17 अगस्त 2026
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विजयवाड़ा में CBI का बड़ा एक्शन: रेलवे इंजीनियर ₹15 लाख रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार

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विजयवाड़ा में CBI का बड़ा एक्शन: रेलवे इंजीनियर ₹15 लाख रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार

सारांश

CBI ने विजयवाड़ा में ₹179.50 करोड़ के रेलवे सिग्नलिंग ठेके में ₹7 करोड़ का बोनस दिलाने के एवज में ₹15 लाख रिश्वत लेते वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर बापीराजू को रंगेहाथों पकड़ा। निजी कंपनी के MD के बेटे श्रीचंद को भी गिरफ्तार किया गया; चार शहरों में एक साथ छापेमारी हुई।

मुख्य बातें

CBI ने 16 अगस्त 2026 को विजयवाड़ा में जाल बिछाकर वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर बापीराजू को ₹15 लाख रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया।
येला कंस्ट्रक्शंस के MD के बेटे श्रीचंद को भी गिरफ्तार किया गया; रिश्वत की पूरी रकम बरामद।
रिश्वत ₹179.50 करोड़ के ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग ठेके में लगभग ₹7 करोड़ के बोनस दावे को मंजूरी दिलाने के बदले दी जा रही थी।
आरोप है कि CSTE प्रोजेक्ट्स कार्यालय के अधिकारियों ने बोनस फाइल में तारीखों में हेरफेर किया।
दोनों आरोपियों को सोमवार, 17 अगस्त को विजयवाड़ा की विशेष CBI अदालत में पेश किया जाना था।
विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, पिथापुरम और हैदराबाद में एक साथ छापेमारी की गई।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 16 अगस्त 2026 को विजयवाड़ा में जाल बिछाकर दक्षिण मध्य रेलवे के एक वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर को ₹15 लाख की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया। इसी कार्रवाई में एक निजी कंपनी के प्रबंध निदेशक के बेटे को भी हिरासत में लिया गया, और विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, पिथापुरम तथा हैदराबाद स्थित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।

मुख्य घटनाक्रम

CBI के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, गिरफ्तार अधिकारी बापीराजू विजयवाड़ा स्थित मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर (प्रोजेक्ट्स) कार्यालय में वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। दूसरे आरोपी श्रीचंद, येला कंस्ट्रक्शंस के प्रबंध निदेशक के पुत्र हैं। CBI को गुप्त सूचना मिली थी कि श्रीचंद विशाखापत्तनम से विजयवाड़ा आते समय रिश्वत की रकम पहुँचाएगा, जिसके बाद एजेंसी ने जाल बिछाकर दोनों को पकड़ लिया। रिश्वत की ₹15 लाख की पूरी राशि मौके पर ही बरामद कर ली गई।

रिश्वत की पृष्ठभूमि: ₹179.50 करोड़ का ठेका और ₹7 करोड़ का बोनस दावा

CBI के अनुसार, गणपति इंजीनियरिंग वर्क्स और येला कंस्ट्रक्शंस के संयुक्त उद्यम (Joint Venture) को दक्षिण मध्य रेलवे द्वारा ₹179.50 करोड़ का ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग कार्य आवंटित किया गया था। संयुक्त उद्यम ने दावा किया कि उसने निर्धारित समय से पहले काम पूरा किया, और इस आधार पर लगभग ₹7 करोड़ के बोनस का दावा प्रस्तुत किया।

जाँच एजेंसी का आरोप है कि विजयवाड़ा स्थित CSTE प्रोजेक्ट्स कार्यालय के अधिकारियों ने कथित तौर पर बोनस से जुड़ी फाइल में तारीखों में हेरफेर कर संयुक्त उद्यम को अनुचित लाभ पहुँचाया और बोनस दावे को मंजूरी दिलाने में सहायता की। यह रिश्वत उसी सेवा के एवज में माँगी और दी जा रही थी।

