डीजीसीए का इंडिगो को बड़ा झटका: दिसंबर 2025 हवाई किराया सीमा उल्लंघन पर जारी हुआ चेतावनी पत्र
सारांश
Key Takeaways
- डीजीसीए ने इंडिगो को दिसंबर 2025 की अस्थायी हवाई किराया सीमा के उल्लंघन पर औपचारिक चेतावनी पत्र जारी किया।
- इंटरग्लोब एविएशन ने 24 अप्रैल 2025 को स्टॉक एक्सचेंजों को इस चेतावनी की जानकारी दी, जबकि पत्र 21 अप्रैल को मिला था।
- इंडिगो ने अतिरिक्त किराया वसूले गए यात्रियों को रिफंड दे दिया है और सभी सुधारात्मक कदम पूरे कर लिए हैं।
- NSE पर इंटरग्लोब एविएशन का शेयर 1%25 से अधिक गिरकर ₹4,567.20 पर बंद हुआ; छह महीनों में 20%25 की गिरावट।
- स्टॉक का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर ₹6,232.50 और न्यूनतम स्तर ₹3,895.20 रहा।
- इंडिगो ने 2 अप्रैल 2025 से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज भी बढ़ाया है।
नई दिल्ली, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो को दिसंबर 2025 में सरकार द्वारा लागू की गई अस्थायी घरेलू हवाई किराया सीमा के उल्लंघन को लेकर औपचारिक चेतावनी पत्र जारी किया है। इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने गुरुवार, 24 अप्रैल 2025 को स्टॉक एक्सचेंजों को इसकी जानकारी दी।
क्या है पूरा मामला?
शेयर बाजारों में दाखिल एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, डीजीसीए का यह चेतावनी पत्र उस दौर के कुछ हवाई किरायों से जुड़ा है, जब केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किराया सीमाएं प्रभावी थीं। नियामक ने स्पष्ट किया है कि उस अवधि के दौरान इंडिगो ने कुछ मार्गों पर तय सीमा से अधिक किराया वसूला।
डीजीसीए ने एयरलाइन को निर्देश दिया है कि वह भविष्य में सरकारी आदेशों का सख्ती से पालन करे और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचे। यह पत्र एयरलाइन उद्योग में अनुपालन और जवाबदेही के लिहाज से एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
इंडिगो ने उठाए सुधारात्मक कदम
इंटरग्लोब एविएशन ने बताया कि एयरलाइन ने पहले ही सभी आवश्यक सुधारात्मक कदम उठा लिए हैं। इसमें सबसे अहम कदम यह है कि जिन यात्रियों से अतिरिक्त किराया वसूला गया था, उन्हें वह राशि वापस कर दी गई है।
एयरलाइन को डीजीसीए के इस पत्र की जानकारी मंगलवार, 21 अप्रैल 2025 को मिली थी। हालांकि, स्टॉक एक्सचेंजों को इसकी सूचना देने में हुई देरी के लिए एयरलाइन ने आंतरिक संचार में हुई चूक को जिम्मेदार ठहराया। कंपनी ने स्पष्ट किया कि इस मामले का उसके वित्तीय, परिचालन या अन्य गतिविधियों पर कोई उल्लेखनीय प्रभाव नहीं पड़ा है।
शेयर बाजार पर असर
इस खबर के बाद गुरुवार को एनएसई पर इंटरग्लोब एविएशन के शेयर 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ ₹4,567.20 प्रति शेयर पर बंद हुए। यह स्टॉक पिछले छह महीनों में 20 प्रतिशत से अधिक और चालू वर्ष में अब तक 10 प्रतिशत टूट चुका है।
एक साल के आधार पर इस एविएशन स्टॉक में करीब 18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। स्टॉक ने 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर ₹6,232.50 और न्यूनतम स्तर ₹3,895.20 छुआ है।
ईंधन शुल्क वृद्धि का दोहरा दबाव
गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में इंडिगो ने घोषणा की थी कि विमानन ईंधन (ATF) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के चलते वह 2 अप्रैल 2025 से की गई सभी नई बुकिंग पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज बढ़ाएगी।
यह दोहरा दबाव — एक ओर नियामकीय चेतावनी और दूसरी ओर बढ़ता ईंधन खर्च — इंडिगो के लिए वित्तीय और प्रतिष्ठा दोनों लिहाज से चुनौतीपूर्ण स्थिति बना रहा है।
व्यापक संदर्भ: किराया सीमा नीति की पृष्ठभूमि
केंद्र सरकार ने दिसंबर 2025 में त्योहारी और पीक सीजन के दौरान हवाई किरायों में असाधारण वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए अस्थायी किराया सीमा लागू की थी। यह कदम उस समय उठाया गया था जब यात्रियों की शिकायतें बढ़ रही थीं कि एयरलाइनें अंतिम समय की बुकिंग पर मनमाने किराए वसूल रही हैं।
यह पहली बार नहीं है जब डीजीसीए ने किसी एयरलाइन को किराया अनुपालन पर आगाह किया हो। कोविड-19 महामारी के बाद उड़ानें दोबारा शुरू होने पर भी 2022 में सरकार ने किराया सीमाएं लगाई थीं, जो करीब दो वर्षों तक प्रभावी रहीं। उस दौर में भी एयरलाइनों पर अनुपालन को लेकर सवाल उठे थे।
आने वाले समय में डीजीसीए की निगरानी और सख्त होने की संभावना है, खासकर जब घरेलू हवाई यात्री संख्या नए रिकॉर्ड छू रही है और किराए पर राजनीतिक संवेदनशीलता भी बढ़ रही है। यात्रियों और निवेशकों दोनों की नजर अब इंडिगो के अगले तिमाही नतीजों और नियामकीय अनुपालन रिपोर्ट पर रहेगी।