6 अगस्त 2026
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कर्नाटक पोर्टफोलियो विवाद: भाजपा ने शिवकुमार को बताया 'रबर स्टैम्प CM', कांग्रेस पर दिल्ली-रिमोट का आरोप

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कर्नाटक पोर्टफोलियो विवाद: भाजपा ने शिवकुमार को बताया 'रबर स्टैम्प CM', कांग्रेस पर दिल्ली-रिमोट का आरोप

सारांश

कर्नाटक में मंत्रियों को विभाग न मिलने की देरी भाजपा के लिए राजनीतिक हथियार बन गई है। नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने शिवकुमार को 'रबर स्टैम्प CM' बताया और दिल्ली से रिमोट कंट्रोल का आरोप लगाया। ऊपर से 30 महिला संगठनों का खुला पत्र — कांग्रेस एक साथ कई मोर्चों पर घिरी है।

मुख्य बातें

भाजपा नेता प्रतिपक्ष आर.
अशोक ने 6 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को 'रबर स्टैम्प मुख्यमंत्री' बताया।
नए मंत्रियों के शपथ लेने के तीन दिन बाद भी विभाग आवंटन न होने पर भाजपा ने कांग्रेस को घेरा।
भाजपा का आरोप — राज्य सरकार नई दिल्ली में बैठे कांग्रेस हाईकमान के इशारे पर चल रही है।
30 महिला संगठनों ने नए मंत्रिमंडल में कोई महिला न होने पर सीएम शिवकुमार को खुला पत्र लिखा।
सीएम शिवकुमार और रणदीप सुरजेवाला नाराज विधायकों से व्यक्तिगत मुलाकात कर असंतोष शांत करने में जुटे।

कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्रियों को विभाग आवंटित न होने की देरी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 6 अगस्त 2026 को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को 'रबर स्टैम्प मुख्यमंत्री' करार दिया और आरोप लगाया कि राज्य सरकार नई दिल्ली में बैठे कांग्रेस हाईकमान के इशारे पर चल रही है।

मुख्य आरोप और बयानबाज़ी

आर. अशोक ने गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि नए मंत्रियों के शपथ लेने के तीन दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें कोई विभाग नहीं सौंपा गया है। उन्होंने सवाल उठाया, 'क्या आप विभागों के बंटवारे के लिए कांग्रेस हाईकमान के आदेश का इंतज़ार कर रहे हैं? या फिर 'तय भुगतान' अभी खाते में नहीं आया है इसलिए देरी हो रही है?' यह बयान सीधे तौर पर मुख्यमंत्री शिवकुमार पर निशाना था।

अशोक ने कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में पूछा कि क्या अब सुरजेवाला को हर सरकारी फाइल पास कराने के लिए बेंगलुरु आना पड़ेगा और क्या विधानसौध में उनके लिए कमरा बुक कर दिया गया है।

महिला संगठनों का विरोध

पोर्टफोलियो विवाद के अलावा कांग्रेस सरकार एक और मोर्चे पर घिरी है। 'नवेद्दु निल्लादिद्दारे, कर्नाटक' बैनर तले 30 महिला संगठनों और नारीवादी समूहों ने बुधवार को मुख्यमंत्री शिवकुमार को खुला पत्र लिखा। पत्र में नए मंत्रिमंडल में किसी भी महिला को स्थान न दिए जाने की कड़ी निंदा की गई और माँग की गई कि इस चूक को तुरंत सुधारा जाए।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस अपने को महिला सशक्तिकरण की प्रबल पक्षधर बताती रही है। कैबिनेट में शून्य महिला प्रतिनिधित्व ने पार्टी की उस छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कांग्रेस की सफाई और नाराज़गी शांत करने की कोशिश

सीएम शिवकुमार और रणदीप सुरजेवाला नाराज विधायकों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर माहौल सुधारने में जुटे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, सुरजेवाला असंतुष्ट विधायकों के घर-घर जाकर उन्हें मनाने का प्रयास कर रहे हैं।

मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री शिवकुमार ने पार्टी में अंदरूनी कलह की खबरों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और नाराज नेताओं से सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई है।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार कैबिनेट विस्तार के बाद अपनी स्थिति मज़बूत करने की कोशिश में है। भाजपा लगातार यह नैरेटिव स्थापित करने में लगी है कि राज्य का प्रशासन बेंगलुरु से नहीं, बल्कि नई दिल्ली से संचालित हो रहा है — एक आरोप जिसे कांग्रेस ने राजनीति से प्रेरित बताकर नकारा है।

आगे क्या

विभागों के आवंटन में और देरी होती है तो भाजपा के हमले तेज़ होने की संभावना है। साथ ही, महिला संगठनों की माँग पर सरकार की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि क्या यह मुद्दा और बड़ा रूप लेता है। कांग्रेस के लिए यह ज़रूरी होगा कि वह जल्द से जल्द पोर्टफोलियो आवंटन को अंतिम रूप दे और आंतरिक असंतोष को नियंत्रित करे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे विपक्ष भुनाने में देर नहीं लगाता। इससे भी अधिक चिंताजनक है महिला प्रतिनिधित्व का सवाल — 30 संगठनों का एकजुट होकर खुला पत्र लिखना बताता है कि यह महज़ प्रतीकात्मक नाराज़गी नहीं है। कांग्रेस यदि इन दोनों मोर्चों पर जल्द स्पष्ट जवाब नहीं देती, तो सत्ता में आने के शुरुआती महीनों में ही उसकी साख को नुकसान पहुँच सकता है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में मंत्रियों को विभाग आवंटन में देरी क्यों हो रही है?
कर्नाटक में नए मंत्रियों के शपथ लेने के तीन दिन बाद भी विभाग आवंटित नहीं किए गए हैं। भाजपा का आरोप है कि यह देरी दिल्ली में बैठे कांग्रेस हाईकमान की मंजूरी के इंतज़ार के कारण है, जबकि कांग्रेस ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।
भाजपा ने डीके शिवकुमार को 'रबर स्टैम्प CM' क्यों कहा?
कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शिवकुमार स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने में सक्षम नहीं हैं और हर फैसले के लिए कांग्रेस हाईकमान पर निर्भर हैं। इसी आधार पर उन्हें 'रबर स्टैम्प मुख्यमंत्री' कहा गया।
कर्नाटक कैबिनेट में महिलाओं को लेकर विवाद क्या है?
'नवेद्दु निल्लादिद्दारे, कर्नाटक' बैनर तले 30 महिला संगठनों और नारीवादी समूहों ने मुख्यमंत्री शिवकुमार को खुला पत्र लिखकर नए मंत्रिमंडल में किसी भी महिला को जगह न देने की निंदा की है। संगठनों ने माँग की है कि इस चूक को तुरंत सुधारा जाए।
रणदीप सुरजेवाला की कर्नाटक में क्या भूमिका है?
रणदीप सिंह सुरजेवाला कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी और AICC महासचिव हैं। वे नाराज विधायकों को मनाने के लिए उनसे व्यक्तिगत रूप से मिल रहे हैं। भाजपा ने इसी को लेकर तंज कसा है कि क्या अब राज्य की हर फाइल उनकी मंजूरी से गुज़रेगी।
कांग्रेस ने पार्टी में अंदरूनी कलह के आरोपों पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मीडिया से बातचीत में पार्टी में अंदरूनी कलह की खबरों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और नाराज नेताओं से सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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