FIR और आरोपी पक्ष

CBI ने 16 अगस्त को ही इस मामले में वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर बापीराजू, चार निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों तथा कुछ अज्ञात सरकारी एवं निजी व्यक्तियों के विरुद्ध रिश्वत माँगने और लेने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की। गौरतलब है कि यह मामला सिर्फ एक अधिकारी तक सीमित नहीं है — जाँच के दायरे में कई कंपनियाँ और अज्ञात सरकारी कर्मचारी भी हैं।

अदालत में पेशी

दोनों गिरफ्तार आरोपियों — बापीराजू और श्रीचंद — को सोमवार, 17 अगस्त को विजयवाड़ा स्थित विशेष CBI अदालत में पेश किया जाना था। इस मामले में आगे की जाँच जारी है और छापेमारी से प्राप्त दस्तावेज़ों की पड़ताल की जा रही है।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब रेलवे ठेकों में पारदर्शिता को लेकर सवाल पहले से उठ रहे हैं। CBI के अनुसार, विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, पिथापुरम और हैदराबाद में की गई एक साथ छापेमारी से अतिरिक्त साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। आरोपियों की न्यायिक हिरासत और संभावित रिमांड पर अदालत का निर्णय इस मामले की अगली दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि फाइल में तारीखें बदलने वाले पूरे तंत्र पर है — जो संस्थागत मिलीभगत का संकेत देता है। CBI की एक साथ चार शहरों में छापेमारी दर्शाती है कि नेटवर्क व्यापक हो सकता है; असली परीक्षा यह होगी कि क्या जाँच ऊपर तक पहुँचती है या केवल निचले स्तर के अधिकारी ही जवाबदेह ठहराए जाते हैं।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजयवाड़ा में CBI ने किसे और क्यों गिरफ्तार किया?
CBI ने दक्षिण मध्य रेलवे के वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर बापीराजू को ₹15 लाख की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया। यह रिश्वत येला कंस्ट्रक्शंस को ₹7 करोड़ का बोनस दावा मंजूर कराने के बदले ली जा रही थी। येला कंस्ट्रक्शंस के MD के बेटे श्रीचंद को भी उसी कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया।
यह रिश्वत किस ठेके से जुड़ी है?
यह मामला गणपति इंजीनियरिंग वर्क्स और येला कंस्ट्रक्शंस के संयुक्त उद्यम को दिए गए ₹179.50 करोड़ के ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग ठेके से जुड़ा है। संयुक्त उद्यम ने समय से पहले काम पूरा करने का दावा करते हुए लगभग ₹7 करोड़ का बोनस माँगा था।
CBI ने फाइल में हेरफेर का आरोप क्यों लगाया है?
CBI के अनुसार, विजयवाड़ा के CSTE प्रोजेक्ट्स कार्यालय के अधिकारियों ने कथित तौर पर बोनस फाइल में तारीखें बदलकर संयुक्त उद्यम को अनुचित लाभ पहुँचाया। इसी आधार पर बोनस दावे को मंजूरी दिलाने में मदद की गई, जो रिश्वत लेने का मूल कारण बताया गया है।
दोनों आरोपियों को अदालत में कब पेश किया जाएगा?
दोनों आरोपियों — बापीराजू और श्रीचंद — को सोमवार, 17 अगस्त को विजयवाड़ा स्थित विशेष CBI अदालत में पेश किया जाना था। उनकी न्यायिक हिरासत और रिमांड पर अदालत का निर्णय मामले की अगली दिशा तय करेगा।
इस मामले में CBI ने किन शहरों में छापेमारी की?
CBI ने 16 अगस्त को विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, पिथापुरम और हैदराबाद में एक साथ छापेमारी की। इन छापों में आरोपियों के ठिकानों से दस्तावेज़ और अन्य साक्ष्य जुटाए गए, जो जाँच में उपयोग किए जाएँगे।
राष्ट्र प्रेस
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