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पंजाब सरकार ने बेअदबी पर कड़ा बिल राज्यपाल को भेजा: भगवंत मान

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पंजाब सरकार ने बेअदबी पर कड़ा बिल राज्यपाल को भेजा: भगवंत मान

सारांश

पंजाब सरकार द्वारा पारित 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल 2026' अब राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा गया है। यह बिल धार्मिक ग्रंथों के अपमान के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान करता है।

मुख्य बातें

बिल का नाम: जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल 2026 मुख्य सजा: आजीवन कारावास और जुर्माना राज्यपाल: गुलाब चंद कटारिया पारित तिथि: 13 अप्रैल सभी दलों की सहमति: हां

चंडीगढ़, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब सरकार ने हाल ही में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अपमान से संबंधित मामलों में कड़ी कार्रवाई के लिए 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल 2026' को विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित किया है। इस बिल को अब राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया की स्वीकृति के लिए भेजा गया है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्वयं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बात की जानकारी साझा की। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, "श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अपमान के खिलाफ विधानसभा में पारित अधिनियम को हस्ताक्षर के लिए राज्यपाल के पास भेज दिया गया है।"

13 अप्रैल को पंजाब विधानसभा में जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल 2026 को पारित किया गया था। इसे सभी दलों की सहमति से स्वीकृति मिली। इसका उद्देश्य ऐसे मामलों पर रोक लगाना है जिनमें धार्मिक ग्रंथ का अपमान होता है और समाज में तनाव उत्पन्न होता है।

इस संशोधित कानून में बहुत ही सख्त प्रावधान जोड़े गए हैं। यदि कोई व्यक्ति श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी का दोषी पाया जाता है, तो उसे आजीवन कारावास की सजा दी जाएगी, अर्थात् दोषी को मृत्यु तक सलाखों के पीछे रहना होगा। इसके साथ ही 25 लाख रुपए तक के भारी जुर्माने का भी प्रावधान है।

विधेयक में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसे मामलों की जांच केवल गजटेड अधिकारी या उससे उच्च स्तर के अधिकारी ही कर सकेंगे। इसके अलावा, इस कानून में किसी भी प्रकार के समझौते या निपटारे की अनुमति नहीं दी गई है।

सरकार का कहना है कि यह कानून समाज में एक सख्त संदेश देगा कि धार्मिक भावनाओं से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही या अपमान को सहन नहीं किया जाएगा। अब सभी की नजर इस पर है कि क्या राज्यपाल इसे स्वीकृति देंगे या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो समाज में शांति और सद्भाव को बनाए रखने का प्रयास करते हैं। यह कदम राजनीतिक सहमति से उठाया गया है, जो दर्शाता है कि धार्मिक मुद्दों पर सभी दल एकजुट हैं।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस बिल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस बिल का उद्देश्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अपमान से जुड़े मामलों में कड़ी कार्रवाई करना है।
अगर कोई व्यक्ति बेअदबी का दोषी पाया जाता है तो उसे क्या सजा मिलेगी?
उसे आजीवन कारावास और 25 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।
इस बिल को कब पारित किया गया?
इस बिल को 13 अप्रैल को पंजाब विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित किया गया था।
इस बिल को किसके पास मंजूरी के लिए भेजा गया?
इस बिल को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है।
क्या इस कानून में किसी प्रकार के समझौते की अनुमति है?
इस कानून में किसी भी प्रकार के समझौते या निपटारे की अनुमति नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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