कर्नाटक BJP नेता आर. अशोक ने सीएम शिवकुमार को दी चुनौती — मंदिरों के पास मुस्लिम जुलूसों पर भी लगे रोक
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बुधवार, 16 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को सीधी चुनौती दी — यदि राज्य सरकार मस्जिदों के समीप गणेश जुलूसों को नियंत्रित करने की दिशा में कानून बनाना चाहती है, तो उसे हिंदू मंदिरों के सामने से मुस्लिम जुलूसों के गुजरने पर भी समान रूप से प्रतिबंध लगाना चाहिए। यह विवाद टी. नरसीपुरा में एक पुलिस इंस्पेक्टर की उस कथित टिप्पणी के बाद भड़का, जो गणेश जुलूस के मार्ग को लेकर की गई थी।
विवाद की पृष्ठभूमि
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने टी. नरसीपुरा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विरोध प्रदर्शन को 'राजनीतिकरण' करार दिया था। उनके अनुसार, स्थानीय पुलिस इंस्पेक्टर ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए जुलूस मार्ग को लेकर सामान्य चेतावनी जारी की थी। शिवकुमार का कहना था कि BJP इस सामान्य पुलिसिंग कदम को सांप्रदायिक रंग दे रही है।
इसी के जवाब में विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने पलटवार करते हुए कहा कि एक ग्रामीण पुलिस इंस्पेक्टर का समर्थन करके मुख्यमंत्री यह संदेश दे रहे हैं कि 'दबदबा दिखाना और डांटना पुलिसिंग का हिस्सा है।'
इंस्पेक्टर पर लगाए आरोप
अशोक ने आरोप लगाया कि टी. नरसीपुरा के उस इंस्पेक्टर के खिलाफ पहले से ही दलित युवाओं के साथ मारपीट, एक महिला को नुकसान पहुँचाने और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप दर्ज हैं। उनका सवाल था कि ऐसे अधिकारी का मुख्यमंत्री द्वारा बचाव किया जाना कौन-सा संदेश देता है। उन्होंने कहा, 'मुझे सीएम शिवकुमार से कहीं ज़्यादा उम्मीद थी।'
अशोक की मुख्य चुनौती
अशोक ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'आप आरएसएस के मार्च को रेगुलेट करने के लिए एक कानून लाने की तैयारी कर रहे हैं। मैं आपको चुनौती देता हूँ कि राज्य में मस्जिदों के सामने गणेश जुलूस पर रोक लगाने वाला एक और कानून लाएँ।' उन्होंने आगे कहा कि इसी तरह, मुस्लिम जुलूस उन इलाकों में नहीं जाने चाहिए जहाँ हिंदू मंदिर हैं — और यह नियम जैन तथा सिख समुदायों पर भी समान रूप से लागू होना चाहिए।
गौरतलब है कि अशोक के अनुसार पिछले साल मद्दुर में गणेश जुलूस पर पत्थर फेंके गए थे। उन्होंने माँग की कि सरकार सभी समुदायों के लिए एक-सी भाषा और एक-से नियम अपनाए।
सरकार पर एकतरफा रवैये का आरोप
विपक्ष के नेता ने यह भी सवाल उठाया कि हिंदू त्योहारों — विशेषकर गणेश उत्सव — पर ही पाबंदियाँ क्यों थोपी जा रही हैं। उनका आरोप था कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार एकतरफा रवैया अपना रही है और यदि टी. नरसीपुरा जैसे इंस्पेक्टर का संदेश प्रदेश भर में फैलता है, तो अन्य पुलिस स्टेशन भी इसी आधार पर हिंदू जुलूसों को रोकने की मिसाल कायम करेंगे।
आगे क्या
यह विवाद कर्नाटक में धार्मिक जुलूसों और सार्वजनिक स्थलों पर उनके मार्ग को लेकर चल रही व्यापक बहस का हिस्सा है। BJP और कांग्रेस दोनों के बीच यह मुद्दा आगामी स्थानीय निकाय और विधानसभा उपचुनावों की दृष्टि से राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना रहेगा। राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।