एसआईआर विरोध पर भाजपा का पलटवार: आर. अशोक बोले — कांग्रेस बचा रही है बांग्लादेशी मतदाताओं को
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता आर. अशोक ने 16 मई 2025 को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) चुनावी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध इसलिए कर रही है, क्योंकि उसे कर्नाटक में कथित बांग्लादेशी मतदाताओं का समर्थन खोने का डर है। अशोक के ये आरोप राजनीतिक रूप से तीखे हैं और कांग्रेस ने अभी तक इन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
मुख्य आरोप और दावे
अशोक ने दावा किया कि कर्नाटक में 10 लाख से अधिक बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से निवास कर रहे हैं। उन्होंने किसी को भी इस दावे को गलत साबित करने की खुली चुनौती दी। उनके अनुसार, हाल ही में बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त ने 250 बांग्लादेशी नागरिकों को हवाई मार्ग से वापस भेजने पर ₹65 लाख खर्च किए।
उन्होंने आगे कहा कि बेंगलुरु के महादेवपुरा, चिक्कमगलूरु और कोडागु के कॉफी बागानों में हजारों बांग्लादेशी नागरिक रह रहे हैं। अशोक के अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया इस स्थिति पर अंकुश लगाने में सहायक होगी।
एसआईआर प्रक्रिया पर भाजपा का पक्ष
अशोक ने स्पष्ट किया कि वैध मतदाताओं को पुनरीक्षण प्रक्रिया से घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर कांग्रेस, BJP और जनता दल (सेक्युलर) — JD(S) — के एजेंट उपस्थित रहेंगे और किसी भी वैध मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कर्नाटक में 10 लाख बांग्लादेशी नागरिकों को पहचान पत्र जारी किए हैं और वह नहीं चाहती कि उन्हें निर्वासित किया जाए। पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहाँ मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान अधिक हिंदुओं के नाम हटाए गए थे, फिर भी किसी हिंदू संगठन या BJP ने विरोध नहीं किया।
कर्नाटक सरकार पर आर्थिक कुप्रबंधन के आरोप
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए अशोक ने कहा कि जब राज्य का खजाना खाली है, तब सरकार अपने तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 'साधना समावेश' कार्यक्रम आयोजित कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि 'गृह लक्ष्मी' योजना के तहत ₹5,000 करोड़ और 'अन्नभाग्य' योजना के तहत ₹700 करोड़ लाभार्थियों तक नहीं पहुँचे। इसके अतिरिक्त, अनाथ बच्चों के लिए निर्धारित ₹73 करोड़ जारी नहीं किए गए और अनुसूचित जातियों के लिए आवंटित ₹45,000 करोड़ का दुरुपयोग हुआ — यह उनका आरोप है।
कमजोर वर्गों की पेंशन पर संकट का दावा
अशोक के अनुसार, राजस्व विभाग के अंतर्गत आने वाली 12 प्रकार की पेंशन पिछले तीन महीनों से वितरित नहीं की गई हैं, जबकि 81.88 लाख लाभार्थी इन पर निर्भर हैं।
उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, संध्या सुरक्षा सहायता, ट्रांसजेंडर समुदाय की सहायता राशि, एसिड अटैक पीड़ितों को मिलने वाली ₹10,000 प्रतिमाह की सहायता, देवदासियों को मिलने वाली ₹2,000 और स्वतंत्रता सेनानियों को मिलने वाली ₹10,000 की सहायता नियमित रूप से नहीं मिल रही। ये सभी आरोप अशोक की ओर से लगाए गए हैं; राज्य सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
आगे क्या
एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कर्नाटक में राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। भाजपा और कांग्रेस के बीच यह टकराव आने वाले दिनों में और तीव्र होने की संभावना है, खासकर तब जब चुनाव आयोग की यह प्रक्रिया अपने अगले चरण में प्रवेश करेगी।