कॉमन योग प्रोटोकॉल: शरीर और मन को तंदुरुस्त रखने का बेहतरीन तरीका
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अब कुछ ही हफ्तों की दूरी पर है। 21 जून 2026 को मनाए जाने वाले इस खास दिन की तैयारी शुरू करने का यह सही समय है। यदि आप योग की दुनिया में नए हैं या अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करना चाहते हैं, तो कॉमन योग प्रोटोकॉल (सीवाईपी) से बेहतर शुरुआत नहीं हो सकती।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने इसे खासतौर पर शुरुआती लोगों के लिए तैयार किया है। यह प्रोटोकॉल शरीर को चुस्त और तंदुरुस्त रखने का एक सरल और प्रभावकारी तरीका है। सबसे पहले जानिए कि कॉमन योग प्रोटोकॉल क्या है?
कॉमन योग प्रोटोकॉल (सीवाईपी) एक मानकीकृत 45 मिनट का योग अभ्यास कार्यक्रम है। इसे सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए सरल बनाया गया है। इसका लक्ष्य योग को आम लोगों तक पहुंचाना है ताकि वे स्वास्थ्य, शांति और सद्भाव का लाभ उठा सकें। यह सांस, खिंचाव और रूपांतरण के सिद्धांत पर आधारित है, अर्थात सही सांस लेना, मांसपेशियों को खींचना और व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन लाना।
यह प्रोटोकॉल मुख्यतः चार चरणों में विभाजित है, जो शरीर को लचीला बनाने और योगासन करने के लिए तैयार करते हैं। पहला चरण है आगे और पीछे झुकना तथा खिंचाव, जो शरीर की सामने और पीछे की मांसपेशियों को खींचता है। दूसरा चरण दाईं और बाईं ओर झुकना और खिंचाव है, जो कमर और साइड की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। तीसरा चरण दाईं-बाईं ओर घुमाव है, जो गर्दन, कंधे और शरीर को घुमाकर जोड़ों की लचीलापन बढ़ाता है। चौथा चरण गर्दन को चारों ओर घुमाना है, जो गर्दन की मांसपेशियों को आराम देता है।
इसके बाद शिथिलिकरण क्रियाएं की जाती हैं। इसमें ग्रीवा चालन (गर्दन), कंधों का संचालन, कटि चालन (कमर) और घुटनों का संचालन शामिल है। ये क्रियाएं शरीर के उन जोड़ों को लचीला बनाती हैं, जो योगासन के दौरान उपयोग में आते हैं। नियमित अभ्यास से सर्वाइकल की समस्या, तनाव, शरीर में खिंचाव, पीठ दर्द और सांस की परेशानियां कम होती हैं। साथ ही मन शांत होता है, एकाग्रता बढ़ती है और स्वास्थ्य में सुधार होता है। इन क्रियाओं को 5 से 10 बार दोहराना चाहिए। इन्हें खड़े होकर या बैठे हुए दोनों तरीकों से किया जा सकता है।