पीआईबी की फैक्ट चेक यूनिट ने 2,913 झूठी सूचनाओं का खुलासा किया, फर्जी खबरों पर काबू पाया

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पीआईबी की फैक्ट चेक यूनिट ने 2,913 झूठी सूचनाओं का खुलासा किया, फर्जी खबरों पर काबू पाया

सारांश

क्या आप जानते हैं कि पीआईबी की फैक्ट चेक यूनिट ने अब तक 2,913 फैक्ट-चेक जारी किए हैं? यह जानकारी फर्जी सूचनाओं के प्रसार को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जानिए इस यूनिट के कार्यों के बारे में।

Key Takeaways

  • 2,913 फैक्ट-चेक जारी किए गए हैं।
  • फर्जी सूचनाओं पर नियंत्रण में मदद।
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सटीक जानकारी साझा की जाती है।
  • ऑपरेशन सिंदूर के तहत गलत सूचनाओं की पहचान।
  • संदिग्ध सामग्री की रिपोर्टिंग के लिए नागरिकों को प्रोत्साहन।

नई दिल्ली, 1 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अधीन फैक्ट चेक यूनिट (एफसीयू) ने अब तक 2,913 फैक्ट-चेक जारी किए हैं, जो फर्जी सूचनाओं के प्रसार को रोकने में सहायक रहे हैं। यह जानकारी सरकार ने बुधवार को साझा की।

सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने लोकसभा में बताया कि एफसीयू केंद्र सरकार से संबंधित गलत सूचनाओं और फर्जी खबरों की पहचान कर रही है। प्रामाणिक स्रोतों से खबरों की सत्यता को सुनिश्चित करने के पश्चात, एफसीयू अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सटीक जानकारी साझा करती है। इसके साथ ही, यह नागरिकों को संदिग्ध सामग्री की रिपोर्ट करने के लिए प्रेरित करती है, जिससे गलत सूचनाओं से निपटने में जनभागीदारी को बढ़ावा मिलता है।

एफसीयू ने भारत सरकार से जुड़े अनेक फर्जी दावों की पहचान की है, जिनमें डीपफेक, एआई-जनरेटेड और भ्रामक वीडियो, नोटिफिकेशन, पत्र और वेबसाइट शामिल हैं। अब तक कुल 2913 फैक्ट-चेक प्रकाशित किए जा चुके हैं, जो पीआईबी फैक्ट चेक के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, जैसे कि एक्‍स, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, थ्रेड्स और व्हाट्सएप चैनल पर उपलब्ध हैं।

केंद्र मंत्री के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट ने ऑनलाइन फैल रही गलत सूचनाओं और भारत विरोधी बयानों की पहचान की। इसने झूठे दावों से संबंधित तथ्यों की जांच करते हुए प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध कराई, जिससे सटीक संवाद सुनिश्चित करने में मदद मिली और भ्रामक बयानों के प्रसार को रोका गया। मंत्रालय ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान डिजिटल मीडिया पर 1,400 से अधिक URL को ब्लॉक करने का निर्देश भी दिया।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, डिजिटल मीडिया पर समाचार और समसामयिक मामलों के प्रकाशकों के लिए, सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियमावली, 2021 (आईटी नियमावली, 2021) एक आचार संहिता के रूप में कार्य करती है, जो इन प्रकाशकों द्वारा आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए तीन स्तरीय संस्थागत प्रणाली का प्रावधान करती है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय की फैक्ट चेक यूनिट ने गलत सूचनाओं से निपटने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह पहल न केवल सरकार की पारदर्शिता को बढ़ावा देती है, बल्कि नागरिकों को भी सशक्त बनाती है कि वे सही जानकारी की पहचान कर सकें।
NationPress
10/04/2026

Frequently Asked Questions

एफसीयू क्या करती है?
एफसीयू केंद्र सरकार से संबंधित फर्जी खबरों और गलत सूचनाओं की पहचान करती है और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करती है।
एफसीयू का संचालन कब से हो रहा है?
एफसीयू का संचालन सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत हो रहा है, जिसने अब तक 2,913 फैक्ट-चेक जारी किए हैं।
एफसीयू नागरिकों को कैसे मदद करती है?
यह नागरिकों को संदिग्ध सामग्री की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित करती है, जिससे जनभागीदारी बढ़ती है।
ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
ऑपरेशन सिंदूर एक पहल है जिसके तहत गलत सूचनाओं और भारत विरोधी बयानों की पहचान की जाती है।
पीआईबी फैक्ट चेक कहां उपलब्ध है?
सभी फैक्ट-चेक पीआईबी फैक्ट चेक के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं।
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