28 सितंबर की बैंक हड़ताल टली: IBA-UFBU में बनी सहमति, 5-दिवसीय बैंकिंग सप्ताह पर बनेगी समिति
सारांश
मुख्य बातें
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) द्वारा 28 सितंबर 2026 से आहूत तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल फिलहाल स्थगित कर दी गई है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और UFBU के प्रतिनिधियों के बीच रविवार रात करीब 9:30 बजे हुई बैठक में लंबित माँगों पर विचार-विमर्श के बाद दोनों पक्षों में हड़ताल टालने पर सहमति बनी। इस निर्णय से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और पुरानी पीढ़ी के कुछ निजी बैंकों में सोमवार से तीन दिन तक बाधित होने की आशंका जताई जा रही थी।
हड़ताल क्यों बुलाई गई थी
UFBU ने पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह, पेंशन से जुड़े मुद्दों और कर्मचारी कल्याण संबंधी अन्य माँगों को लेकर यह हड़ताल प्रस्तावित की थी। बैंक कर्मचारी संगठन लंबे समय से यह माँग करते आ रहे हैं कि सभी शनिवार को अवकाश घोषित किया जाए और सप्ताह में केवल पाँच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू हो। यह मुद्दा वर्षों से बातचीत की मेज पर रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया था।
रविवार की बैठक में क्या तय हुआ
बैठक में सहमति बनी कि बैंकों में शेष शनिवार को अवकाश घोषित करने के मुद्दे पर विचार के लिए IBA और UFBU की एक उच्चस्तरीय संयुक्त समिति तत्काल गठित की जाएगी। यह समिति पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह से जुड़े सभी संभावित विकल्पों पर विचार करेगी और विभिन्न हितधारकों के साथ चर्चा कर ऐसा समाधान निकालने का प्रयास करेगी जो कर्मचारियों, बैंक प्रबंधन और ग्राहकों — तीनों के लिए स्वीकार्य हो।
इसके अलावा स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों से संबंधित परफॉर्मेंस लिंक्ड इन्सेंटिव (PLI) योजना का मुद्दा भी बैठक में उठा। सहमति के अनुसार, यूनियनों और एसोसिएशनों की आपत्तियों एवं सुझावों को ध्यान में रखते हुए इस योजना में आवश्यक बदलाव के लिए IBA सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखेगी।
8 मार्च 2024 के लंबित मुद्दे
बैठक में यह भी तय हुआ कि 8 मार्च 2024 की बैठक के कार्यवृत्त (Minutes) में दर्ज शेष लंबित मुद्दों पर भी दोनों पक्षों के बीच आगे बातचीत होगी और इनका जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। गौरतलब है कि यह स्पष्ट करता है कि IBA और UFBU के बीच वेतन समझौते और सेवा शर्तों से जुड़ी कई माँगें लंबे समय से अनसुलझी हैं।
बैंक ग्राहकों पर क्या असर पड़ता
यदि हड़ताल होती, तो 28 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं में नकद निकासी, चेक क्लियरेंस और काउंटर सेवाएँ प्रभावित होतीं। बैंकों ने पहले ही ग्राहकों को जरूरी लेनदेन पहले पूरा करने और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का अधिकतम उपयोग करने की सलाह दी थी। हड़ताल टलने से करोड़ों बैंक ग्राहकों को राहत मिली है।
आगे क्या होगा
उच्चस्तरीय समिति के गठन और बातचीत की प्रक्रिया शुरू होने के साथ यह देखना होगा कि क्या पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की माँग जल्द पूरी होती है। यह मसला सालों से लंबित है और हर बार सहमति बनने के बाद भी अंतिम निर्णय टलता रहा है। यदि समिति समयबद्ध समाधान नहीं देती, तो UFBU भविष्य में फिर से आंदोलन का रास्ता अपना सकती है।