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अयोध्या साइबर क्राइम थाने के 4 पुलिसकर्मी ₹2.80 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

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अयोध्या साइबर क्राइम थाने के 4 पुलिसकर्मी ₹2.80 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

सारांश

अयोध्या के साइबर क्राइम थाने में तैनात चार पुलिसकर्मी एक मामले से नाम हटाने के बदले ₹2.80 लाख की रिश्वत लेते पकड़े गए। ACB सीकर के ट्रैप ऑपरेशन में सब-इंस्पेक्टर यशवंत सिंह समेत तीन कॉन्स्टेबल गिरफ्तार — पुलिस तंत्र में भ्रष्टाचार का एक और बेनकाब चेहरा।

मुख्य बातें

ACB सीकर ने मंगलवार को ट्रैप ऑपरेशन में अयोध्या साइबर क्राइम थाने के 4 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों ने शिकायतकर्ता के भाई का नाम साइबर मामले से हटाने के बदले ₹2.80 लाख रिश्वत ली।
गिरफ्तार पुलिसकर्मी: सब-इंस्पेक्टर यशवंत सिंह , कॉन्स्टेबल पवन त्रिपाठी , सोहनलाल और गौरव चाराग ।
प्रारंभ में ₹4 लाख की माँग थी, जो बातचीत के बाद ₹2.80 लाख पर तय हुई।
ACB की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और IGP एस.
परिमाला की निगरानी में पूछताछ जारी।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।

एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) की सीकर यूनिट ने मंगलवार, 19 अगस्त 2025 को एक सुनियोजित ट्रैप ऑपरेशन के तहत उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में तैनात चार पुलिसकर्मियों को ₹2.80 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। ACB मुख्यालय के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में सब-इंस्पेक्टर सहित तीन कॉन्स्टेबल गिरफ्तार किए गए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मियों में सब-इंस्पेक्टर यशवंत सिंह और कॉन्स्टेबल पवन त्रिपाठी, सोहनलाल तथा गौरव चाराग शामिल हैं। आरोप है कि ये चारों शिकायतकर्ता के भाई का नाम अयोध्या के साइबर क्राइम थाने में दर्ज एक मामले से हटाने के एवज में रिश्वत की माँग कर रहे थे।

ACB के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद सोमवार को माँग की पुष्टि की गई। इस दौरान कॉन्स्टेबल गौरव चाराग ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से पहले ₹4 लाख की माँग की, जो बातचीत के बाद ₹2.80 लाख पर तय हुई।

ट्रैप ऑपरेशन का ब्यौरा

माँग की पुष्टि होने के बाद मंगलवार को ACB जयपुर के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल रामेश्वर सिंह की देखरेख में और ACB सीकर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय कुमार तथा पुलिस इंस्पेक्टर सुभाष मील की अगुआई में ट्रैप बिछाया गया। ऑपरेशन के दौरान कॉन्स्टेबल सोहनलाल ने अन्य तीनों आरोपियों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से ₹2.80 लाख कथित तौर पर स्वीकार किए, जिसके तुरंत बाद ACB की टीम ने सभी चारों को हिरासत में ले लिया।

आगे की जाँच

ACB की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और पुलिस महानिरीक्षक एस. परिमाला की निगरानी में आरोपियों से पूछताछ जारी है। ब्यूरो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई करेगा।

आम जनता पर असर

यह मामला इस लिहाज़ से गंभीर है क्योंकि आरोपी पुलिसकर्मी एक साइबर अपराध मामले में नाम हटाने के बदले रिश्वत ले रहे थे — जो कानून-व्यवस्था तंत्र में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को उजागर करता है। ACB ने जनता से अपील की है कि भ्रष्टाचार की किसी भी घटना की सूचना टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 या व्हाट्सएप नंबर 94135-02834 पर दी जाए। आगे की जाँच में यह स्पष्ट होगा कि इस रिश्वतखोरी का दायरा और कितना व्यापक था।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि आरोपी उत्तर प्रदेश के थाने में तैनात हैं — यह अंतरराज्यीय भ्रष्टाचार की जटिलता को रेखांकित करता है। असली सवाल यह है कि क्या इन चार गिरफ्तारियों से आगे जाँच होगी, या यह मामला भी केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सिमटकर रह जाएगा।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयोध्या के पुलिसकर्मियों को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
चारों पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता के भाई का नाम अयोध्या के साइबर क्राइम थाने में दर्ज एक मामले से हटाने के बदले ₹2.80 लाख की रिश्वत ली। ACB के ट्रैप ऑपरेशन में ये रंगे हाथ पकड़े गए।
गिरफ्तार पुलिसकर्मी कौन हैं?
गिरफ्तार पुलिसकर्मियों में सब-इंस्पेक्टर यशवंत सिंह और कॉन्स्टेबल पवन त्रिपाठी, सोहनलाल तथा गौरव चाराग शामिल हैं। ये सभी उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में तैनात थे।
ACB ने यह ट्रैप ऑपरेशन कैसे चलाया?
शिकायत मिलने के बाद सोमवार को रिश्वत की माँग की पुष्टि की गई। इसके बाद मंगलवार को ACB जयपुर के DIG रामेश्वर सिंह की देखरेख और ACB सीकर के ASP विजय कुमार व इंस्पेक्टर सुभाष मील की अगुआई में ट्रैप बिछाया गया, जिसमें कॉन्स्टेबल सोहनलाल को ₹2.80 लाख लेते पकड़ा गया।
इस मामले में आगे क्या होगा?
ACB भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करेगी। अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और IGP एस. परिमाला की निगरानी में आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
भ्रष्टाचार की शिकायत कहाँ दर्ज करा सकते हैं?
ACB के 24x7 टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 94135-02834 पर भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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