भद्रासन: मानसिक शांति और शारीरिक संतुलन का सरल उपाय, आयुष मंत्रालय ने बताए फायदे
सारांश
मुख्य बातें
आयुष मंत्रालय ने 28 मई 2025 को भद्रासन के अभ्यास और इसके स्वास्थ्य लाभों पर विस्तृत जानकारी साझा की है। विश्व योग दिवस (21 जून) की तैयारियों के तहत मंत्रालय प्रतिदिन योगासनों की जानकारी देकर आम नागरिकों को योग की ओर प्रेरित कर रहा है। भद्रासन विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी बताया गया है जो मानसिक अस्थिरता, मासिक धर्म की परेशानी या गर्भावस्था के दौरान हल्के सहारे की आवश्यकता महसूस करते हैं।
भद्रासन क्या है और इसे कैसे करें
मंत्रालय के अनुसार, भद्रासन का अभ्यास करने के लिए सुखासन की मुद्रा में बैठकर दोनों तलवों को आपस में जोड़ें और घुटनों को बाहर की ओर खोलें। रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए हाथों को घुटनों अथवा जांघों पर रखें। इस मुद्रा में सांस पर ध्यान केंद्रित करें और शरीर या सांस पर किसी प्रकार का दबाव न डालें। शुरुआती अभ्यासी कुछ मिनट से आरंभ कर धीरे-धीरे समय बढ़ा सकते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य पर असर
मंत्रालय के अनुसार, भद्रासन का नियमित अभ्यास मानसिक स्थिरता लाने में सहायक है। यह आसन मन को शांत रखता है और दैनिक जीवन की भागदौड़ से उत्पन्न बेचैनी को कम करने में कारगर है। मंत्रालय का कहना है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवनशैली है।
महिलाओं के लिए विशेष लाभ
गर्भावस्था के दौरान महिलाएं यदि चिकित्सक की सलाह से हल्के सहारे के साथ भद्रासन का अभ्यास करें तो शरीर को संतुलन मिलता है और थकान में कमी आती है। इसके अतिरिक्त, मंत्रालय के अनुसार मासिक धर्म से जुड़ी तकलीफें — जैसे दर्द, ऐंठन और मूड स्विंग्स — भी इस आसन के नियमित अभ्यास से काफी हद तक कम की जा सकती हैं।
शारीरिक संतुलन और रक्त संचार
मंत्रालय के मुताबिक, भद्रासन शरीर के निचले हिस्से, कमर, घुटनों और कूल्हों को मजबूत बनाता है तथा रक्त संचार को बेहतर करता है। यह आसन उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है जिन्हें शरीर के निचले हिस्से में कमज़ोरी या असंतुलन महसूस होता है।
विश्व योग दिवस की तैयारी
21 जून को मनाए जाने वाले विश्व योग दिवस से पहले आयुष मंत्रालय की यह पहल नागरिकों को योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। मंत्रालय का संदेश है कि आज की छोटी-छोटी आदतें ही स्वस्थ भविष्य की नींव रखती हैं — और भद्रासन जैसे सरल आसन इस दिशा में एक ठोस पहला कदम हो सकते हैं।