28 सितंबर से तीन दिन की बैंक हड़ताल: UFBU का आह्वान, SBI समेत सार्वजनिक बैंकों की सेवाएं प्रभावित होने की आशंका
सारांश
मुख्य बातें
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 28 सितंबर 2026 से तीन दिन की देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया है, जिससे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और पुरानी पीढ़ी के निजी बैंकों की शाखा सेवाएं बाधित हो सकती हैं। यह हड़ताल ऐसे समय में आ रही है जब बैंकिंग क्षेत्र अपने महत्वपूर्ण अर्धवार्षिक समापन (हाफ-ईयर क्लोजिंग) के दौर से गुज़र रहा है, जिससे ग्राहकों और कारोबारियों की परेशानी और बढ़ सकती है।
हड़ताल की पृष्ठभूमि और माँगें
UFBU का दावा है कि वह देश के लगभग 90 प्रतिशत बैंक कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है। यूनियनें मुख्य रूप से पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने, पेंशन सुधारों और कर्मचारी कल्याण से जुड़े अन्य लंबित मुद्दों पर ज़ोर दे रही हैं। गौरतलब है कि ये माँगें वर्षों से अनसुलझी हैं और कई दौर की बातचीत के बावजूद समाधान नहीं निकल पाया है।
सरकार और बैंकों की प्रतिक्रिया
वित्त मंत्रालय ने इस सप्ताह की शुरुआत में यूनियनों से हड़ताल टालने और लंबित मुद्दों को बातचीत के ज़रिए सुलझाने की अपील की। मंत्रालय का कहना है कि यूनियनों की अधिकांश चिंताओं पर पहले ही काफी हद तक कार्रवाई की जा चुकी है। ग्राहकों की असुविधा को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को रविवार, 27 सितंबर को भी अपनी शाखाएं खुली रखने का निर्देश दिया है।
SBI और बैंक ऑफ इंडिया की एडवाइजरी
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपनी आधिकारिक एडवाइजरी में कहा है कि वह शाखाओं और कार्यालयों में आवश्यक सेवाएं जारी रखने का प्रयास करेगा, परंतु हड़ताल के दौरान कुछ बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। बैंक ने ग्राहकों से अनुरोध किया है कि वे YONO, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, UPI, ATM और कैश डिपॉजिट मशीनों जैसी डिजिटल सेवाओं का अधिकतम उपयोग करें। इसी प्रकार, बैंक ऑफ इंडिया ने भी ग्राहकों को इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, ATM, बिज़नेस कॉरेस्पोंडेंट पॉइंट और UPI जैसी चौबीसों घंटे उपलब्ध सेवाओं का उपयोग करने की सलाह दी है।
किन बैंकों पर कितना असर
रिपोर्टों के अनुसार, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) के कर्मचारी भी इस आंदोलन में शामिल हो सकते हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाओं पर असर और व्यापक हो सकता है। हालाँकि, नई पीढ़ी के निजी क्षेत्र के बैंक जैसे ICICI बैंक, HDFC बैंक, Axis बैंक और IndusInd बैंक के सामान्य रूप से काम जारी रखने की उम्मीद है, जिससे ग्राहकों के पास एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध रहेगा।
ग्राहकों के लिए ज़रूरी सलाह
जिन ग्राहकों को 28 से 30 सितंबर 2026 के बीच चेक क्लियरिंग, बड़े नकद लेनदेन, लोन डिसबर्समेंट या अन्य शाखा-आधारित कार्य करने हैं, उन्हें 27 सितंबर तक ये काम निपटा लेने की सलाह दी गई है। यदि हड़ताल अपने पूर्ण स्वरूप में होती है, तो यह अर्धवार्षिक लेखांकन बंद के दौरान कारोबारी वर्ग के लिए भी बड़ी बाधा बन सकती है। सरकार और यूनियनों के बीच अंतिम समय में बातचीत की संभावना अभी भी बनी हुई है।