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गुजरात: ₹40,000 रिश्वत लेकर एसीबी ट्रैप से फरार हुआ पुलिस सब-इंस्पेक्टर, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मामला दर्ज

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गुजरात: ₹40,000 रिश्वत लेकर एसीबी ट्रैप से फरार हुआ पुलिस सब-इंस्पेक्टर, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मामला दर्ज

सारांश

गुजरात के कच्छ जिले में एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर ने ₹40,000 रिश्वत लेकर एसीबी के ट्रैप से भागने की कोशिश की — रकम जेब में, आरोपी फरार। यह घटना राज्य में पुलिस जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाती है।

मुख्य बातें

वायोर पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर इंद्रविजय सिंह गोहिल पर ₹50,000 रिश्वत मांगने का आरोप है।
बातचीत के बाद आरोपी ₹40,000 लेने पर राजी हुआ और भुज के गायत्री मंदिर गेट पर रकम ली।
रकम लेने के बाद आरोपी को शक हुआ और वह ₹40,000 लेकर एसीबी ट्रैप से फरार हो गया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज; एसीबी की टीमें आरोपी की तलाश में सक्रिय।
ट्रैप कार्रवाई कच्छ (पूर्व) एसीबी के पुलिस निरीक्षक जे.बी.
चौधरी की टीम ने संचालित की।
अप्रैल में नडियाद में जीएसटी अधिकारियों को ₹55 लाख रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया गया था — एसीबी की कार्रवाइयों का यह क्रम जारी है।

पश्चिम कच्छ जिले के वायोर पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिस सब-इंस्पेक्टर इंद्रविजय सिंह गोहिल ने 7 जुलाई को ₹40,000 की रिश्वत लेने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के ट्रैप से फरार होकर नई मुश्किलें खड़ी कर लीं। एसीबी ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश जारी है।

मामले का घटनाक्रम

शिकायतकर्ता वायोर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक आपराधिक मामले का आरोपी है। आरोप है कि क्लास-3 सब-इंस्पेक्टर इंद्रविजय सिंह गोहिल ने उसे परेशान न करने और उसकी फैक्ट्री का संचालन जारी रखने देने के बदले ₹50,000 की रिश्वत की मांग रखी। शिकायतकर्ता रिश्वत देने को तैयार नहीं था, इसलिए उसने एसीबी की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 पर संपर्क किया और गांधीधाम स्थित एसीबी कार्यालय में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

एसीबी का ट्रैप ऑपरेशन

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने जाल बिछाया। बातचीत के दौरान आरोपी सब-इंस्पेक्टर ₹50,000 की जगह ₹40,000 लेने पर राजी हो गया। एसीबी ने शिकायतकर्ता को सोमवार को भुज स्थित गायत्री मंदिर के गेट के पास तय रकम लेकर भेजा। एसीबी के अनुसार, रुपए लेने के बाद आरोपी को शक हो गया और वह ₹40,000 लेकर मौके से फरार हो गया।

जाँच टीम और कार्रवाई

यह पूरी ट्रैप कार्रवाई गांधीधाम स्थित कच्छ (पूर्व) एसीबी पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक जे.बी. चौधरी और उनकी टीम ने संचालित की। आरोपी के फरार होने के बावजूद एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

गुजरात एसीबी की व्यापक कार्रवाइयाँ

गुजरात एंटी करप्शन ब्यूरो राज्यभर में टोल-फ्री हेल्पलाइन और क्षेत्रीय इकाइयों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के आधार पर सार्वजनिक सेवकों के खिलाफ नियमित ट्रैप कार्रवाई करता है। गौरतलब है कि हाल के महीनों में एसीबी ने कई बड़े मामलों में कार्रवाई की है — अप्रैल में नडियाद में तैनात केंद्रीय जीएसटी के दो अधिकारियों को जब्त परिवहन वाहन छोड़ने के एवज में ₹55 लाख की रिश्वत की पहली किस्त लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।

आगे क्या होगा

फरार आरोपी सब-इंस्पेक्टर इंद्रविजय सिंह गोहिल की गिरफ्तारी के लिए एसीबी की टीमें सक्रिय हैं। मामला दर्ज होने के बाद विभागीय कार्रवाई भी अपेक्षित है। यह घटना गुजरात पुलिस विभाग में जवाबदेही के सवालों को एक बार फिर सामने लाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि ट्रैप तंत्र में भौतिक निगरानी की कमज़ोरी अभी भी बनी हुई है। गुजरात एसीबी की सक्रियता सराहनीय है, लेकिन जब तक फरार आरोपी पकड़े नहीं जाते और विभागीय कार्रवाई पूरी नहीं होती, यह ऑपरेशन अधूरा रहेगा। पुलिस विभाग में आंतरिक सतर्कता तंत्र को और मज़बूत करने की ज़रूरत इस घटना से फिर उजागर होती है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात एसीबी ट्रैप में पुलिस सब-इंस्पेक्टर पर क्या आरोप है?
वायोर पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर इंद्रविजय सिंह गोहिल पर आरोप है कि उन्होंने एक शिकायतकर्ता से उसकी फैक्ट्री का संचालन जारी रखने देने और परेशान न करने के बदले ₹50,000 की रिश्वत मांगी। बातचीत के बाद वे ₹40,000 लेने पर राजी हुए और रकम लेकर फरार हो गए।
एसीबी ट्रैप कहाँ और कैसे बिछाया गया?
एसीबी ने शिकायतकर्ता को सोमवार को भुज स्थित गायत्री मंदिर के गेट के पास ₹40,000 लेकर भेजा। रकम लेने के बाद आरोपी को शक हुआ और वह मौके से फरार हो गया। यह ट्रैप गांधीधाम स्थित कच्छ (पूर्व) एसीबी पुलिस स्टेशन के निरीक्षक जे.बी. चौधरी की टीम ने संचालित किया।
आरोपी सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है?
एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें सक्रिय हैं।
शिकायतकर्ता ने एसीबी से कैसे संपर्क किया?
शिकायतकर्ता ने पहले एसीबी की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 पर संपर्क किया और फिर गांधीधाम स्थित एसीबी कार्यालय में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। यह हेल्पलाइन गुजरात में भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराने का प्रमुख माध्यम है।
गुजरात एसीबी ने हाल में और कौन-सी बड़ी कार्रवाई की है?
अप्रैल में नडियाद में तैनात केंद्रीय जीएसटी के दो अधिकारियों को जब्त परिवहन वाहन छोड़ने के एवज में ₹55 लाख की रिश्वत की पहली किस्त लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। एसीबी राज्यभर में नियमित ट्रैप कार्रवाइयाँ करता रहता है।
राष्ट्र प्रेस
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