बैंक कर्मचारियों को हर शनिवार छुट्टी: वायरल अधिसूचना फर्जी, वित्त मंत्रालय ने नहीं जारी किया कोई आदेश
सारांश
मुख्य बातें
पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट ने 1 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा वह दस्तावेज़ पूरी तरह फर्जी है, जिसमें वित्त मंत्रालय के नाम पर सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में प्रत्येक शनिवार को अवकाश घोषित करने का दावा किया गया था। सरकार ने साफ कर दिया है कि वित्त मंत्रालय (वित्तीय सेवा विभाग) की ओर से ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है।
वायरल दस्तावेज़ में क्या था दावा
सोशल मीडिया पर 'भारत का राजपत्र' के नाम से एक दस्तावेज़ प्रसारित हो रहा था। इस दस्तावेज़ में उल्लेख था कि विनिमय लेख अधिनियम, 1881 की धारा 25 के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए भारत सरकार ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) सहित सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की समस्त शाखाओं में प्रत्येक शनिवार को साप्ताहिक अवकाश घोषित कर दिया है। दावा यह भी था कि यह अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू होगी।
यह दस्तावेज़ सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर शेयर हुआ और लाखों उपयोगकर्ताओं तक पहुँचा, जिससे बैंक कर्मचारियों और ग्राहकों दोनों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर स्पष्ट किया, "जो दस्तावेज़ वायरल हो रहा है वह फर्जी है। वित्त मंत्रालय ने ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं की है, जिसमें सरकारी बैंकों के लिए हर शनिवार को अवकाश घोषित किया गया हो।"
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब बैंकिंग क्षेत्र से जुड़ी फर्जी अधिसूचनाएँ सोशल मीडिया पर वायरल हुई हों। पीआईबी की फैक्ट चेक यूनिट नियमित रूप से ऐसी भ्रामक सूचनाओं का खंडन करती है।
हड़ताल टली, समिति गठन पर सहमति
यह खंडन ऐसे समय में आया है जब सरकारी बैंक कर्मचारियों ने पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की माँग को लेकर 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल का ऐलान किया था। हालाँकि, एक अहम घटनाक्रम में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच रविवार रात करीब 9:30 बजे हुई बैठक के बाद हड़ताल और आंदोलन को स्थगित कर दिया गया।
यूएफबीयू के अनुसार, आईबीए और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच विस्तृत चर्चा के बाद यह तय किया गया कि शेष शनिवारों को बैंक अवकाश घोषित करने के मुद्दे पर आगे बातचीत और समाधान की प्रक्रिया जारी रखी जाएगी।
उच्चस्तरीय समिति का होगा गठन
बैठक में निर्णय लिया गया कि आईबीए और यूएफबीयू की एक उच्चस्तरीय समिति तत्काल गठित की जाएगी, जो पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह से जुड़े सभी संभावित विकल्पों पर विचार करेगी। समिति विभिन्न हितधारकों — कर्मचारियों, बैंक प्रबंधन और ग्राहकों — से विचार विमर्श कर एक स्वीकार्य समाधान निकालने का प्रयास करेगी।
यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़ रहा है और शनिवार को बैंक बंद रहने से ग्राहक सेवा पर पड़ने वाले असर को लेकर बहस जारी है। आने वाले हफ्तों में इस समिति की रिपोर्ट और सरकार की प्रतिक्रिया तय करेगी कि बैंक कर्मचारियों की यह माँग अंततः किस रूप में पूरी होती है।