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कर्नाटक BJP का कांग्रेस पर हमला: अशोक बोले — राहुल, प्रियंका और शिवकुमार एक पाखंड के तीन चेहरे

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कर्नाटक BJP का कांग्रेस पर हमला: अशोक बोले — राहुल, प्रियंका और शिवकुमार एक पाखंड के तीन चेहरे

सारांश

कर्नाटक BJP नेता आर. अशोक ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और CM शिवकुमार को 'एक पाखंड के तीन चेहरे' बताया — आरोप है कि कांग्रेस दिल्ली में जवाबदेही का उपदेश देती है, पर कर्नाटक में भर्ती गड़बड़ियों की जिम्मेदारी निचले अधिकारियों पर डालती है।

मुख्य बातें

अशोक ने 26 जुलाई को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और CM डी.के.
शिवकुमार पर 'एक पाखंड के तीन चेहरे' होने का आरोप लगाया।
BJP का आरोप है कि शिवकुमार ने भर्ती प्रणाली में सुधार के बजाय डिप्टी कमिश्नरों को जिम्मेदार ठहराने का रास्ता चुना।
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने 70,000 से अधिक रिक्त पदों की भर्ती और परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी अनिवार्य करने की बात कही थी।
BJP ने सवाल उठाया कि BJP शासन में जवाबदेही 'ऊपर' जाती है, जबकि कांग्रेस शासन में 'नीचे' धकेली जाती है।
कांग्रेस सरकार ने अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

कर्नाटक में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने रविवार, 26 जुलाई को कांग्रेस नेतृत्व पर जवाबदेही के मामले में 'दोहरे मापदंड' अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी विपक्ष में रहने पर एक पैमाना अपनाती है और सत्ता में आने पर दूसरा — और यह विरोधाभास बेंगलुरु से नई दिल्ली तक साफ दिखता है।

मुख्य आरोप: पाखंड के तीन चेहरे

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता अशोक ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर एक साथ निशाना साधा। अशोक ने कहा, 'राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और डी.के. शिवकुमार एक ही पाखंड के तीन चेहरे हैं।' उनका यह बयान मुख्यमंत्री शिवकुमार के उस हालिया बयान के संदर्भ में आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भर्ती परीक्षाओं में प्रश्न पत्र लीक या गड़बड़ी होने पर अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

BJP का तर्क: सिस्टम सुधार नहीं, बलि का बकरा

अशोक ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया को मज़बूत करने या प्रश्न-पत्र लीक रोकने के लिए ठोस सुधार करने के बजाय डिप्टी कमिश्नरों को जिम्मेदार ठहराने का रास्ता चुना। उनके शब्दों में, 'उनकी पहली सोच भर्ती सिस्टम को छेड़छाड़-रोधी बनाने या छात्रों की उम्मीदों की रक्षा करने की नहीं होती। बल्कि वे यह घोषणा करते हैं कि डिप्टी कमिश्नर जिम्मेदार होंगे, जिससे भविष्य की हर नाकामी के लिए आसानी से बलि का बकरा मिल जाए।' BJP नेता ने इसे 'कांग्रेस का शासन मॉडल' करार दिया — जहाँ राजनीतिक नेतृत्व सुरक्षित रहता है और जवाबदेही प्रशासनिक पदानुक्रम के निचले स्तर पर धकेल दी जाती है।

जवाबदेही पर सीधा सवाल

अशोक ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से सीधे पूछा कि जवाबदेही 'BJP के शासन में ऊपर की ओर क्यों जाती है, लेकिन कांग्रेस के शासन में नीचे की ओर?' उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'एक देश। दो पैमाने। दिल्ली के लिए नैतिक उपदेश। कर्नाटक के लिए नौकरशाही के बलि के बकरे। यह जवाबदेही नहीं है। यह सबसे खराब तरह का राजनीतिक पाखंड है।'

शिवकुमार की पृष्ठभूमि: 70,000 पदों की भर्ती और पारदर्शिता का वादा

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने घोषणा की थी कि राज्य सरकार विभिन्न विभागों में 70,000 से अधिक रिक्त पदों को भरने के लिए बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान चला रही है। उन्होंने सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य करने और प्रश्न पत्रों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया था। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में परीक्षा और भर्ती गड़बड़ियों के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिन पर राजनीतिक बहस तेज़ है।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया और आगे की राह

अभी तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की कर्नाटक सरकार ने अशोक के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। BJP राज्य सरकार से अधिक पारदर्शिता और भर्ती प्रणाली में संरचनात्मक सुधार की माँग पर अड़ी है। आने वाले दिनों में यह विवाद कर्नाटक विधानसभा में भी गूँज सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर यह भी सच है कि 70,000 पदों की भर्ती और CCTV अनिवार्यता जैसे कदम ठोस दिशा में हैं। दोनों पक्षों की बयानबाज़ी के बीच छात्रों के हित और परीक्षा प्रणाली का वास्तविक सुधार हाशिये पर न चला जाए — यही असली जवाबदेही का पैमाना है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आर. अशोक ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
कर्नाटक में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विपक्ष में रहने पर जवाबदेही का उपदेश देती है, लेकिन सत्ता में आने पर भर्ती गड़बड़ियों की जिम्मेदारी निचले अधिकारियों पर डाल देती है। उन्होंने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और CM शिवकुमार को 'एक पाखंड के तीन चेहरे' कहा।
CM शिवकुमार ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर क्या कहा था?
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा था कि प्रश्न पत्र लीक या भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी होने पर अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरे अनिवार्य करने और प्रश्न पत्रों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की बात भी कही थी।
कर्नाटक में कितने पदों पर भर्ती हो रही है?
मुख्यमंत्री शिवकुमार के अनुसार राज्य सरकार अलग-अलग विभागों में 70,000 से अधिक रिक्त पदों को भरने के लिए बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान चला रही है। इसी अभियान की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर यह राजनीतिक विवाद उठा है।
BJP ने कांग्रेस के 'दोहरे मापदंड' का क्या उदाहरण दिया?
BJP नेता अशोक ने कहा कि कांग्रेस का 'इकोसिस्टम' BJP शासन में इस्तीफे और ऊपर तक जवाबदेही की माँग करता है, जबकि कर्नाटक में अपनी सरकार की नाकामियों की जिम्मेदारी डिप्टी कमिश्नरों जैसे निचले अधिकारियों पर डाल दी जाती है। उन्होंने इसे 'राजनीतिक नेतृत्व को बचाने का मॉडल' कहा।
कांग्रेस ने इन आरोपों का जवाब दिया?
अभी तक कर्नाटक की कांग्रेस सरकार या पार्टी ने आर. अशोक के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह विवाद कर्नाटक में परीक्षा और भर्ती गड़बड़ियों को लेकर चल रही व्यापक राजनीतिक बहस का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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