7 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

डिप्रेशन से राहत दिलाते हैं ये 6 योगासन, आयुष मंत्रालय ने विश्व योग दिवस से पहले साझा की सूची

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
डिप्रेशन से राहत दिलाते हैं ये 6 योगासन, आयुष मंत्रालय ने विश्व योग दिवस से पहले साझा की सूची

सारांश

विश्व योग दिवस से ठीक पहले आयुष मंत्रालय ने डिप्रेशन से राहत दिलाने वाले 6 योगासन और प्राणायाम की सूची जारी की है — जिनमें ध्यान, भुजंगासन और भ्रामरी प्राणायाम शामिल हैं। मंत्रालय का संदेश है: रोज़ 15-20 मिनट का योग मानसिक संतुलन और भावनात्मक स्थिरता की नींव बन सकता है।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय ने 22 मई 2025 को विश्व योग दिवस से पूर्व डिप्रेशन-निवारक योगासनों की सूची जारी की।
अनुशंसित अभ्यासों में ध्यान , पवनमुक्तासन , भ्रामरी प्राणायाम , ताड़ासन , भुजंगासन और अनुलोम-विलोम शामिल हैं।
मंत्रालय के अनुसार, नियमित योगाभ्यास तनाव-वर्धक हार्मोन को कम करता है और मानसिक स्थिरता बढ़ाता है।
प्रतिदिन 15-20 मिनट से शुरुआत कर धीरे-धीरे अभ्यास का समय बढ़ाने की सलाह दी गई है।
मंत्रालय का अभियान संदेश: 'योग युक्त, रोग मुक्त' ।

आयुष मंत्रालय ने 22 मई 2025 को विश्व योग दिवस की पूर्व संध्या पर अवसाद यानी डिप्रेशन से मुक्ति दिलाने में सहायक प्रमुख योगासनों और प्राणायाम की सूची जारी की। मंत्रालय के अनुसार, नियमित योगाभ्यास तनाव-वर्धक हार्मोन को कम करता है, मन को स्थिर रखता है और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। यह पहल मंत्रालय के 'योग युक्त, रोग मुक्त' संदेश अभियान का हिस्सा है।

क्यों ज़रूरी है नियमित योगाभ्यास

योग विशेषज्ञों के अनुसार, आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, कार्यस्थल का दबाव और व्यक्तिगत समस्याओं के चलते डिप्रेशन एक व्यापक मानसिक स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। योग केवल शरीर को स्वस्थ नहीं रखता, बल्कि भावनात्मक संतुलन बनाने और नकारात्मक विचारों पर नियंत्रण पाने में भी कारगर है।

आयुष मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रतिदिन सुबह इन आसनों का अभ्यास करें। शुरुआत में 15-20 मिनट से आरंभ कर धीरे-धीरे समय बढ़ाया जा सकता है।

मुख्य योगासन और प्राणायाम

ध्यान (Meditation): प्रतिदिन 10-15 मिनट ध्यान करने से मन की उलझनें कम होती हैं और आंतरिक शांति मिलती है।

पवनमुक्तासन: यह आसन पेट की समस्याओं के साथ-साथ मानसिक अशांति को भी दूर करता है। मंत्रालय के अनुसार, इससे शरीर में संचित नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकलती है।

भ्रामरी प्राणायाम: भौंरे की ध्वनि के अनुरूप सांस लेने की यह विधि मस्तिष्क को शांत करती है और तनाव व चिंता को कम करने में सहायक है।

ताड़ासन: खड़े होकर किया जाने वाला यह आसन शरीर और मन दोनों को ऊर्जावान बनाता है तथा मुद्रा और आत्मविश्वास सुधारने में मदद करता है।

भुजंगासन: सर्प-मुद्रा पर आधारित यह आसन रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है, छाती की जकड़न कम करता है और डिप्रेशन से जुड़ी नकारात्मक भावनाओं को घटाने में प्रभावी माना जाता है।

अनुलोम-विलोम प्राणायाम: नासिका के एक छिद्र से श्वास लेकर दूसरे से छोड़ने की यह प्रक्रिया मस्तिष्क के दोनों गोलार्धों को संतुलित करती है और मन को स्थिर रखती है।

आयुष मंत्रालय की अपील

आयुष मंत्रालय का कहना है कि योग केवल डिप्रेशन से लड़ने का साधन नहीं, बल्कि समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक प्राकृतिक और सुलभ उपाय है। मंत्रालय 'योग युक्त, रोग मुक्त' के संदेश के साथ नागरिकों को नियमित योगाभ्यास अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।

आगे क्या

21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले मंत्रालय इस तरह की जागरूकता सामग्री लगातार जारी कर रहा है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि गंभीर अवसाद की स्थिति में योगाभ्यास को चिकित्सकीय परामर्श के साथ अपनाना अधिक लाभकारी हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि योग को मानसिक स्वास्थ्य के एकमात्र समाधान के रूप में प्रस्तुत करना भ्रामक हो सकता है — विशेषकर तब, जब विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसी संस्थाएं गंभीर अवसाद के लिए साक्ष्य-आधारित मनोचिकित्सा और दवाओं को प्राथमिकता देती हैं। भारत में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की भारी कमी के बीच योग को पूरक उपाय के रूप में बढ़ावा देना उचित है, परंतु इसे चिकित्सकीय उपचार का विकल्प बताना जोखिम भरा हो सकता है। मंत्रालय को अपने संदेश में यह स्पष्ट करना चाहिए कि गंभीर मामलों में पेशेवर मानसिक स्वास्थ्य परामर्श अनिवार्य है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आयुष मंत्रालय ने डिप्रेशन के लिए कौन-से योगासन सुझाए हैं?
आयुष मंत्रालय ने ध्यान, पवनमुक्तासन, भ्रामरी प्राणायाम, ताड़ासन, भुजंगासन और अनुलोम-विलोम प्राणायाम को डिप्रेशन से राहत दिलाने में प्रभावी बताया है। मंत्रालय के अनुसार, ये आसन तनाव-वर्धक हार्मोन को कम कर मानसिक संतुलन बनाने में सहायक हैं।
विश्व योग दिवस कब मनाया जाता है?
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस प्रतिवर्ष 21 जून को मनाया जाता है। इस वर्ष भी आयुष मंत्रालय इस दिन से पहले देशभर में योग जागरूकता अभियान चला रहा है।
क्या योग से डिप्रेशन पूरी तरह ठीक हो सकता है?
आयुष मंत्रालय के अनुसार, नियमित योगाभ्यास डिप्रेशन के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का सुझाव है कि गंभीर अवसाद की स्थिति में योग को चिकित्सकीय परामर्श के साथ अपनाना अधिक लाभकारी होता है।
भ्रामरी प्राणायाम कैसे करें और इसके क्या फायदे हैं?
भ्रामरी प्राणायाम में भौंरे की ध्वनि के अनुरूप गुनगुनाते हुए श्वास लिया जाता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह मस्तिष्क को शांत करता है और तनाव व चिंता को कम करने में प्रभावी है।
डिप्रेशन के लिए रोज़ कितने समय तक योग करना चाहिए?
आयुष मंत्रालय ने सलाह दी है कि शुरुआत में प्रतिदिन 15-20 मिनट से अभ्यास शुरू करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। नियमितता को अभ्यास की अवधि से अधिक महत्वपूर्ण बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले