15 अगस्त 2026
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कावेरी जल विवाद: BJP का आरोप — कर्नाटक सरकार रात को KRS बांध खोलकर तमिलनाडु को दे रही पानी

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कावेरी जल विवाद: BJP का आरोप — कर्नाटक सरकार रात को KRS बांध खोलकर तमिलनाडु को दे रही पानी

सारांश

BJP नेता आर. अशोक ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर रात को KRS बांध खोलकर तमिलनाडु को कावेरी जल देने का आरोप लगाया है — जबकि मंड्या, मैसूरु और चामराजनगर के किसान सूखे से जूझ रहे हैं। साथ ही ₹45,000 करोड़ के शराब राजस्व लक्ष्य पर भी निशाना साधा।

मुख्य बातें

कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर.
अशोक ने 15 अगस्त 2026 को कांग्रेस सरकार पर रात को KRS बांध के गेट खोलकर तमिलनाडु को कावेरी जल देने का आरोप लगाया।
मंड्या, मैसूरु और चामराजनगर के किसान पानी की कमी से प्रभावित, फसलें सूखने का दावा।
अशोक ने मुख्यमंत्री डी.के.
शिवकुमार और जल संसाधन मंत्री एन.
चालुवरायस्वामी पर 'दोहरे रवैये' का आरोप लगाया।
BJP ने जल प्रवाह तत्काल रोकने की माँग की, अन्यथा पूरे कर्नाटक में आंदोलन की चेतावनी दी।
आबकारी नीति पर भी हमला — सरकार पर ₹45,000 करोड़ राजस्व लक्ष्य के लिए शराब बिक्री बढ़ाने का दबाव बनाने का आरोप।
राज्य में 12,003 से अधिक शराब की दुकानें संचालित होने का दावा, अधिकारियों पर प्रतिमाह ₹3,800 करोड़ बिक्री का लक्ष्य।

कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने 15 अगस्त 2026 को राज्य की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए कि वह सार्वजनिक मंचों पर तमिलनाडु को कावेरी का पानी न देने की घोषणा करते हुए भी कथित तौर पर रात के अंधेरे में कृष्णराज सागर (KRS) बांध के गेट खोलकर पड़ोसी राज्य के लिए जल प्रवाहित कर रही है। अशोक के अनुसार, यह 'दोहरा रवैया' मंड्या, मैसूरु और चामराजनगर के किसानों के साथ सीधा विश्वासघात है।

मुख्य आरोप: रात को खुलते हैं KRS के गेट

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने आरोप लगाया कि जब कर्नाटक के किसान पानी की कमी से जूझ रहे हैं और आम नागरिक पेयजल के लिए परेशान हैं, तब सरकार रात के समय KRS बांध के गेट खोलकर तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ रही है। उन्होंने कहा, 'एक तरफ सरकार कहती है कि वह तमिलनाडु को पानी नहीं छोड़ेगी, वहीं दूसरी तरफ गुपचुप तरीके से KRS बांध के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।'

अशोक ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और जल संसाधन मंत्री एन. चालुवरायस्वामी को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि सरकार कावेरी मुद्दे पर अपने राजनीतिक सहयोगियों को खुश करने के लिए कन्नड़ लोगों के हितों की बलि दे रही है।

किसानों की स्थिति और जल संकट

मंड्या, मैसूरु और चामराजनगर जिलों के किसान कावेरी जल पर निर्भर हैं। अशोक ने दावा किया कि इन क्षेत्रों में फसलें सूख रही हैं और KRS जलाशय में कन्नड़ लोगों की ज़रूरत के लिए पर्याप्त पानी नहीं बचा है। उन्होंने सवाल किया, 'जब KRS जलाशय में कन्नड़ लोगों के लिए पर्याप्त पानी नहीं है, तो सरकार तमिलनाडु को पानी छोड़ने की इतनी जल्दी में क्यों है?'

