवाद का कर्नाटक की राजनीति पर क्या असर होगा?
BJP ने इसे विधानसभा की मर्यादा का मुद्दा बनाते हुए मुख्यमंत्री से जवाब माँगा है। आने वाले विधानसभा सत्र में यह मुद्दा और उठ सकता है, खासकर तब जब कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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