विजयवाड़ा में CBI का बड़ा एक्शन: रेलवे इंजीनियर ₹15 लाख रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 16 अगस्त 2026 को विजयवाड़ा में जाल बिछाकर दक्षिण मध्य रेलवे के एक वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर को ₹15 लाख की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया। इसी कार्रवाई में एक निजी कंपनी के प्रबंध निदेशक के बेटे को भी हिरासत में लिया गया, और विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, पिथापुरम तथा हैदराबाद स्थित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।
मुख्य घटनाक्रम
CBI के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, गिरफ्तार अधिकारी बापीराजू विजयवाड़ा स्थित मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर (प्रोजेक्ट्स) कार्यालय में वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। दूसरे आरोपी श्रीचंद, येला कंस्ट्रक्शंस के प्रबंध निदेशक के पुत्र हैं। CBI को गुप्त सूचना मिली थी कि श्रीचंद विशाखापत्तनम से विजयवाड़ा आते समय रिश्वत की रकम पहुँचाएगा, जिसके बाद एजेंसी ने जाल बिछाकर दोनों को पकड़ लिया। रिश्वत की ₹15 लाख की पूरी राशि मौके पर ही बरामद कर ली गई।
रिश्वत की पृष्ठभूमि: ₹179.50 करोड़ का ठेका और ₹7 करोड़ का बोनस दावा
CBI के अनुसार, गणपति इंजीनियरिंग वर्क्स और येला कंस्ट्रक्शंस के संयुक्त उद्यम (Joint Venture) को दक्षिण मध्य रेलवे द्वारा ₹179.50 करोड़ का ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग कार्य आवंटित किया गया था। संयुक्त उद्यम ने दावा किया कि उसने निर्धारित समय से पहले काम पूरा किया, और इस आधार पर लगभग ₹7 करोड़ के बोनस का दावा प्रस्तुत किया।
जाँच एजेंसी का आरोप है कि विजयवाड़ा स्थित CSTE प्रोजेक्ट्स कार्यालय के अधिकारियों ने कथित तौर पर बोनस से जुड़ी फाइल में तारीखों में हेरफेर कर संयुक्त उद्यम को अनुचित लाभ पहुँचाया और बोनस दावे को मंजूरी दिलाने में सहायता की। यह रिश्वत उसी सेवा के एवज में माँगी और दी जा रही थी।
FIR और आरोपी पक्ष
CBI ने 16 अगस्त को ही इस मामले में वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर बापीराजू, चार निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों तथा कुछ अज्ञात सरकारी एवं निजी व्यक्तियों के विरुद्ध रिश्वत माँगने और लेने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की। गौरतलब है कि यह मामला सिर्फ एक अधिकारी तक सीमित नहीं है — जाँच के दायरे में कई कंपनियाँ और अज्ञात सरकारी कर्मचारी भी हैं।
अदालत में पेशी
दोनों गिरफ्तार आरोपियों — बापीराजू और श्रीचंद — को सोमवार, 17 अगस्त को विजयवाड़ा स्थित विशेष CBI अदालत में पेश किया जाना था। इस मामले में आगे की जाँच जारी है और छापेमारी से प्राप्त दस्तावेज़ों की पड़ताल की जा रही है।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब रेलवे ठेकों में पारदर्शिता को लेकर सवाल पहले से उठ रहे हैं। CBI के अनुसार, विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, पिथापुरम और हैदराबाद में की गई एक साथ छापेमारी से अतिरिक्त साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। आरोपियों की न्यायिक हिरासत और संभावित रिमांड पर अदालत का निर्णय इस मामले की अगली दिशा तय करेगा।