यह ऐसे समय में आया है जब कावेरी जल बंटवारे का मुद्दा दशकों से कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच विवाद का केंद्र रहा है और सर्वोच्च न्यायालय तथा कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) इस पर निगरानी रखते हैं।

BJP की चेतावनी और आंदोलन का ऐलान

अशोक ने कांग्रेस सरकार से KRS बांध से तमिलनाडु के लिए जल प्रवाह तत्काल रोकने की माँग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह नहीं रोका, तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) पूरे कर्नाटक में सड़कों पर उतरेगी। उनके शब्दों में, 'कन्नड़ लोगों के धैर्य की परीक्षा न लें। BJP किसानों और जनता के हितों की कीमत पर की जा रही इस कर्नाटक विरोधी राजनीति की कड़ी निंदा करती है।'

शराब राजस्व नीति पर भी निशाना

अशोक ने इसी बयान में कर्नाटक सरकार की आबकारी नीति पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मुफ्त गारंटी योजनाओं की भरपाई के लिए आबकारी अधिकारियों और शराब दुकानदारों पर ₹45,000 करोड़ का वार्षिक राजस्व लक्ष्य थोप रही है, जिसके तहत हर महीने औसतन ₹3,800 करोड़ की शराब बिक्री का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्होंने दावा किया कि लक्ष्य पूरा न होने पर अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। अशोक ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और आबकारी मंत्री शिवलिंगे गौड़ा से पूछा कि क्या राज्य में 12,003 से अधिक शराब की दुकानों का विस्तार करके गरीब परिवारों को जानबूझकर शराब की लत की ओर धकेला जा रहा है। उन्होंने कहा, 'गरीब परिवारों को शराब की लत की ओर न धकेलें और महिलाओं का श्राप न लें।'

आगे क्या

कर्नाटक सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कावेरी जल विवाद पर CWMA की निगरानी जारी है और BJP के प्रस्तावित आंदोलन की दिशा आने वाले दिनों में स्पष्ट होगी। गौरतलब है कि यह मुद्दा कर्नाटक की राजनीति में हमेशा संवेदनशील रहा है और चुनावी समीकरणों को प्रभावित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है — और यही इस पूरी बहस की सबसे बड़ी कमज़ोरी है। कावेरी जल बंटवारा सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और CWMA की निगरानी में होता है, इसलिए 'गुपचुप' छोड़े जाने का दावा तकनीकी रूप से जटिल है। दूसरी ओर, कर्नाटक सरकार ने अभी तक इन आरोपों का सीधा खंडन नहीं किया — जो अपने आप में एक राजनीतिक संकेत है। ₹45,000 करोड़ के शराब राजस्व लक्ष्य का मुद्दा अलग और गंभीर है, लेकिन इसे कावेरी विवाद के साथ जोड़कर प्रस्तुत करना BJP की रणनीतिक 'एकाधिक मोर्चे' की राजनीति को दर्शाता है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP का कर्नाटक सरकार पर कावेरी जल को लेकर क्या आरोप है?
BJP नेता आर. अशोक का आरोप है कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार सार्वजनिक रूप से तमिलनाडु को कावेरी जल न देने की बात कहते हुए भी रात के समय KRS बांध के गेट खोलकर पानी छोड़ रही है। यह आरोप 15 अगस्त 2026 को लगाया गया।
KRS बांध क्या है और यह कावेरी विवाद से कैसे जुड़ा है?
कृष्णराज सागर (KRS) बांध कर्नाटक के मंड्या जिले में कावेरी नदी पर स्थित है और राज्य के सिंचाई व पेयजल का प्रमुख स्रोत है। कावेरी जल बंटवारे को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच दशकों पुराना विवाद है, जिसकी निगरानी सर्वोच्च न्यायालय और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) करते हैं।
कर्नाटक के किन जिलों के किसान इससे प्रभावित बताए जा रहे हैं?
BJP के अनुसार मंड्या, मैसूरु और चामराजनगर जिलों के किसान कावेरी जल की कमी से सबसे अधिक प्रभावित हैं और उनकी फसलें सूख रही हैं। ये तीनों जिले कावेरी बेसिन में आते हैं।
BJP ने क्या माँग की है और क्या चेतावनी दी है?
BJP ने KRS बांध से तमिलनाडु के लिए जल प्रवाह तत्काल रोकने की माँग की है। आर. अशोक ने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो BJP पूरे कर्नाटक में सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।
कर्नाटक सरकार पर शराब राजस्व को लेकर क्या आरोप लगाए गए?
अशोक ने आरोप लगाया कि सरकार आबकारी अधिकारियों पर ₹45,000 करोड़ के वार्षिक राजस्व लक्ष्य का दबाव बना रही है, जिसके तहत प्रतिमाह ₹3,800 करोड़ की शराब बिक्री का लक्ष्य है। राज्य में 12,003 से अधिक शराब दुकानें संचालित होने का भी दावा किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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