रिश्वतखोरी पर CBI का शिकंजा: तीस हजारी कोर्ट रीडर संजीव सदाना ₹20,000 लेते गिरफ्तार

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रिश्वतखोरी पर CBI का शिकंजा: तीस हजारी कोर्ट रीडर संजीव सदाना ₹20,000 लेते गिरफ्तार

सारांश

CBI ने तीस हजारी कोर्ट के रीडर संजीव सदाना को जमानत दिलाने के बदले ₹20,000 रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोपी ने कुल ₹30,000 की मांग की थी। यह गिरफ्तारी 23 अप्रैल को ट्रैप ऑपरेशन के जरिए हुई।

Key Takeaways

  • संजीव सदाना, तीस हजारी कोर्ट के एएसजे-2 में तैनात रीडर, को CBI ने 23 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया।
  • आरोपी ने मुवक्किल की जमानत अर्जी मंजूर करवाने के बदले कुल ₹30,000 रिश्वत मांगी थी।
  • CBI ने ट्रैप ऑपरेशन में ₹20,000 की पहली किस्त लेते समय आरोपी को रंगेहाथ पकड़ा।
  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज, जांच जारी।
  • CBI ने नागरिकों से रिश्वत की शिकायत हेल्पलाइन 011-24367887 पर देने की अपील की।
  • यह मामला न्यायिक परिसरों में भ्रष्टाचार की गंभीर समस्या को उजागर करता है।

नई दिल्ली, 23 अप्रैल: भ्रष्टाचार के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 23 अप्रैल 2025 को तीस हजारी कोर्ट में एएसजे-2 के पद पर तैनात रीडर संजीव सदाना को ₹20,000 रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी एक सुनियोजित ट्रैप ऑपरेशन के तहत की गई, जो एक शिकायतकर्ता की शिकायत के आधार पर अंजाम दिया गया।

क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता ने CBI को बताया कि आरोपी रीडर संजीव सदाना ने उसके मुवक्किल की जमानत अर्जी स्वीकृत करवाने के एवज में कुल ₹30,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। सौदे के अनुसार यह राशि किस्तों में दी जानी थी।

CBI ने शिकायत मिलते ही तत्काल संज्ञान लिया और एक कड़ा जाल बिछाने की रणनीति तैयार की। 23 अप्रैल को जब आरोपी ने शिकायतकर्ता से पहली किस्त के रूप में ₹20,000 की रिश्वत ली, उसी क्षण CBI की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।

आरोपी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई

CBI ने संजीव सदाना के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि आरोपी के खिलाफ आगे की जांच जारी है और यह पूरी कार्रवाई CBI की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) द्वारा संचालित की गई।

CBI अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के ट्रैप ऑपरेशन उन सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध चलाए जाते हैं जो अपने पद का दुरुपयोग कर आम नागरिकों से अवैध वसूली करते हैं।

न्यायपालिका परिसर में भ्रष्टाचार — एक गंभीर चिंता

यह मामला इसलिए भी अत्यंत गंभीर है क्योंकि आरोपी एक न्यायिक परिसर में कार्यरत था। तीस हजारी कोर्ट दिल्ली की सबसे बड़ी और व्यस्ततम अदालतों में से एक है, जहाँ हजारों वादकारी प्रतिदिन न्याय की उम्मीद लेकर आते हैं। ऐसे में अदालत के भीतर बैठे किसी कर्मचारी द्वारा जमानत जैसे संवेदनशील मामले में रिश्वत मांगना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी गहरा प्रश्नचिह्न लगाता है।

गौरतलब है कि CBI पिछले कुछ वर्षों में न्यायिक और प्रशासनिक परिसरों में भ्रष्टाचार के मामलों पर विशेष नजर रख रही है। यह 2025 में दिल्ली की अदालतों से जुड़ा इस तरह का उल्लेखनीय मामला है, जो दर्शाता है कि भ्रष्टाचार की जड़ें न्यायिक ढांचे तक भी पहुंच चुकी हैं।

CBI की नागरिकों से अपील

CBI ने आम जनता से आग्रह किया है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करे, तो उसकी सूचना तुरंत एजेंसी को दें। शिकायत के लिए नागरिक ACB कार्यालय, CGO कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड, नई दिल्ली में संपर्क कर सकते हैं।

इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर 011-24367887 और मोबाइल नंबर 9650394847 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। CBI ने स्पष्ट किया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।

इस मामले में आगे की जांच जारी है और संभावना है कि CBI आरोपी के संपर्कों व अन्य संदिग्ध लेन-देन की भी पड़ताल करेगी। आने वाले दिनों में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल होने पर मामले की पूरी तस्वीर और स्पष्ट होगी।

Point of View

वही यदि दलाल बन जाए, तो आम नागरिक किस पर भरोसा करे? CBI की यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसे मामले शिकायत के बाद ही सामने आते हैं — तो क्या न्यायिक परिसरों में भ्रष्टाचार की आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर्याप्त है? यह मामला न्यायपालिका के प्रशासनिक ढांचे में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को और पुख्ता करता है।
NationPress
23/04/2026

Frequently Asked Questions

तीस हजारी कोर्ट में CBI ने किसे और क्यों गिरफ्तार किया?
CBI ने तीस हजारी कोर्ट के रीडर संजीव सदाना को गिरफ्तार किया, जो एएसजे-2 में तैनात थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक वादकारी के मुवक्किल की जमानत अर्जी स्वीकृत करवाने के बदले ₹30,000 रिश्वत मांगी और ₹20,000 की पहली किस्त लेते पकड़े गए।
CBI ने यह गिरफ्तारी कैसे की?
शिकायत मिलने के बाद CBI ने 23 अप्रैल 2025 को एक ट्रैप ऑपरेशन चलाया। जब आरोपी ने शिकायतकर्ता से ₹20,000 की पहली किस्त ली, उसी समय CBI टीम ने उसे मौके पर रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
संजीव सदाना के खिलाफ कौन-सी धाराएं लगाई गई हैं?
आरोपी संजीव सदाना के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। CBI ने बताया कि आगे की जांच जारी है।
रिश्वत की शिकायत CBI को कैसे दें?
नागरिक CBI की एंटी करप्शन ब्रांच, CGO कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड, नई दिल्ली में संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा हेल्पलाइन 011-24367887 या मोबाइल 9650394847 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
क्या न्यायालय परिसरों में भ्रष्टाचार के मामले पहले भी सामने आए हैं?
हाँ, न्यायिक परिसरों में कर्मचारियों द्वारा रिश्वत के मामले पहले भी दर्ज हुए हैं। CBI की एंटी करप्शन ब्रांच ऐसे मामलों पर विशेष नजर रखती है और ट्रैप ऑपरेशन के जरिए कार्रवाई करती है।
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