भारत-अमेरिका व्यापार: 2030 तक 500 अरब डॉलर का ऐतिहासिक लक्ष्य, राजदूत गोर ने बताई रणनीति
सारांश
Key Takeaways
- भारत और अमेरिका ने 2030 तक 500 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य निर्धारित किया है।
- अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने 23 अप्रैल 2025 को सोशल मीडिया पर बैठक की जानकारी साझा की।
- भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल जल्द ही वॉशिंगटन का दौरा करेगा और व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा।
- वर्तमान में भारत-अमेरिका व्यापार लगभग 190-200 अरब डॉलर है जिसे 2030 तक ढाई गुना बढ़ाना होगा।
- रक्षा सहयोग, पैक्स सिलिका तकनीकी गठबंधन और निवेश विस्तार इस साझेदारी के तीन प्रमुख स्तंभ हैं।
- राजदूत गोर ने अपने 100 दिन के कार्यकाल में भारत-अमेरिका संबंधों में तेज प्रगति की पुष्टि की है।
नई दिल्ली, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए एक अहम बैठक हुई, जिसमें दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक ले जाने के लक्ष्य को दोहराया। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस बैठक के बाद सोशल मीडिया के जरिए जानकारी साझा की और इसे दोनों देशों की साझेदारी के लिए मील का पत्थर बताया।
राजदूत गोर का बयान और बैठक का महत्व
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बोर्ड के साथ अमेरिका-भारत व्यापार और निवेश संबंधों को आगे बढ़ाने पर शानदार चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि हमारा ध्यान एक स्पष्ट लक्ष्य पर केंद्रित है: 2030 तक अमेरिका-भारत व्यापार को 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत में काम कर रही अमेरिकी कंपनियां अमेरिकी निर्यात को बढ़ावा दे रही हैं, व्यापार का विस्तार कर रही हैं, निवेश आकर्षित कर रही हैं और दोनों देशों की साझेदारी को और मजबूत बना रही हैं।
भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल का वॉशिंगटन दौरा
राजदूत सर्जियो गोर ने इससे पहले जानकारी दी थी कि भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल जल्द ही वॉशिंगटन का दौरा करेगा। यह दौरा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
गोर ने इसे दोनों देशों के लिए फायदे का सौदा बताते हुए कहा कि यह यात्रा व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देगी और आर्थिक सहयोग को ठोस जमीन पर खड़ा करेगी।
100 दिन का लेखा-जोखा और रणनीतिक साझेदारी
अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर भी राजदूत गोर ने भारत-अमेरिका संबंधों में तेज प्रगति का उल्लेख किया था। उन्होंने व्यापार समझौते, रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने को प्राथमिकता बताया।
गोर ने पैक्स सिलिका में भारत को शामिल करने की दिशा में हो रहे कार्य को भी अहम बताया। पैक्स सिलिका एक तकनीकी-रणनीतिक गठबंधन की अवधारणा है जो सेमीकंडक्टर और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देती है।
500 अरब डॉलर का लक्ष्य: कितना यथार्थवादी?
वर्तमान में भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार लगभग 190-200 अरब डॉलर के आसपास है। 2030 तक 500 अरब डॉलर का लक्ष्य हासिल करने के लिए इसे लगभग ढाई गुना बढ़ाना होगा, जो एक महत्वाकांक्षी लेकिन संभव लक्ष्य माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार रक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और फार्मा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर यह लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के अंतिम रूप लेने से इस दिशा में गति और तेज होने की उम्मीद है।
आगे की राह
भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल के वॉशिंगटन दौरे के बाद व्यापार समझौते की रूपरेखा स्पष्ट होने की संभावना है। दोनों देशों के बीच टैरिफ, बाजार पहुंच और निवेश नीतियों पर विस्तृत बातचीत अपेक्षित है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब वैश्विक व्यापार तनाव के बीच भारत अपनी आर्थिक कूटनीति को नई धार दे रहा है। आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच होने वाली उच्चस्तरीय बैठकें इस साझेदारी की दिशा तय करेंगी।