सीबीआई ने रेलवे के मुख्य विद्युत अभियंता और दो अन्य को रिश्वतखोरी में गिरफ्तार किया
सारांश
Key Takeaways
- सीबीआई ने रेलवे के अभियंता को रिश्वतखोरी में गिरफ्तार किया।
- 40.54 करोड़ रुपए के निविदा आवंटन में अनियमितताएँ पाई गईं।
- 10 लाख रुपए की रिश्वत रंगे हाथों पकड़ी गई।
- तलाशी में 1.47 करोड़ रुपए की संपत्ति बरामद की गई।
- यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम का हिस्सा है।
नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक रिश्वतखोरी मामले में केंद्रीय रेलवे के मुख्य विद्युत वितरण अभियंता और दो निजी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।
सीबीआई ने 9 मार्च, 2026 को केंद्रीय रेलवे में मुख्य विद्युत वितरण अभियंता के पद पर कार्यरत भारतीय रेलवे विद्युत अभियंता सेवा के 2003 बैच के अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज किया।
यह मामला एक निजी कंपनी को 40.54 करोड़ रुपए के निविदा आवंटन में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोपी मुख्य विद्युत वितरण अभियंता ने निविदा आवंटन में निजी कंपनी के हितधारकों के साथ मिलकर 1 प्रतिशत यानी 40 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की।
सीबीआई ने जाल बिछाकर आरोपी को उस समय रंगे हाथों पकड़ा जब उसने एक निजी व्यक्ति से 10 लाख रुपए की रिश्वत ली थी।
पूछताछ के दौरान, मुख्य विद्युत वितरण अभियंता के कक्ष से 10 लाख रुपए की रिश्वत बरामद की गई। आरोपी और दो अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मुंबई, नवी मुंबई और कर्जत समेत 5 स्थानों पर आरोपियों के परिसरों में तलाशी ली गई। मुख्य विद्युत वितरण अभियंता के परिसर से 90.79 लाख रुपए नकद, 241.30 ग्राम सोने के आभूषण, 2577 ग्राम चांदी के आभूषण (42.52 लाख रुपए मूल्य के) और अन्य निवेश से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए।
इसके अलावा, आरोपी के कार्यालय से 3.85 लाख रुपए नकद भी बरामद किए गए, जिससे कुल बरामदगी 1.47 करोड़ रुपए हो गई। तलाशी के दौरान अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले।