11 जुलाई 2026
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बांग्लादेशी प्रवासी कांग्रेस का वोट बैंक: कर्नाटक विपक्ष नेता आर. अशोक का शिवकुमार पर तीखा हमला

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बांग्लादेशी प्रवासी कांग्रेस का वोट बैंक: कर्नाटक विपक्ष नेता आर. अशोक का शिवकुमार पर तीखा हमला

सारांश

कर्नाटक विपक्ष नेता आर. अशोक ने मैसूरु में CM शिवकुमार को 'मास्क चीफ मिनिस्टर' बताया और आरोप लगाया कि कांग्रेस बांग्लादेशी अवैध प्रवासियों को वोट बैंक बना रही है। SIR अभियान के बीच यह बयान कर्नाटक की राजनीति में नई आग भड़काता है।

मुख्य बातें

अशोक ने 11 जुलाई 2026 को मैसूरु में CM डी.के.
शिवकुमार को 'मास्क चीफ मिनिस्टर' करार दिया।
अशोक का आरोप — कर्नाटक सरकार स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी कर बांग्लादेशी नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि नागरिकता देने का अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है।
अशोक ने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) में नागरिकों की भागीदारी का आग्रह किया।
CM शिवकुमार पर टेंडर को लेकर तंज — 'डीके का मतलब टेंडर है।'

कर्नाटक में विपक्ष के नेता और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने 11 जुलाई 2026 को मैसूरु में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर कड़े आरोप लगाए और उन्हें 'मास्क चीफ मिनिस्टर' करार दिया। अशोक ने आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल कर रही है — एक आरोप जिसे सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।

मुख्य घटनाक्रम

अशोक मैसूरु के जी.के. ग्राउंड्स में 'फेडरेशन ऑफ वर्किंग कम्युनिटीज' द्वारा नवनिर्वाचित एमएलसी रघु आर. कौटिल्य के सम्मान में आयोजित एक समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि BJP ने पिछड़े और हाशिए पर रहने वाले समुदायों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की प्रतिबद्धता के तहत कौटिल्य को विधान परिषद के लिए नामित किया।

अशोक के आरोप: वोट बैंक और मतदाता सूची

अशोक ने दावा किया कि भारत में लाखों बांग्लादेशी और पाकिस्तानी नागरिक रह रहे हैं और उनमें से कई कथित तौर पर सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी करके बांग्लादेशी नागरिकों को राज्य की मतदाता सूची में शामिल करने का प्रयास कर रही है। अशोक ने स्पष्ट किया कि नागरिकता देने का अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है और इस प्रक्रिया को तत्काल रोका जाना चाहिए।

उन्होंने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि उन्होंने बांग्लादेशी प्रवासियों को सरकारी सुविधाएं प्रदान की थीं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत मतदाता सूची की समीक्षा चल रही है।

SIR अभियान और नागरिक अपील

अशोक ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे चल रहे SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) में सक्रिय रूप से भाग लें ताकि मतदाता सूची में केवल पात्र नागरिकों के नाम शामिल हों। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के विरुद्ध एक जवाबी अभियान चलाया जा रहा है और देश के कानूनों को कमज़ोर करने की कोशिश करने वालों को समर्थन दिया जा रहा है। गौरतलब है कि मतदाता सूची शुद्धिकरण का मुद्दा हाल के महीनों में कई राज्यों में राजनीतिक विवाद का केंद्र बना हुआ है।

शिवकुमार पर 'टेंडर' वाला तंज

मुख्यमंत्री शिवकुमार पर अपना हमला जारी रखते हुए अशोक ने सरकारी टेंडरों को लेकर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, 'डीके का मतलब टेंडर है क्योंकि कम समय तक पद पर रहने के बावजूद, उन्होंने कई वर्षों के काम के लिए टेंडर जारी किए हैं। वे खुद एक टेंडर के ज़रिए मुख्यमंत्री बने। राहुल गांधी ने टेंडर निकाला और अब डी.के. शिवकुमार ने इसे हासिल कर लिया है।' यह टिप्पणी कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के भीतर कथित नेतृत्व सौदेबाज़ी की ओर इशारा करती है।

आगे क्या

अशोक के इन आरोपों पर कर्नाटक सरकार या कांग्रेस की ओर से तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। SIR प्रक्रिया जारी रहने के साथ, यह मुद्दा आने वाले दिनों में कर्नाटक की राजनीति में केंद्रीय विवाद बने रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह केवल SIR की राजनीतिक ज़मीन तैयार करने की रणनीति है। शिवकुमार सरकार की चुप्पी इस विवाद को और गहरा कर सकती है। कर्नाटक में 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले यह बयानबाज़ी राज्य की राजनीति में ध्रुवीकरण की एक सोची-समझी कोशिश लगती है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आर. अशोक ने कर्नाटक सरकार पर क्या आरोप लगाए?
आर. अशोक ने आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी करके बांग्लादेशी नागरिकों को राज्य की मतदाता सूची में शामिल करने की कोशिश कर रही है और उन्हें वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकता देने का अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है।
'मास्क चीफ मिनिस्टर' का क्या अर्थ है?
BJP नेता आर. अशोक ने CM डी.के. शिवकुमार को 'मास्क चीफ मिनिस्टर' इसलिए कहा क्योंकि उनके अनुसार शिवकुमार कर्नाटक के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। यह एक राजनीतिक कटाक्ष था जो शिवकुमार की कथित 'दोहरी नीति' की ओर इशारा करता है।
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है और इसका विवाद से क्या संबंध है?
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची की समीक्षा और सफाई की एक प्रक्रिया है। अशोक ने आरोप लगाया कि इस अभियान के विरुद्ध एक जवाबी मुहिम चलाई जा रही है और नागरिकों से इसमें सक्रिय भाग लेने की अपील की।
अशोक ने 'टेंडर' वाली टिप्पणी क्यों की?
अशोक ने CM शिवकुमार पर आरोप लगाया कि उन्होंने कम समय में कई वर्षों के काम के लिए टेंडर जारी किए। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि 'डीके का मतलब टेंडर है' और राहुल गांधी द्वारा 'टेंडर निकालकर' शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने की बात कही।
इस विवाद पर कांग्रेस या कर्नाटक सरकार की क्या प्रतिक्रिया रही?
अशोक के इन आरोपों पर कर्नाटक सरकार या कांग्रेस की ओर से 11 जुलाई 2026 तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। यह मुद्दा आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में केंद्रीय विवाद बना रह सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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