23 जुलाई 2026
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सीबीआई ने चंडीगढ़ पुलिस के एएसआई हितेश कुमार को ₹40,000 रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया

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सीबीआई ने चंडीगढ़ पुलिस के एएसआई हितेश कुमार को ₹40,000 रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया

सारांश

सीबीआई ने चंडीगढ़ पुलिस के एएसआई हितेश कुमार को सड़क दुर्घटना केस दबाने के बदले ₹40,000 की रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोचा। इसी दौरान कानपुर में बैंक ऑफ बड़ौदा के ब्रांच मैनेजर और बैंक मित्र को भी ₹25,000 रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया गया।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 7 जून 2026 को चंडीगढ़ के सेक्टर-39 पुलिस स्टेशन के एएसआई हितेश कुमार को ₹40,000 की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
आरोपी ने शुरू में ₹50,000 मांगे थे; बातचीत के बाद ₹40,000 पर सहमति बनी।
सीबीआई ने केस 6 जून को दर्ज किया और अगले दिन जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ा।
कानपुर में बैंक ऑफ बड़ौदा के ब्रांच मैनेजर गौरव वर्मा और बैंक मित्र राघवेंद्र को ₹25,000 रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया गया।
कानपुर मामले में शिकायतकर्ता ने दिसंबर 2023 में प्रधानमंत्री रोजगार कार्यक्रम के तहत ₹10 लाख का ऋण लिया था।
दोनों मामलों में जांच जारी है और आरोपियों को संबंधित अदालतों में पेश किया जाएगा।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 7 जून 2026 को चंडीगढ़ के सेक्टर-39 पुलिस स्टेशन में तैनात असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) हितेश कुमार को ₹40,000 की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि एएसआई ने एक सड़क दुर्घटना मामले में शिकायतकर्ता की गाड़ी छोड़ने और उसके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज न करने के बदले यह रकम मांगी थी।

मामले का पूरा घटनाक्रम

सीबीआई ने 6 जून को एक शिकायत के आधार पर यह केस दर्ज किया था। शिकायत के अनुसार, आरोपी एएसआई हितेश कुमार ने शुरू में शिकायतकर्ता से ₹50,000 की मांग की थी। बातचीत के बाद यह राशि ₹40,000 पर तय हुई। सीबीआई ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जाल बिछाया और आरोपी को रकम लेते हुए रंगेहाथ दबोच लिया।

तलाशी और आगे की कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीम आरोपी के ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही है। आरोपी एएसआई को चंडीगढ़ की सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा। जांच एजेंसी के अनुसार इस मामले में जांच अभी जारी है और आगे और खुलासे हो सकते हैं।

कानपुर में भी सीबीआई की कार्रवाई

इसी क्रम में सीबीआई ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के कानपुर में बैंक ऑफ बड़ौदा की नोनारी बुजुर्ग शाखा, जिला कानपुर देहात के ब्रांच मैनेजर गौरव वर्मा और बैंक मित्र राघवेंद्र को गिरफ्तार किया। इन पर एक लोन लाभार्थी से ₹25,000 की रिश्वत मांगने का आरोप है।

सीबीआई ने जाल बिछाकर आरोपी दलाल राघवेंद्र को शिकायतकर्ता से ब्रांच मैनेजर की ओर से ₹15,000 की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा। दोनों आरोपियों को बाद में लखनऊ की एक विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया।

कानपुर मामले की पृष्ठभूमि

शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता ने दिसंबर 2023 में सोलर आटा मिल स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री रोजगार कार्यक्रम के तहत बैंक ऑफ बड़ौदा की उक्त शाखा से ₹10 लाख का ऋण लिया था। सीबीआई ने इस मामले में 3 जून को केस दर्ज किया था। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय एजेंसियाँ सरकारी योजनाओं से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों में सक्रियता से कार्रवाई कर रही हैं।

आम जनता पर असर

ये दोनों मामले दर्शाते हैं कि सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार का सिलसिला पुलिस थानों से लेकर सरकारी बैंकों तक फैला हुआ है। सीबीआई की त्वरित कार्रवाई से आम नागरिकों में यह संदेश जाता है कि शिकायत दर्ज कराने पर जांच एजेंसी तत्परता से कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसे मामले शिकायत के बाद ही क्यों सामने आते हैं — आंतरिक निगरानी तंत्र इन्हें पहले क्यों नहीं पकड़ पाता।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने चंडीगढ़ पुलिस के एएसआई को क्यों गिरफ्तार किया?
सीबीआई ने एएसआई हितेश कुमार को एक सड़क दुर्घटना मामले में शिकायतकर्ता की गाड़ी छोड़ने और उसके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज न करने के बदले ₹40,000 की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोपी चंडीगढ़ के सेक्टर-39 पुलिस स्टेशन में तैनात था।
एएसआई हितेश कुमार ने कितनी रिश्वत मांगी थी?
आरोपी एएसआई ने शुरुआत में ₹50,000 की मांग की थी, लेकिन बातचीत के बाद ₹40,000 पर सहमति बनी। सीबीआई ने जाल बिछाकर आरोपी को यही रकम लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा।
कानपुर में बैंक ऑफ बड़ौदा के मामले में क्या हुआ?
सीबीआई ने बैंक ऑफ बड़ौदा की नोनारी बुजुर्ग शाखा के ब्रांच मैनेजर गौरव वर्मा और बैंक मित्र राघवेंद्र को ₹25,000 की रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता ने दिसंबर 2023 में प्रधानमंत्री रोजगार कार्यक्रम के तहत ₹10 लाख का ऋण लिया था, जिसके बाद उससे रिश्वत मांगी गई।
गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में कब पेश किया जाएगा?
चंडीगढ़ के एएसआई हितेश कुमार को चंडीगढ़ की सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा। कानपुर मामले के दोनों आरोपियों को लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जा चुका है।
क्या इन मामलों में आगे और जांच होगी?
हाँ, सीबीआई के अनुसार चंडीगढ़ मामले में आरोपी के ठिकानों पर तलाशी जारी है और जांच अभी चल रही है। दोनों मामलों में आगे और खुलासे हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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