15 अगस्त 2026
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सीबीआई ने भिलाई रेलवे इंजीनियर को ₹50,000 रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा, तलाशी में ₹77 लाख नगद बरामद

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सीबीआई ने भिलाई रेलवे इंजीनियर को ₹50,000 रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा, तलाशी में ₹77 लाख नगद बरामद

सारांश

भिलाई में तैनात दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के एक वरिष्ठ इंजीनियर को सीबीआई ने ₹50,000 की रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोचा। तलाशी में ₹77 लाख नगद और ₹14 लाख के गहने मिले। बिचौलिए समेत दोनों आरोपी 4 दिन की पुलिस हिरासत में हैं।

मुख्य बातें

सीबीआई ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, भिलाई के सीनियर डिविजनल मैकेनिकल इंजीनियर को ₹50,000 की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
आरोपी ने शिकायतकर्ता का लंबित बिल पास करने के बदले शुरू में ₹2 लाख माँगे थे, बाद में ₹1 लाख पर सहमत हुआ।
तलाशी में रायपुर और भिलाई के परिसरों से लगभग ₹77 लाख नगद और ₹14 लाख मूल्य के आभूषण बरामद।
रिश्वत आरोपी के निर्देश पर एक बिचौलिए के ज़रिए पहुँचाई गई; बिचौलिया भी गिरफ्तार।
अदालत ने दोनों आरोपियों को 14 अगस्त को 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा; जाँच जारी है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के भिलाई स्थित एक वरिष्ठ अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ मैकेनिकल इंजीनियर्स (IRSME) के अधिकारी हैं और सीनियर डिविजनल मैकेनिकल इंजीनियर के पद पर तैनात थे। इस मामले में एक बिचौलिया भी गिरफ्तार किया गया है।

मामले का घटनाक्रम

सीबीआई के अनुसार, यह मामला 13 अगस्त को दर्ज किया गया। आरोप है कि आरोपी इंजीनियर ने एक शिकायतकर्ता के लंबित बिल पास करने के एवज में ₹2 लाख की रिश्वत की माँग की थी। बातचीत के बाद आरोपी ₹1 लाख में सहमत हो गया और पहली किस्त के रूप में ₹50,000 स्वीकार करने पर राज़ी हुआ।

13 अगस्त को सीबीआई की टीम ने आरोपी इंजीनियर को ठीक उसी समय पकड़ा जब उसके निर्देश पर एक बिचौलिए ने शिकायतकर्ता से ₹50,000 की पहली किस्त लेकर उन तक पहुँचाई। इस दौरान बिचौलिए को भी मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

तलाशी में करोड़ों की संपत्ति उजागर

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने आरोपी अधिकारी के रायपुर और भिलाई स्थित आवासीय व कार्यालय परिसरों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान अधिकारियों को भारी मात्रा में नगदी और आभूषण मिले।

जाँच दल को परिसरों से लगभग ₹77 लाख नगद और करीब ₹14 लाख मूल्य के आभूषण बरामद हुए — जो एक सरकारी इंजीनियर की घोषित आय के अनुपात में संदिग्ध माने जा रहे हैं।

अदालत में पेशी और हिरासत

सीबीआई ने आरोपी सीनियर डिविजनल मैकेनिकल इंजीनियर और बिचौलिए दोनों को 14 अगस्त को सक्षम अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनों आरोपियों को 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जिससे सीबीआई को पूछताछ का अवसर मिलेगा।

जाँच की स्थिति

सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि मामले की जाँच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब रेलवे विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियाँ लगातार कार्रवाई कर रही हैं। गौरतलब है कि बिल पास कराने जैसे नियमित प्रशासनिक कार्यों के लिए रिश्वत माँगना सरकारी सेवा की आचार संहिता का गंभीर उल्लंघन है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 की रिश्वत की यह घटना महज एक अलग मामला नहीं — यह उस गहरी प्रणालीगत समस्या की झलक है जहाँ नियमित बिल पास करने जैसे काम भी भुगतान के बिना नहीं होते। तलाशी में मिले ₹77 लाख नगद यह सवाल उठाते हैं कि यह संचय कितने समय से और कितने शिकायतकर्ताओं की जेब से हुआ। रेलवे में ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ताओं के लंबित भुगतान की समस्या पुरानी है — और यही कमज़ोरी भ्रष्टाचार की उर्वर ज़मीन बनती है। सीबीआई की कार्रवाई स्वागत योग्य है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या जाँच केवल इस अधिकारी तक सीमित रहती है या पूरे नेटवर्क तक पहुँचती है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने भिलाई रेलवे इंजीनियर को किस आरोप में गिरफ्तार किया?
सीबीआई ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सीनियर डिविजनल मैकेनिकल इंजीनियर को एक शिकायतकर्ता का लंबित बिल पास करने के बदले ₹50,000 की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोपी ने मूल रूप से ₹2 लाख माँगे थे और बाद में ₹1 लाख पर सहमत हुआ था।
तलाशी में सीबीआई को क्या-क्या मिला?
रायपुर और भिलाई स्थित आरोपी के आवासीय व कार्यालय परिसरों की तलाशी में सीबीआई को लगभग ₹77 लाख नगद और करीब ₹14 लाख मूल्य के आभूषण बरामद हुए।
इस मामले में बिचौलिए की क्या भूमिका थी?
बिचौलिए ने आरोपी इंजीनियर के निर्देश पर शिकायतकर्ता से ₹50,000 की पहली किस्त लेकर अधिकारी तक पहुँचाई। इस कार्य में संलिप्तता के कारण बिचौलिए को भी मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी अधिकारी और बिचौलिए को अदालत ने क्या सज़ा सुनाई?
अदालत ने दोनों आरोपियों को 14 अगस्त को पेश किए जाने पर 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है। यह सज़ा नहीं, बल्कि जाँच के लिए हिरासत है; मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी।
सीबीआई की जाँच अभी किस चरण में है?
सीबीआई के अनुसार मामले की जाँच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। बरामद नगदी और आभूषणों के स्रोत की पड़ताल भी जाँच का हिस्सा होगी।
राष्ट्र प्रेस
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