मेहसाणा में एसीबी का जाल: रिश्वत लेते पुलिस कॉन्स्टेबल कांजी चौधरी समेत दो गिरफ्तार, ₹83,000 बरामद
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मेहसाणा जिले के सतलासाना पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिस कॉन्स्टेबल कांजी चौधरी और स्थानीय निवासी आशीष चौधरी को एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने ₹83,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। 31 अगस्त 2026 (सोमवार) को बिछाए गए इस जाल में एसीबी ने पूरी रिश्वत राशि मौके पर ही बरामद कर ली। यह कार्रवाई एसीबी की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 पर शिकायतकर्ता की सूचना के बाद अंजाम दी गई।
मामले की पृष्ठभूमि
एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ता और कई अन्य लोगों के खिलाफ सतलासाना पुलिस स्टेशन में जुए का मामला दर्ज था। इस मामले में उन्हें पुलिस स्टेशन में पेश होना था। एसीबी का आरोप है कि कॉन्स्टेबल कांजी चौधरी ने शिकायतकर्ता से ₹1 लाख की माँग की — यह धमकी देते हुए कि रकम न देने पर पुलिस स्टेशन में पेश होने पर उनके साथ मारपीट की जाएगी।
बातचीत के बाद रिश्वत की राशि घटाकर ₹83,000 तय हुई और सोमवार को भुगतान पर सहमति बनी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने एसीबी की हेल्पलाइन 1064 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।
एसीबी का जाल और गिरफ्तारी
शिकायत के आधार पर अहमदाबाद एसीबी फील्ड-3 के पुलिस इंस्पेक्टर डीबी मेहता और उनकी टीम ने 31 अगस्त को जाल बिछाया। ऑपरेशन के दौरान दोनों आरोपी शिकायतकर्ता के साथ फोन पर संपर्क में रहे। रिश्वत का लेन-देन सतलासाना में सूरज कॉम्प्लेक्स के सामने एक सार्वजनिक सड़क पर आरोपी के एक परिचित की कार में हुआ।
लेन-देन पूरा होते ही एसीबी की टीम ने दोनों आरोपियों — कॉन्स्टेबल कांजी चौधरी और नवावास-राजपुर, चौधरी वास, सतलासाना निवासी आशीष चौधरी — को मौके पर दबोच लिया। पूरी रिश्वत राशि ₹83,000 बरामद कर ली गई।
आगे की जाँच
अधिकारियों के अनुसार, इस अपराध के सिलसिले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है। जाँच में यह भी पता लगाया जाएगा कि अतीत में भी कॉन्स्टेबल कांजी चौधरी से जुड़े ऐसे मामले सामने आए थे या नहीं। 1 सितंबर को अधिकारियों ने इस कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी दी।
आम जनता पर असर
यह मामला इस बात को उजागर करता है कि एसीबी की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 किस तरह पुलिस भ्रष्टाचार के खिलाफ आम नागरिकों के लिए एक प्रभावी हथियार बन रही है। गौरतलब है कि गुजरात में हाल के महीनों में एसीबी ने कई सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है, जो भ्रष्टाचार विरोधी अभियान की सक्रियता को दर्शाता है। इस गिरफ्तारी के बाद सतलासाना पुलिस स्टेशन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।