अयोध्या साइबर क्राइम थाने के 4 पुलिसकर्मी ₹2.80 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) की सीकर यूनिट ने मंगलवार, 19 अगस्त 2025 को एक सुनियोजित ट्रैप ऑपरेशन के तहत उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में तैनात चार पुलिसकर्मियों को ₹2.80 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। ACB मुख्यालय के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में सब-इंस्पेक्टर सहित तीन कॉन्स्टेबल गिरफ्तार किए गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मियों में सब-इंस्पेक्टर यशवंत सिंह और कॉन्स्टेबल पवन त्रिपाठी, सोहनलाल तथा गौरव चाराग शामिल हैं। आरोप है कि ये चारों शिकायतकर्ता के भाई का नाम अयोध्या के साइबर क्राइम थाने में दर्ज एक मामले से हटाने के एवज में रिश्वत की माँग कर रहे थे।
ACB के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद सोमवार को माँग की पुष्टि की गई। इस दौरान कॉन्स्टेबल गौरव चाराग ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से पहले ₹4 लाख की माँग की, जो बातचीत के बाद ₹2.80 लाख पर तय हुई।
ट्रैप ऑपरेशन का ब्यौरा
माँग की पुष्टि होने के बाद मंगलवार को ACB जयपुर के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल रामेश्वर सिंह की देखरेख में और ACB सीकर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय कुमार तथा पुलिस इंस्पेक्टर सुभाष मील की अगुआई में ट्रैप बिछाया गया। ऑपरेशन के दौरान कॉन्स्टेबल सोहनलाल ने अन्य तीनों आरोपियों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से ₹2.80 लाख कथित तौर पर स्वीकार किए, जिसके तुरंत बाद ACB की टीम ने सभी चारों को हिरासत में ले लिया।
आगे की जाँच
ACB की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और पुलिस महानिरीक्षक एस. परिमाला की निगरानी में आरोपियों से पूछताछ जारी है। ब्यूरो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई करेगा।
आम जनता पर असर
यह मामला इस लिहाज़ से गंभीर है क्योंकि आरोपी पुलिसकर्मी एक साइबर अपराध मामले में नाम हटाने के बदले रिश्वत ले रहे थे — जो कानून-व्यवस्था तंत्र में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को उजागर करता है। ACB ने जनता से अपील की है कि भ्रष्टाचार की किसी भी घटना की सूचना टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 या व्हाट्सएप नंबर 94135-02834 पर दी जाए। आगे की जाँच में यह स्पष्ट होगा कि इस रिश्वतखोरी का दायरा और कितना व्यापक था।