भारतीय जहाजों पर 24 घंटे में कोई फायरिंग नहीं — विदेश मंत्रालय की बड़ी जानकारी

Click to start listening
भारतीय जहाजों पर 24 घंटे में कोई फायरिंग नहीं — विदेश मंत्रालय की बड़ी जानकारी

सारांश

पश्चिम एशिया तनाव के बीच विदेश मंत्रालय ने राहत भरी खबर दी — 24 घंटे में कोई भारतीय जहाज निशाना नहीं बना। 2,680+ नाविक सुरक्षित, 12 लाख से अधिक यात्री स्वदेश लौटे। भारत ने शांति और कूटनीति का रास्ता अपनाने का आग्रह दोहराया।

Key Takeaways

  • 24 घंटों में कोई हमला नहीं: विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि बीते 24 घंटों में किसी भारतीय जहाज पर फायरिंग नहीं हुई।
  • 2,680+ नाविक सुरक्षित: शिपिंग महानिदेशालय ने 2,680 से अधिक भारतीय नाविकों को स्वदेश वापस लाया, जिनमें पिछले 24 घंटों में 65 शामिल हैं।
  • 12 लाख यात्री वापस: 28 फरवरी से अब तक 12 लाख से अधिक यात्री भारत लौट चुके हैं।
  • 24x7 हेल्पलाइन सक्रिय: विदेश मंत्रालय का विशेष कंट्रोल रूम और क्षेत्रीय मिशन चौबीसों घंटे सेवा में हैं।
  • भारत के सभी बंदरगाह सामान्य: संयुक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि देशभर के बंदरगाहों पर कामकाज पूरी तरह सुरक्षित और सामान्य है।
  • भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता जारी: भारतीय टीम वॉशिंगटन में द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर रचनात्मक वार्ता कर रही है।

नई दिल्ली, 23 अप्रैल 2024पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच विदेश मंत्रालय (MEA) ने राहत भरी जानकारी दी है कि बीते 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज पर कोई फायरिंग की घटना दर्ज नहीं हुई है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जितनी भी गोलीबारी की घटनाएं सामने आई हैं, वे सभी विदेशी झंडे वाले जहाजों पर हुई हैं। भारत सरकार क्षेत्र में फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस — मुख्य बातें

विदेश मंत्रालय में खाड़ी मामलों के अतिरिक्त सचिव असीम आर. महाजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि एक विशेष कंट्रोल रूम चालू किया गया है जिसमें क्षेत्र के सभी भारतीय मिशन 24x7 हेल्पलाइन संचालित कर रहे हैं। ये मिशन स्थानीय प्रशासन, राज्य सरकारों और सामुदायिक संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर नागरिकों — विशेषकर नाविकों — को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।

उड़ान परिचालन और निकासी की स्थिति

असीम आर. महाजन ने जानकारी दी कि 28 फरवरी से अब तक 12 लाख से अधिक यात्री भारत वापस आ चुके हैं। यूएई, सऊदी अरब, ओमान और बहरीन से अतिरिक्त उड़ानें संचालित की जा रही हैं।

कुछ हवाई क्षेत्रों पर अभी भी प्रतिबंध जारी है, लेकिन वैकल्पिक मार्ग — जिनमें ईरान से आर्मेनिया और अजरबैजान होकर जाने वाले रास्ते शामिल हैं — सुगम किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों और नाविकों सहित सभी भारतीय नागरिकों को यात्रा और कॉन्सुलर सहायता दी जा रही है।

नाविकों की सुरक्षा — संयुक्त सचिव का बयान

विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि इस पूरे क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। शिपिंग महानिदेशालय के माध्यम से अब तक 2,680 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित स्वदेश लाया जा चुका है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 65 नाविक शामिल हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत के सभी बंदरगाहों पर कामकाज पूरी तरह सामान्य और सुरक्षित है। कहीं भी किसी प्रकार के जाम या व्यवधान की कोई सूचना नहीं है। मुकेश मंगल ने पुष्टि की कि बीते 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज पर गोलीबारी नहीं हुई और जो भी हमले हुए वे विदेशी झंडे वाले जहाजों पर हुए।

