केपीएससी भर्ती घोटाले में आर. अशोक का बड़ा दावा: कांग्रेस सरकार का एक और मंत्री गँवाएगा कुर्सी
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने 1 सितंबर 2026 को दावा किया कि कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) भर्ती घोटाले की आँच में कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार का एक और मंत्री अपनी कुर्सी खो सकता है। उन्होंने आदिवासी कल्याण घोटाले में पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे को उदाहरण के रूप में रखते हुए यह आरोप लगाया।
मुख्य घटनाक्रम
मंगलवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए आर. अशोक ने कहा कि केपीएससी घोटाले में कांग्रेस के कई नेता संलिप्त हैं और इस संबंध में कई दस्तावेज सार्वजनिक हो चुके हैं। उन्होंने क्रिकेट की भाषा में कहा, 'डी.के. शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद संभालने के तीन महीने के भीतर ही एक विकेट गिर चुका है — एक और विकेट गिरने के लिए तैयार है।' अशोक ने यह भी आरोप लगाया कि केपीएससी घोटाले के पीछे 'प्रभावशाली लोग' हैं और जल्द ही उनका पर्दाफाश होगा।
सरकार की प्रतिक्रिया
कर्नाटक के गृह, सूचना प्रौद्योगिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियांक खड़गे ने अशोक के दावों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया। उन्होंने कहा कि BJP नेता असल में कांग्रेस को 'फुल टॉस गेंदें' दे रहे हैं। खड़गे ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'भाजपा में जो लोग हैं, वे गेंदबाज हैं और हमें फुल टॉस दे रहे हैं — हमें फ्री हिट मिल रही है। अंपायर कोई भी हो, आउट तो वही होंगे।' मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वे केपीएससी भर्ती प्रक्रिया में अपनी भूमिका से जुड़े किसी भी आरोप का सामना करने को तैयार हैं।
बसवराज कन्नाले प्रकरण और BJP पर पलटवार
खड़गे ने आक्रामक रुख अपनाते हुए केपीएससी घोटाले के कथित आरोपी बसवराज कन्नाले — जिन्हें बीदर से गिरफ्तार बताया जा रहा है — के BJP नेताओं के साथ संबंधों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कन्नाले की तस्वीरों में वैसी ही शॉल दिखती है जैसी आर. अशोक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहनी है, और उन तस्वीरों में पार्टी का निशान भी नज़र आता है।
पृष्ठभूमि: नागेंद्र इस्तीफे से जुड़ा संदर्भ
गौरतलब है कि पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र को आदिवासी कल्याण निगम से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में अपना पद छोड़ना पड़ा था। अशोक उसी घटनाक्रम को आधार बनाकर केपीएससी घोटाले में भी इसी तरह की कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पहले से ही कई विवादों से घिरी हुई है।
क्या होगा आगे
केपीएससी भर्ती घोटाले की जाँच अभी जारी बताई जा रही है। विपक्ष का दबाव बढ़ने के साथ यह मामला कर्नाटक की राजनीति में आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है। कांग्रेस सरकार ने अब तक किसी नए मंत्री के इस्तीफे की संभावना से इनकार किया है।