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भद्रासन से घुटने और कूल्हे होते हैं मजबूत, महिलाओं और गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष लाभकारी: आयुष मंत्रालय

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भद्रासन से घुटने और कूल्हे होते हैं मजबूत, महिलाओं और गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष लाभकारी: आयुष मंत्रालय

सारांश

आयुष मंत्रालय ने एक्स पर भद्रासन के लाभ साझा किए — घुटने और कूल्हे मजबूत, पेट का तनाव कम, और महिलाओं के लिए विशेष लाभकारी। गठिया व साइटिका रोगियों को सावधानी की सलाह दी गई।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय ने 5 जून 2026 को एक्स पर भद्रासन के स्वास्थ्य लाभों की जानकारी साझा की।
भद्रासन के नियमित अभ्यास से घुटनों और कूल्हों की हड्डियाँ मजबूत होती हैं तथा घुटनों के दर्द में राहत मिल सकती है।
यह आसन महिलाओं में मासिक धर्म की असुविधा और गर्भावस्था में भी लाभकारी माना जाता है।
एक्यूट आर्थराइटिस (गठिया) और साइटिका के रोगियों को इस आसन का अभ्यास न करने की सलाह दी गई।
भद्रासन को अंग्रेजी में 'द ऑस्पिशियस पोज' कहते हैं; यह शरीर और मन दोनों को स्थिरता प्रदान करता है।

आयुष मंत्रालय ने 5 जून 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर भद्रासन के स्वास्थ्य लाभों की विस्तृत जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार, यह योगासन शरीर और मन दोनों को स्थिरता एवं दृढ़ता प्रदान करता है और नियमित अभ्यास से घुटनों, कूल्हों तथा पाचन तंत्र पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

भद्रासन क्या है और इसे क्यों कहते हैं 'ऑस्पिशियस पोज'

भद्रासन को अंग्रेजी में 'द ऑस्पिशियस पोज' (The Auspicious Pose) कहा जाता है। आयुष मंत्रालय द्वारा साझा किए गए वीडियो संदेश में बताया गया कि यह आसन शरीर को एक विशेष बैठने की मुद्रा में स्थिर करता है, जिससे रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है और मानसिक एकाग्रता बढ़ती है। यह आसन योग की उन बुनियादी मुद्राओं में से एक है जिसे आयु और शारीरिक क्षमता के अनुसार अधिकांश लोग अपना सकते हैं।

घुटने, कूल्हे और पेट पर असर

मंत्रालय के अनुसार, भद्रासन के नियमित अभ्यास से घुटनों और कूल्हों की हड्डियाँ मजबूत होती हैं तथा घुटनों के दर्द में राहत मिल सकती है। इसके साथ ही यह आसन पेट के तनाव को कम करने में भी सहायक माना जाता है। मंत्रालय ने अपनी पोस्ट में कहा, 'क्या आप जानते हैं कि भद्रासन आपके तन और मन दोनों को दृढ़ता प्रदान करता है? यह एक ऐसा योगासन है जो घुटनों और कूल्हों को मजबूत बनाने के साथ-साथ पेट का तनाव भी कम करता है।'

महिलाओं और गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष लाभ

आयुष मंत्रालय ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि भद्रासन महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। मासिक धर्म के दौरान होने वाले पेट दर्द और अन्य असुविधाओं से राहत दिलाने में यह सहायक माना जाता है। इसके अतिरिक्त, गर्भवती महिलाओं के लिए भी यह आसन उपयोगी बताया गया है — हालाँकि गर्भावस्था में किसी भी योगासन का अभ्यास करने से पहले चिकित्सक की सलाह लेना आवश्यक है।

किन्हें करनी चाहिए सावधानी

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि एक्यूट आर्थराइटिस (गठिया) और साइटिका से पीड़ित लोगों को भद्रासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए। यह सावधानी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इन स्थितियों में घुटनों और कूल्हों पर अतिरिक्त दबाव हानिकारक हो सकता है। मंत्रालय ने लोगों से अपील की कि वे इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें, लेकिन शारीरिक सीमाओं का ध्यान रखें।

ताड़ासन पर भी दी जानकारी

भद्रासन से पहले, आयुष मंत्रालय ने एक अन्य पोस्ट में ताड़ासन (माउंटेन पोज़) के लाभों की जानकारी दी थी। मंत्रालय ने कहा था, 'योग का मतलब मुश्किल आसन करना नहीं है। यह आसान और सहज गतिविधियों के बारे में है जो हमारे शरीर को लचीला बनाए रखती हैं।' ताड़ासन पूरे शरीर को हल्का खिंचाव देता है और शरीर की मुद्रा (पोस्चर) को बेहतर बनाता है। यह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले मंत्रालय की जागरूकता अभियान श्रृंखला का हिस्सा प्रतीत होता है, जिसमें सरल और प्रभावी आसनों को आम जन तक पहुँचाया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सोशल मीडिया को स्वास्थ्य शिक्षा के माध्यम के रूप में उपयोग करने की बढ़ती सरकारी रणनीति को दर्शाती है। हालाँकि भद्रासन के उल्लिखित लाभ पारंपरिक योग ग्रंथों पर आधारित हैं, मंत्रालय ने किसी सहकर्मी-समीक्षित शोध का हवाला नहीं दिया — जो स्वास्थ्य दावों में E-E-A-T की दृष्टि से एक उल्लेखनीय अंतर है। गर्भवती महिलाओं के लिए सिफारिश विशेष रूप से संवेदनशील है और इसके साथ चिकित्सकीय परामर्श की स्पष्ट सलाह अनिवार्य होनी चाहिए थी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भद्रासन क्या है और इसे कैसे करते हैं?
भद्रासन एक बैठकर किया जाने वाला योगासन है जिसे अंग्रेजी में 'द ऑस्पिशियस पोज' कहते हैं। आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह आसन शरीर और मन दोनों को स्थिरता और दृढ़ता प्रदान करता है।
भद्रासन के मुख्य स्वास्थ्य लाभ क्या हैं?
आयुष मंत्रालय के अनुसार, भद्रासन से घुटनों और कूल्हों की हड्डियाँ मजबूत होती हैं, घुटनों के दर्द में राहत मिल सकती है और पेट का तनाव कम होता है। महिलाओं में मासिक धर्म की असुविधा और गर्भावस्था में भी यह लाभकारी माना जाता है।
भद्रासन किन लोगों को नहीं करना चाहिए?
आयुष मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि एक्यूट आर्थराइटिस (गठिया) और साइटिका से पीड़ित लोगों को भद्रासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए। इन स्थितियों में घुटनों और कूल्हों पर दबाव हानिकारक हो सकता है।
क्या गर्भवती महिलाएँ भद्रासन कर सकती हैं?
आयुष मंत्रालय के अनुसार गर्भवती महिलाओं के लिए भद्रासन उपयोगी बताया गया है। हालाँकि गर्भावस्था में कोई भी योगासन शुरू करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है।
आयुष मंत्रालय ने हाल ही में किन अन्य योगासनों की जानकारी दी है?
भद्रासन से पहले आयुष मंत्रालय ने ताड़ासन (माउंटेन पोज़) के लाभों की जानकारी दी थी। मंत्रालय के अनुसार ताड़ासन पूरे शरीर को हल्का खिंचाव देता है और शरीर की मुद्रा को बेहतर बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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