भारत की विदेश नीति — शांति और कूटनीति का आग्रह

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत की नीति स्पष्ट है — भारत सदैव शांति का पक्षधर रहा है। उन्होंने कहा कि सभी मतभेद कूटनीति और संवाद के माध्यम से सुलझाए जाने चाहिए।

यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान-इजरायल तनाव अपने चरम पर है और लाल सागर में हूती विद्रोहियों के हमलों के कारण वैश्विक समुद्री व्यापार मार्ग बाधित हो रहे हैं। भारत की इस क्षेत्र में गहरी आर्थिक और सामरिक रुचि है, क्योंकि 90 लाख से अधिक भारतीय प्रवासी खाड़ी देशों में निवास करते हैं।

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता — वॉशिंगटन में टीम तैनात

रणधीर जायसवाल ने यह भी बताया कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर वार्ता के लिए भारतीय टीम वॉशिंगटन में मौजूद है। उन्होंने कहा कि यह वार्ता रचनात्मक तरीके से आगे बढ़ रही है और दोनों पक्ष संतुलित लाभ के लिए प्रयासरत हैं।

गौरतलब है कि अमेरिकी टैरिफ नीति में हालिया बदलावों के बाद भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों में नई गतिशीलता देखी जा रही है। इस वार्ता का परिणाम न केवल द्विपक्षीय संबंधों बल्कि भारत के निर्यात क्षेत्र पर भी दूरगामी प्रभाव डाल सकता है।

आने वाले दिनों में विदेश मंत्रालय पश्चिम एशिया की स्थिति पर नजर बनाए रखेगा और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त निकासी उड़ानें व कॉन्सुलर सहायता का विस्तार किया जाएगा।

Point of View

न ईरान को। लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब संघर्ष और गहरा होगा और भारत को स्पष्ट पक्ष लेने का दबाव बढ़ेगा। 90 लाख प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और खाड़ी से आने वाले रेमिटेंस — जो भारत की अर्थव्यवस्था की एक बड़ी धुरी है — इस संतुलन की असली कीमत हैं। यह भी विचारणीय है कि लाल सागर संकट के कारण भारत के आयात-निर्यात लागत में पहले ही बढ़ोतरी हो चुकी है, जिसका बोझ अंततः आम उपभोक्ता पर पड़ रहा है — यह पहलू मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर गायब रहता है।
NationPress
23/04/2026

Frequently Asked Questions

क्या पिछले 24 घंटों में किसी भारतीय जहाज पर हमला हुआ?
नहीं, विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव मुकेश मंगल ने पुष्टि की है कि बीते 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज पर फायरिंग नहीं हुई। जो हमले हुए वे विदेशी झंडे वाले जहाजों पर हुए।
पश्चिम एशिया संकट में कितने भारतीय नाविकों को वापस लाया गया?
शिपिंग महानिदेशालय के माध्यम से अब तक 2,680 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित स्वदेश लाया जा चुका है। पिछले 24 घंटों में ही 65 नाविकों को वापस लाया गया।
खाड़ी संकट में भारतीय यात्रियों की वापसी की क्या स्थिति है?
28 फरवरी से अब तक 12 लाख से अधिक यात्री भारत वापस आ चुके हैं। यूएई, सऊदी अरब, ओमान और बहरीन से अतिरिक्त उड़ानें चलाई जा रही हैं।
पश्चिम एशिया संकट पर भारत का रुख क्या है?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत शांति का पक्षधर है और सभी विवादों को कूटनीति व संवाद से सुलझाने का समर्थन करता है। भारत किसी भी पक्ष में खुलकर शामिल नहीं हुआ है।
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता की ताजा स्थिति क्या है?
विदेश मंत्रालय के अनुसार भारतीय टीम वॉशिंगटन में द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर वार्ता कर रही है। यह वार्ता रचनात्मक तरीके से आगे बढ़ रही है और दोनों पक्ष संतुलित लाभ के लिए प्रयासरत हैं।
Nation Press