30 जुलाई 2026
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सीबीआई ने असम के सिलचर में रेलवे इंजीनियर को ₹20,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया

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सीबीआई ने असम के सिलचर में रेलवे इंजीनियर को ₹20,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया

सारांश

सीबीआई ने असम के सिलचर में नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के एक सीनियर सेक्शन इंजीनियर को ₹20,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा। आरोपी ने ठेकेदार के ₹20 लाख के बिल को मंजूरी देने के बदले एक प्रतिशत कमीशन माँगा था। यह कार्रवाई रेलवे विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई के हालिया अभियान की कड़ी है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 14 जून 2026 को असम के सिलचर में नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर को गिरफ्तार किया।
आरोपी ने ठेकेदार के ₹20 लाख के बिल को मंजूरी देने के बदले ₹20,000 (कुल राशि का एक प्रतिशत ) रिश्वत माँगी।
सीबीआई ने जाल बिछाकर आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा।
आरोपी को गुवाहाटी की अदालत में पेश किया जाना था; उसके आवास पर तलाशी जारी रही।
इससे पहले सीबीआई ने उत्तर प्रदेश के संभल में नॉर्दर्न रेलवे के असिस्टेंट डिविजनल इंजीनियर और एक ट्रैकमेन को भी इसी तरह के मामले में गिरफ्तार किया था।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रविवार, 14 जून 2026 को असम के सिलचर में नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के एक सीनियर सेक्शन इंजीनियर को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी इंजीनियर पर एक ठेकेदार का लगभग ₹20 लाख का बिल मंजूर करने के बदले अवैध धनराशि माँगने का आरोप है।

मामले का घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, शिकायतकर्ता-सह-ठेकेदार का ₹20 लाख का भुगतान बिल नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के आरोपी अधिकारी के पास मंजूरी के लिए लंबित था। जब ठेकेदार ने बिल पास कराने के लिए आरोपी से संपर्क किया, तो उसने कुल बकाया राशि का एक प्रतिशत — यानी ₹20,000 — रिश्वत के रूप में अवैध तरीके से माँगा।

शिकायत मिलने पर सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी को शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि स्वीकार करते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। इसके तुरंत बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

कानूनी कार्रवाई और तलाशी

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई अधिकारी आरोपी को गुवाहाटी की अदालत में पेश कर हिरासत की माँग करने की तैयारी में थे। साथ ही, आरोपी के आवास पर तलाशी अभियान भी चलाया गया, जिसमें जाँच एजेंसी अतिरिक्त साक्ष्य जुटाने में लगी रही।

रेलवे में भ्रष्टाचार का व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब सीबीआई रेलवे विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर रही है। गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले इसी तरह के एक मामले में सीबीआई ने उत्तर प्रदेश के संभल में तैनात नॉर्दर्न रेलवे के एक असिस्टेंट डिविजनल इंजीनियर और उनके मातहत एक ट्रैकमेन को भी गिरफ्तार किया था। उन पर एक निजी कंपनी के रुके हुए बिलों को मंजूरी देने के बदले दो प्रतिशत कमीशन माँगने का आरोप था।

आलोचकों का कहना है कि ठेकेदारों के बिल-भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी ऐसे भ्रष्टाचार को पनपने का अवसर देती है। विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल भुगतान प्रणाली और स्वतंत्र ऑडिट तंत्र को मजबूत किए बिना इस तरह की घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लगाना मुश्किल है।

आगे क्या होगा

सीबीआई के अनुसार, अदालत में पेशी के बाद आरोपी की रिमांड माँगी जाएगी और जाँच आगे बढ़ाई जाएगी। आरोपी के आवास पर चल रही तलाशी से जाँच को नई दिशा मिल सकती है। नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे प्रशासन की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ एकल अधिकारी के पास मंजूरी की असीमित शक्ति भ्रष्टाचार को न्योता देती है। सीबीआई के जाल सफल रहे, लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसे कितने मामले बिना शिकायत के दब जाते हैं। रेलवे मंत्रालय को बिल-क्लियरेंस प्रक्रिया में बहु-स्तरीय डिजिटल ऑडिट लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे, अन्यथा ये गिरफ्तारियाँ प्रणालीगत सुधार के बजाय सतह-स्तरीय कार्रवाई बनकर रह जाएँगी।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने असम में किस रेलवे अधिकारी को गिरफ्तार किया?
सीबीआई ने नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के एक सीनियर सेक्शन इंजीनियर को सिलचर, असम में गिरफ्तार किया। आरोपी को एक ठेकेदार से ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए 14 जून 2026 को रंगे हाथों पकड़ा गया।
रेलवे इंजीनियर ने रिश्वत क्यों माँगी थी?
आरोपी इंजीनियर के पास ठेकेदार का लगभग ₹20 लाख का भुगतान बिल मंजूरी के लिए लंबित था। उसने इस बिल को प्रोसेस करने और पास करने के बदले कुल बकाया राशि का एक प्रतिशत — यानी ₹20,000 — रिश्वत के रूप में माँगा।
सीबीआई ने आरोपी को कैसे पकड़ा?
ठेकेदार की शिकायत पर सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी को ₹20,000 की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया गया।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी?
सीबीआई आरोपी को गुवाहाटी की अदालत में पेश कर हिरासत की माँग करने की तैयारी में थी। आवास पर चल रही तलाशी से अतिरिक्त साक्ष्य जुटाने की कोशिश की जा रही है और जाँच आगे बढ़ाई जाएगी।
क्या रेलवे में इस तरह के भ्रष्टाचार के अन्य मामले भी सामने आए हैं?
हाँ, कुछ ही दिन पहले सीबीआई ने उत्तर प्रदेश के संभल में नॉर्दर्न रेलवे के असिस्टेंट डिविजनल इंजीनियर और एक ट्रैकमेन को भी गिरफ्तार किया था। उन पर एक निजी कंपनी के बिलों को मंजूरी देने के बदले दो प्रतिशत कमीशन माँगने का आरोप था।
राष्ट्र प्रेस
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