1 सितंबर 2026
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मेहसाणा में एसीबी का जाल: रिश्वत लेते पुलिस कॉन्स्टेबल कांजी चौधरी समेत दो गिरफ्तार, ₹83,000 बरामद

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मेहसाणा में एसीबी का जाल: रिश्वत लेते पुलिस कॉन्स्टेबल कांजी चौधरी समेत दो गिरफ्तार, ₹83,000 बरामद

सारांश

गुजरात के मेहसाणा में एसीबी ने सोमवार को जाल बिछाकर सतलासाना पुलिस स्टेशन के कॉन्स्टेबल कांजी चौधरी और स्थानीय निवासी आशीष चौधरी को ₹83,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा। आरोप है कि कॉन्स्टेबल ने जुए के मामले में फँसे शिकायतकर्ता से मारपीट न करने के बदले यह रकम माँगी थी।

मुख्य बातें

एसीबी ने 31 अगस्त 2026 को मेहसाणा, गुजरात में जाल बिछाकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में सतलासाना पुलिस स्टेशन के कॉन्स्टेबल कांजी चौधरी और स्थानीय निवासी आशीष चौधरी शामिल हैं।
कॉन्स्टेबल ने शिकायतकर्ता से पहले ₹1 लाख माँगे, बातचीत के बाद रकम ₹83,000 तय हुई।
रिश्वत का लेन-देन सूरज कॉम्प्लेक्स के सामने एक सार्वजनिक सड़क पर कार में हुआ; पूरी राशि बरामद।
ऑपरेशन अहमदाबाद एसीबी फील्ड-3 के पुलिस इंस्पेक्टर डीबी मेहता की टीम ने अंजाम दिया।
जाँच में यह पता लगाया जाएगा कि अतीत में भी आरोपी कॉन्स्टेबल से जुड़े ऐसे मामले थे या नहीं।

गुजरात के मेहसाणा जिले के सतलासाना पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिस कॉन्स्टेबल कांजी चौधरी और स्थानीय निवासी आशीष चौधरी को एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने ₹83,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। 31 अगस्त 2026 (सोमवार) को बिछाए गए इस जाल में एसीबी ने पूरी रिश्वत राशि मौके पर ही बरामद कर ली। यह कार्रवाई एसीबी की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 पर शिकायतकर्ता की सूचना के बाद अंजाम दी गई।

मामले की पृष्ठभूमि

एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ता और कई अन्य लोगों के खिलाफ सतलासाना पुलिस स्टेशन में जुए का मामला दर्ज था। इस मामले में उन्हें पुलिस स्टेशन में पेश होना था। एसीबी का आरोप है कि कॉन्स्टेबल कांजी चौधरी ने शिकायतकर्ता से ₹1 लाख की माँग की — यह धमकी देते हुए कि रकम न देने पर पुलिस स्टेशन में पेश होने पर उनके साथ मारपीट की जाएगी।

बातचीत के बाद रिश्वत की राशि घटाकर ₹83,000 तय हुई और सोमवार को भुगतान पर सहमति बनी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने एसीबी की हेल्पलाइन 1064 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।

एसीबी का जाल और गिरफ्तारी

शिकायत के आधार पर अहमदाबाद एसीबी फील्ड-3 के पुलिस इंस्पेक्टर डीबी मेहता और उनकी टीम ने 31 अगस्त को जाल बिछाया। ऑपरेशन के दौरान दोनों आरोपी शिकायतकर्ता के साथ फोन पर संपर्क में रहे। रिश्वत का लेन-देन सतलासाना में सूरज कॉम्प्लेक्स के सामने एक सार्वजनिक सड़क पर आरोपी के एक परिचित की कार में हुआ।

लेन-देन पूरा होते ही एसीबी की टीम ने दोनों आरोपियों — कॉन्स्टेबल कांजी चौधरी और नवावास-राजपुर, चौधरी वास, सतलासाना निवासी आशीष चौधरी — को मौके पर दबोच लिया। पूरी रिश्वत राशि ₹83,000 बरामद कर ली गई।

आगे की जाँच

अधिकारियों के अनुसार, इस अपराध के सिलसिले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है। जाँच में यह भी पता लगाया जाएगा कि अतीत में भी कॉन्स्टेबल कांजी चौधरी से जुड़े ऐसे मामले सामने आए थे या नहीं। 1 सितंबर को अधिकारियों ने इस कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी दी।

आम जनता पर असर

यह मामला इस बात को उजागर करता है कि एसीबी की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 किस तरह पुलिस भ्रष्टाचार के खिलाफ आम नागरिकों के लिए एक प्रभावी हथियार बन रही है। गौरतलब है कि गुजरात में हाल के महीनों में एसीबी ने कई सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है, जो भ्रष्टाचार विरोधी अभियान की सक्रियता को दर्शाता है। इस गिरफ्तारी के बाद सतलासाना पुलिस स्टेशन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेहसाणा एसीबी कार्रवाई में किसे गिरफ्तार किया गया?
एसीबी ने सतलासाना पुलिस स्टेशन के कॉन्स्टेबल कांजी चौधरी और स्थानीय निवासी आशीष चौधरी को गिरफ्तार किया। दोनों को 31 अगस्त 2026 को ₹83,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
कॉन्स्टेबल ने रिश्वत क्यों माँगी थी?
एसीबी के अनुसार, कॉन्स्टेबल कांजी चौधरी ने शिकायतकर्ता से रिश्वत इसलिए माँगी ताकि जुए के मामले में पुलिस स्टेशन पेश होने पर उनके साथ मारपीट न की जाए। शुरुआत में ₹1 लाख माँगे गए, जो बातचीत के बाद ₹83,000 पर तय हुए।
एसीबी को इस मामले की जानकारी कैसे मिली?
शिकायतकर्ता ने एंटी-करप्शन ब्यूरो की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। इसी के आधार पर अहमदाबाद एसीबी फील्ड-3 के पुलिस इंस्पेक्टर डीबी मेहता की टीम ने जाल बिछाया।
रिश्वत का लेन-देन कहाँ हुआ?
रिश्वत की यह राशि सतलासाना में सूरज कॉम्प्लेक्स के सामने एक सार्वजनिक सड़क पर आरोपी के परिचित की कार में ली गई। एसीबी टीम ने लेन-देन पूरा होते ही दोनों आरोपियों को मौके पर गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में आगे क्या होगा?
अधिकारियों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है। जाँच में यह भी देखा जाएगा कि कॉन्स्टेबल कांजी चौधरी के खिलाफ अतीत में भी इस तरह के मामले दर्ज हुए थे या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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