शाम में 20 मिनट योगासन करने से तनाव मुक्त हों, बेहतर नींद पाएं
सारांश
Key Takeaways
- तनाव कम करने के लिए शाम के समय योग करें।
- योगासन मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने में मददगार हैं।
- रोजाना 15-20 मिनट की योगाभ्यास से लाभ मिलता है।
- हर आसन का अपना विशेष लाभ है।
- योग से नींद में सुधार और शांति मिलती है।
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आजकल की जीवनशैली में दौड़-भाग, कार्य का दबाव और मानसिक थकान आम बात हो गई है। यदि आप शाम के समय कुछ मिनट योग के लिए निकालते हैं, तो दिनभर की थकान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
आयुष मंत्रालय भी नियमित योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देता है। शाम का योग शरीर को आराम की स्थिति में लाने में मदद करता है। इससे मांसपेशियों का तनाव कम होता है, मानसिक शांति मिलती है, और रात में अच्छी नींद आने की संभावना बढ़ जाती है। रोजाना केवल 15 से 20 मिनट की सही योगाभ्यास से इसके सकारात्मक प्रभाव कुछ ही दिनों में नजर आने लगते हैं।
बालासन - यह आसन विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो दिनभर बैठे रहते हैं या मानसिक तनाव का सामना करते हैं। इसमें शरीर को झुकाकर सिर को जमीन के पास लाया जाता है, जिससे पीठ और कंधों की जकड़न कम होती है। साथ ही, गहरी सांस लेने से मन को शांति मिलती है। यह आसन नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करने में सहायक है।
मार्जरीआसन - यह आसन शरीर को लचीला बनाने में मदद करता है। इसमें सांस के साथ रीढ़ की हड्डी को ऊपर-नीचे किया जाता है, जिससे रक्त प्रवाह में सुधार होता है। पूरे दिन एक ही पोजिशन में बैठने से होने वाली अकड़न को यह आसन कम कर सकता है।
पश्चिमोत्तानासन - यह आसन पूरे शरीर को स्ट्रेच करता है, खासकर रीढ़ और पैरों के पीछे के हिस्से को मजबूत बनाता है। इसे धीरे-धीरे और सांस पर ध्यान देकर किया जाता है। इससे शरीर का तनाव कम होता है और मानसिक चिंताओं पर नियंत्रण पाया जा सकता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह पाचन क्रिया को सुधारने में भी सहायक है।
विपरीत करणी - इस आसन में पैरों को ऊपर उठाकर संतुलन बनाया जाता है। लंबे समय तक खड़े रहने या चलने के बाद पैरों में होने वाली थकान को यह आसन जल्दी कम करता है। साथ ही, यह रक्त प्रवाह को संतुलित करने और मानसिक शांति प्राप्त करने में मदद करता है। नींद न आने की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए यह विशेष रूप से लाभकारी है।
शवासन - इस आसन में शरीर पूरी तरह स्थिर रहता है और ध्यान केवल सांसों पर केंद्रित होता है। इससे शरीर और मन दोनों को गहरी शांति मिलती है। दिनभर की थकान को दूर करने और मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए यह आसन अत्यंत आवश्यक है।