भद्रासन: आधुनिक जीवनशैली की थकान का योग-समाधान, पेल्विक और कमर को मिलती है मजबूती

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भद्रासन: आधुनिक जीवनशैली की थकान का योग-समाधान, पेल्विक और कमर को मिलती है मजबूती

सारांश

घंटों कुर्सी पर बैठने की आधुनिक आदत शरीर को चुपचाप कमजोर कर रही है — और भद्रासन इसका एक सरल, सुलभ जवाब है। आयुष मंत्रालय द्वारा अनुशंसित यह आसन पेल्विक स्वास्थ्य, कमर की मजबूती और मानसिक एकाग्रता तीनों को एक साथ साधता है।

मुख्य बातें

भद्रासन तितली आसन का एक प्रकार है, जो पेल्विक क्षेत्र, जाँघों और कमर की मजबूती व लचीलेपन के लिए उपयोगी माना जाता है।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने इस आसन को पेल्विक स्वास्थ्य के लिए अनुशंसित किया है।
इस अवस्था में 10 से 30 सेकंड तक रुकना आदर्श माना जाता है; शुरुआत में अत्यधिक जोर न लगाएँ।
योग विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं में मासिक धर्म के दर्द में राहत के लिए यह विशेष रूप से लाभकारी हो सकता है।
गंभीर गठिया, साइटिका, घुटने या टखने के दर्द से पीड़ित लोगों और गर्भवती महिलाओं को इसे करने से पहले विशेषज्ञ परामर्श लेना चाहिए।

भद्रासन एक सरल किंतु प्रभावशाली योगासन है, जो आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न शारीरिक और मानसिक थकान को दूर करने में सहायक माना जाता है। लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत से कमर, पेल्विक क्षेत्र और जाँघों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में यह आसन विशेष रूप से उपयोगी है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह आसन मुख्य रूप से पेल्विक क्षेत्र, जाँघों और कमर की मजबूती व लचीलापन बनाने में मदद करता है।

भद्रासन क्या है और यह कैसे काम करता है

भद्रासन को तितली आसन का एक प्रकार माना जाता है। यह आसन मानसिक स्थिरता और एकाग्रता बढ़ाने के लिए उत्कृष्ट माना जाता है। योग विशेषज्ञों के अनुसार, इस आसन के नियमित अभ्यास से न केवल शरीर के निचले हिस्से को बल मिलता है, बल्कि मन की चंचलता भी कम होती है। यह ऐसे समय में विशेष रूप से प्रासंगिक है जब कार्यालय में घंटों एक ही मुद्रा में बैठने से मस्कुलोस्केलेटल समस्याएँ तेजी से बढ़ रही हैं।

भद्रासन करने की सही विधि

इस आसन का अभ्यास निम्न चरणों में किया जा सकता है:

सबसे पहले दोनों पैरों को सामने की ओर सीधा फैलाकर, पीठ व कमर सीधी रखते हुए बैठें। इसके बाद दोनों हथेलियों को नितंब के पास जमीन पर रखें। अब दोनों पैरों के तलवे पास लाएँ और श्वास भरते हुए पैरों के पंजे हाथों से पकड़ लें। फिर एड़ियों को मूलाधार क्षेत्र के जितना संभव हो, नजदीक लाएँ। इस अवस्था में 10 से 30 सेकंड तक रुकें और सामान्य रूप से श्वास लेते रहें।

शुरुआत में इस आसन में अत्यधिक जोर न लगाएँ — धीरे-धीरे अभ्यास की अवधि और गहराई बढ़ाएँ। गौरतलब है कि यह आसन जितना सरल दिखता है, उतना ही प्रभावशाली भी है, बशर्ते इसे सही तकनीक से किया जाए।

महिलाओं के लिए विशेष लाभ

योग विशेषज्ञों का मानना है कि भद्रासन महिलाओं के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होता है। इसके नियमित अभ्यास से मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द और असहजता में राहत मिल सकती है। इसके अतिरिक्त, गर्भावस्था के दौरान भी विशेषज्ञों की देखरेख में यह आसन लाभप्रद हो सकता है — हालाँकि इसे आरंभ करने से पहले योगाचार्य से परामर्श अनिवार्य है।

सावधानियाँ और किसे बचना चाहिए

हर आसन सभी के लिए उपयुक्त नहीं होता। गंभीर गठिया (अर्थराइटिस) या साइटिका के मरीजों को यह आसन नहीं करना चाहिए। घुटने या टखने में गंभीर दर्द की समस्या वाले लोगों को भी इससे परहेज करना उचित है। गर्भवती महिलाएँ किसी प्रशिक्षित योगाचार्य की सलाह के बिना इसका अभ्यास न करें।

आयुष मंत्रालय की भूमिका और व्यापक संदर्भ

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने भद्रासन को लेकर अपनी स्वीकृति दी है और इसे पेल्विक स्वास्थ्य के लिए अनुशंसित योगासनों में गिना है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब सरकार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के माध्यम से योग को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास कर रही है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इस आसन को दैनिक दिनचर्या में शामिल करना दीर्घकालिक शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक सरल और सुलभ कदम हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि अधिकांश दावे 'माना जाता है' और 'हो सकता है' की भाषा में हैं — नैदानिक परीक्षणों पर आधारित नहीं। जब तक peer-reviewed शोध इन लाभों की पुष्टि नहीं करता, इन्हें पूरक स्वास्थ्य अभ्यास के रूप में देखना उचित है, न कि चिकित्सा विकल्प के रूप में। इसके अलावा, साइटिका और गठिया जैसी स्थितियों के लिए सावधानियाँ स्पष्ट रूप से बताई गई हैं — यह पारदर्शिता सराहनीय है और पाठकों को सूचित निर्णय लेने में मदद करती है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भद्रासन क्या है और इसके मुख्य फायदे क्या हैं?
भद्रासन तितली आसन का एक प्रकार है जो पेल्विक क्षेत्र, जाँघों और कमर को मजबूती व लचीलापन देता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह मानसिक एकाग्रता बढ़ाने और शारीरिक थकान दूर करने में भी सहायक माना जाता है।
भद्रासन कैसे करते हैं?
पीठ सीधी रखते हुए बैठें, दोनों पैरों के तलवे पास लाएँ, श्वास भरते हुए पंजे हाथों से पकड़ें और एड़ियों को मूलाधार क्षेत्र के नजदीक लाएँ। इस अवस्था में 10 से 30 सेकंड तक रुकें और सामान्य श्वास लेते रहें।
भद्रासन महिलाओं के लिए कैसे फायदेमंद है?
योग विशेषज्ञों के अनुसार, भद्रासन के नियमित अभ्यास से मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द और असहजता में राहत मिल सकती है। गर्भावस्था के दौरान भी यह लाभप्रद हो सकता है, लेकिन इसके लिए पहले योगाचार्य से परामर्श अनिवार्य है।
भद्रासन किन्हें नहीं करना चाहिए?
गंभीर गठिया (अर्थराइटिस), साइटिका, घुटने या टखने के गंभीर दर्द से पीड़ित लोगों को यह आसन नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को भी किसी प्रशिक्षित योगाचार्य की सलाह के बिना इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए।
क्या आयुष मंत्रालय ने भद्रासन को मान्यता दी है?
हाँ, भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने भद्रासन को पेल्विक क्षेत्र की मजबूती और लचीलेपन के लिए उपयोगी माना है। मंत्रालय इसे आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी शारीरिक समस्याओं के लिए एक प्रभावी योगाभ्यास के रूप में अनुशंसित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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