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आरबीआई ने बंद नोटों के लिए नए नियम जारी नहीं किए: पीआईबी फैक्ट चेक

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आरबीआई ने बंद नोटों के लिए नए नियम जारी नहीं किए: पीआईबी फैक्ट चेक

सारांश

प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने स्पष्ट किया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बंद हो चुकी करेंसी को बदलने के लिए कोई नए नियम जारी नहीं किए हैं। यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही गलत सूचनाओं को खारिज करती है।

मुख्य बातें

आरबीआई ने बंद नोटों के लिए नए नियम नहीं बनाए हैं।
सोशल मीडिया पर फैल रही जानकारी को बिना जांचे न साझा करें।
पीआईबी की वेबसाइट से ही सही जानकारी प्राप्त करें।
संदिग्ध सामग्री की पहचान करने में सतर्क रहें।
फर्जी खबरों की पहचान के लिए पीआईबी को रिपोर्ट करें।

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) का फैक्ट-चेक यूनिट ने सोशल मीडिया पर फैल रही उन ख़बरों को नकार दिया है, जिनमें यह दावा किया जा रहा था कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बंद हो चुकी मुद्रा को बदलने के लिए नए नियम जारी किए हैं।

पीआईबी फैक्ट चेक ने इन दावों को पूरी तरह झूठा बताया और स्पष्ट किया कि आरबीआई ने ऐसा कोई भी घोषणा नहीं की है।

पीआईबी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "कुछ रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि आरबीआई ने बंद नोटों के लिए नई निर्देश जारी की हैं। यह दावा गलत है। आरबीआई ने ऐसा कोई भी ऐलान नहीं किया है।"

पीआईबी फैक्ट चेक ने यह भी बताया कि वित्तीय नियमों और मुद्रा से जुड़ी जानकारी के लिए आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट सबसे विश्वसनीय स्रोत है। सही और प्रमाणित जानकारी के लिए लोगों को केवल आरबीआई की वेबसाइट पर भरोसा करना चाहिए।

इसके साथ ही लोगों को बिना किसी जांच के किसी भी संदेश को आगे न भेजने की सलाह दी गई है। पीआईबी ने कहा कि केवल भरोसेमंद और आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी ही साझा करें। यदि कोई संदिग्ध संदेश, फोटो या वीडियो मिले, तो उसे सत्यापन के लिए पीआईबी को व्हाट्सएप या ईमेल के माध्यम से भेजा जा सकता है।

यह ध्यान देने योग्य है कि पिछले साल अक्टूबर में भी पीआईबी ने ऐसी ही एक फर्जी खबर का खंडन किया था, जिसमें कहा गया था कि आरबीआई ने पुराने 500 और 1000 रुपए के नोट बदलने के लिए नए नियम जारी किए हैं। ये नोट नोटबंदी के दौरान नवंबर 2016 में बंद कर दिए गए थे और तब से अब तक इन्हें बदलने के लिए कोई नया नियम जारी नहीं किया गया है।

पीआईबी ने पहले भी एक वायरल वीडियो को खारिज किया था, जिसमें कहा गया था कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण किसी हाई-रिटर्न निवेश योजना को बढ़ावा दे रही हैं। पीआईबी ने स्पष्ट किया था कि न तो सरकार और न ही वित्त मंत्री किसी ऐसी योजना का समर्थन कर रहे हैं।

पिछले महीने भी पीआईबी ने एक फर्जी संदेश की पहचान की थी, जिसमें कहा गया था कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की योनो ऐप के अकाउंट आधार अपडेट न करने पर ब्लॉक कर दिए जाएंगे।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि ऐसी अफवाहों से सावधान रहें और किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या आरबीआई ने बंद नोटों को बदलने के लिए नए नियम जारी किए हैं?
नहीं, पीआईबी ने स्पष्ट किया है कि आरबीआई ने ऐसा कोई भी नया नियम नहीं जारी किया है।
क्या हमें सोशल मीडिया पर मिली जानकारी पर भरोसा करना चाहिए?
नहीं, केवल आधिकारिक और भरोसेमंद स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए।
यदि मुझे कोई संदिग्ध संदेश मिले, तो मुझे क्या करना चाहिए?
आप उस संदेश को सत्यापन के लिए पीआईबी को व्हाट्सएप या ईमेल के जरिए भेज सकते हैं।
क्या पिछले साल भी इसी तरह की अफवाहें थीं?
हाँ, पिछले साल भी पीआईबी ने इसी तरह की एक फर्जी खबर का खंडन किया था।
किस वेबसाइट पर वित्तीय जानकारी के लिए भरोसा करना चाहिए?
आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट सबसे भरोसेमंद स्रोत है।
राष्ट्र प्रेस
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