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रांची में CBI का बड़ा एक्शन: CISF के 3 लेखाकार ₹48,400 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

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रांची में CBI का बड़ा एक्शन: CISF के 3 लेखाकार ₹48,400 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

सारांश

CBI ने रांची में CISF के क्षेत्रीय वेतन एवं लेखा कार्यालय में जाल बिछाकर तीन लेखा अधिकारियों को ₹48,400 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि इन्होंने एक हेड कांस्टेबल से TA और बाल शिक्षा भत्ता बिलों की प्रक्रिया के बदले अवैध राशि माँगी थी।

मुख्य बातें

CBI ने 27 अगस्त 2026 को रांची के CISF क्षेत्रीय वेतन एवं लेखा कार्यालय में जाल बिछाया।
वरिष्ठ लेखा अधिकारी संतोष कुमार महतो और सहायक लेखा अधिकारी सुनील कुमार व सुजीत कुमार सिंह को ₹48,400 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
शिकायतकर्ता CISF, NTPC, प्रयागराज का एक हेड कांस्टेबल है, जिससे यात्रा भत्ता और बाल शिक्षा भत्ता बिलों के लिए रिश्वत माँगी गई थी।
CBI ने रांची और धनबाद में 5 स्थानों पर तलाशी ली; आपत्तिजनक दस्तावेज और नकदी जब्त।
तीनों आरोपियों को शुक्रवार को सक्षम न्यायालय में पेश किया जाएगा।
अलग मामले में, CBI ने ओडिशा में ₹13.98 लाख के डाकघर बचत धोखाधड़ी मामले में फरार पूर्व पोस्ट मास्टर शब्दा स्वैन को बरगढ़ से गिरफ्तार किया।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 27 अगस्त 2026 को रांची स्थित केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के क्षेत्रीय वेतन एवं लेखा कार्यालय में जाल बिछाकर तीन लेखा अधिकारियों को ₹48,400 की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथ दबोचा। गिरफ्तार अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने एक हेड कांस्टेबल से उसकी यूनिट के सहकर्मियों के भत्ता बिलों की प्रक्रिया के बदले यह अवैध राशि मांगी थी।

मुख्य घटनाक्रम

CBI ने बुधवार को तीनों आरोपी लोक सेवकों के विरुद्ध औपचारिक मामला दर्ज किया। इसके बाद गुरुवार को रांची स्थित गृह मंत्रालय के CISF के क्षेत्रीय वेतन एवं लेखा कार्यालय में जाल बिछाया गया। जाल के दौरान तीनों आरोपियों को शिकायतकर्ता से ₹48,400 नकद स्वीकार करते हुए पकड़ा गया और यह पूरी राशि मौके पर बरामद कर ली गई।

आरोपियों की पहचान

CBI के आधिकारिक बयान के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों अधिकारियों की पहचान इस प्रकार है — वरिष्ठ लेखा अधिकारी संतोष कुमार महतो तथा सहायक लेखा अधिकारी सुनील कुमार और सुजीत कुमार सिंह। तीनों रांची स्थित क्षेत्रीय वेतन एवं लेखा कार्यालय में कार्यरत थे।

रिश्वत की वजह

शिकायतकर्ता CISF, NTPC, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश का एक हेड कांस्टेबल है। आरोप है कि आरोपी अधिकारियों ने उससे उसकी यूनिट के विभिन्न अधिकारियों के यात्रा भत्ता (TA) और बाल शिक्षा भत्ता सहित कई बिलों के भुगतान एवं प्रक्रिया के लिए रिश्वत की मांग की थी। यह ऐसे समय में सामने आया है जब सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार के विरुद्ध CBI की कार्रवाइयाँ लगातार तेज हो रही हैं।

तलाशी और बरामदगी

गिरफ्तारी के बाद CBI ने रांची और धनबाद में आरोपियों से संबंधित पाँच स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज और नकदी जब्त की गई। तीनों आरोपियों को शुक्रवार को सक्षम न्यायालय में पेश किए जाने की सूचना है।

ओडिशा में भी CBI की कार्रवाई

एक अलग मामले में, CBI ने ओडिशा के बरगढ़ में एक फरार पूर्व डाक अधिकारी को भी गिरफ्तार किया। बोंडा डाकघर की तत्कालीन शाखा पोस्ट मास्टर शब्दा स्वैन को 2015 के डाकघर बचत धोखाधड़ी मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में हिरासत में लिया गया है। इस मामले में ₹13.98 लाख के घोटाले का आरोप है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसी प्रणाली क्यों बनी रहती है जहाँ TA और बाल शिक्षा भत्ता जैसे नियमित दावों के लिए भी रिश्वत देनी पड़ती है।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CBI ने रांची में किन अधिकारियों को गिरफ्तार किया?
CBI ने CISF के क्षेत्रीय वेतन एवं लेखा कार्यालय, रांची के वरिष्ठ लेखा अधिकारी संतोष कुमार महतो और सहायक लेखा अधिकारी सुनील कुमार व सुजीत कुमार सिंह को गिरफ्तार किया। तीनों को ₹48,400 की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया।
रिश्वत किस काम के लिए माँगी गई थी?
आरोप है कि तीनों अधिकारियों ने CISF, NTPC, प्रयागराज के एक हेड कांस्टेबल से उसकी यूनिट के सहकर्मियों के यात्रा भत्ता (TA) और बाल शिक्षा भत्ता सहित कई बिलों के भुगतान और प्रक्रिया के बदले रिश्वत माँगी थी।
CBI ने गिरफ्तारी कैसे की?
CBI ने 27 अगस्त 2026 को रांची स्थित CISF के क्षेत्रीय वेतन एवं लेखा कार्यालय में जाल बिछाया। जाल के दौरान तीनों आरोपियों को शिकायतकर्ता से ₹48,400 नकद स्वीकार करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया।
गिरफ्तारी के बाद क्या कार्रवाई हुई?
CBI ने रांची और धनबाद में आरोपियों से संबंधित पाँच स्थानों पर तलाशी ली, जहाँ आपत्तिजनक दस्तावेज और नकदी जब्त की गई। तीनों आरोपियों को शुक्रवार को सक्षम न्यायालय में पेश किए जाने की सूचना है।
ओडिशा में CBI ने किसे और क्यों गिरफ्तार किया?
CBI ने ओडिशा के बरगढ़ में बोंडा डाकघर की तत्कालीन शाखा पोस्ट मास्टर शब्दा स्वैन को गिरफ्तार किया। वे 2015 के डाकघर बचत धोखाधड़ी मामले में कथित तौर पर ₹13.98 लाख के घोटाले में शामिल बताई जा रही हैं और फरार चल रही थीं।
राष्ट्र प्रेस
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