पंजाब: 'जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार विधेयक' को मिली मंजूरी, मुख्यमंत्री का आभार
सारांश
मुख्य बातें
चंडीगढ़, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब सरकार ने हाल ही में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अपमान से संबंधित मामलों में कड़े कदम उठाने के लिए 'जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल 2026' को विधानसभा में सर्वसम्मति से मंजूरी दी। यह विधेयक राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया की स्वीकृति के बाद अब कानून का रूप ले चुका है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इसके लिए सभी संगतियों के प्रति गहरा आभार प्रकट किया है।
मुख्यमंत्री मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने विधानसभा में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अपमान के खिलाफ पारित विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। अब यह विधेयक कानून बन गया है। एक साधारण व्यक्ति की ओर से, इस सेवा के लिए वाहेगुरु जी को अरबों धन्यवाद। सभी संगति का हृदय से आभार।"
ज्ञात हो कि 13 अप्रैल को पंजाब विधानसभा में जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल 2026 को पारित किया गया था। इसे सभी दलों की सहमति से स्वीकृति मिली। इसका उद्देश्य उन मामलों पर रोक लगाना है, जिनमें धार्मिक ग्रंथ का अपमान होता है और समाज में तनाव उत्पन्न होता है।
इस संशोधित कानून में बेहद कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी का दोषी पाया जाता है, तो उसे आजीवन कारावास की सजा दी जाएगी, अर्थात् दोषी को मृत्यु तक सलाखों के पीछे रहना होगा। इसके साथ ही, 25 लाख रुपए तक के भारी जुर्माने का भी प्रावधान रखा गया है।
विधेयक में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसे मामलों की जांच केवल गजटेड अधिकारी या उससे उच्च स्तर के अधिकारी ही कर सकेंगे। साथ ही, इस कानून में किसी भी प्रकार के समझौते या समझौता आधारित निपटारे की अनुमति नहीं है।
सरकार का कहना है कि यह कानून समाज में एक मजबूत संदेश देगा कि धार्मिक भावनाओं से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही या अपमान को सहन नहीं किया जाएगा।