मानसिक थकान और चिड़चिड़ापन दूर करेंगे ये 4 योगासन, आयुष मंत्रालय की सलाह
सारांश
मुख्य बातें
आयुष मंत्रालय के अनुसार, छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना, पूरे दिन चिड़चिड़ापन बने रहना और बिना कारण मानसिक थकान महसूस करना — ये समस्याएं आज बड़े पैमाने पर लोगों को प्रभावित कर रही हैं। विश्व योग दिवस 2026 से पहले मंत्रालय ने सुझाया है कि रोज़ाना केवल 10-15 मिनट के योगाभ्यास से इन समस्याओं में उल्लेखनीय राहत मिल सकती है। योग विशेषज्ञों का कहना है कि गहरी सांस के साथ किए गए आसन तनाव को कम करते हैं, मूड को बेहतर बनाते हैं और नकारात्मकता को दूर करते हैं।
आयुष मंत्रालय की अपील
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर देशवासियों से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील की है। मंत्रालय का स्पष्ट संदेश है — 'थोड़ा रुकिए, गहरी सांस लीजिए और खुद से जुड़िए।' मंत्रालय के अनुसार, हर मनःस्थिति के लिए एक उपयुक्त योगासन उपलब्ध है जो मन को शांत करने और भावनाओं को संतुलित करने में सहायक है। देशभर में इस अवसर पर बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
मुख्य योगासन और उनके लाभ
वीरभद्रासन (वॉरियर पोज़) शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की शक्ति को बढ़ाता है। गुस्से और तनाव की स्थिति में यह आसन आत्मविश्वास को मज़बूत करता है और नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है।
बालासन (चाइल्ड पोज़) को अत्यंत शांतिदायक मुद्रा माना जाता है। जब मन अशांत हो या चिड़चिड़ापन अधिक हो, तो यह आसन मस्तिष्क को आराम देता है और पूरे शरीर को गहरी विश्रांति प्रदान करता है।
पद्मासन (लोटस पोज़) ध्यान और एकाग्रता के लिए सर्वश्रेष्ठ मुद्रा मानी जाती है। योग विशेषज्ञों के अनुसार, इसके नियमित अभ्यास से मन की चंचलता घटती है, गुस्से पर नियंत्रण बढ़ता है और आंतरिक शांति का अनुभव होता है।
अर्ध चक्रासन कमर और रीढ़ की हड्डी को मज़बूत बनाने के साथ-साथ मन को स्थिर करने में भी सहायक है। योग विशेषज्ञों का कहना है कि इस आसन के नियमित अभ्यास से मानसिक थकान में उल्लेखनीय कमी आती है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
योग विशेषज्ञों के अनुसार, आसन का चुनाव मनःस्थिति के अनुसार करना चाहिए। गहरी और सचेत सांस के साथ किया गया योगाभ्यास केवल शारीरिक नहीं, बल्कि भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग शरीर और मन — दोनों को स्वस्थ रखने का समग्र उपाय है।
आगे क्या करें
6 जून 2026 को जारी इस सलाह के अनुसार, 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले लोग इन आसनों का अभ्यास शुरू कर सकते हैं। विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि शुरुआत में किसी प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में इन आसनों को सीखना अधिक लाभकारी रहेगा।