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रामगढ़ में सीबीआई का शिकंजा: सीसीएल के चीफ स्टोर कीपर को ₹10,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा

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रामगढ़ में सीबीआई का शिकंजा: सीसीएल के चीफ स्टोर कीपर को ₹10,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा

सारांश

सीबीआई ने रामगढ़ में सीसीएल के चीफ स्टोर कीपर को ₹10,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा — एक बीमार सुरक्षा गार्ड को हल्का काम देने की एवज में। यह कार्रवाई 14 जून को असम में रेलवे इंजीनियर की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की एक और बड़ी सफलता है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 22 जून 2025 को रामगढ़, झारखंड में सीसीएल के चीफ स्टोर कीपर को ₹10,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
आरोपी ने एक सुरक्षा गार्ड को उसकी मेडिकल स्थिति के अनुसार हल्का काम देने के बदले यह रिश्वत मांगी थी।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के कार्यालय और आवास दोनों की तलाशी ली जा रही है।
इससे पहले 14 जून 2025 को सीबीआई ने सिलचर, असम में नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के एक वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर को ₹20,000 की रिश्वत लेते पकड़ा था।
असम मामले में आरोपी इंजीनियर ने करीब ₹20 लाख के बिल को पास करने के बदले बकाया राशि का एक प्रतिशत रिश्वत मांगी थी।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 22 जून 2025 को झारखंड के रामगढ़ जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के बरका सयाल एरिया स्थित सौंदा रीजनल स्टोर के चीफ स्टोर कीपर को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी ने एक सुरक्षा गार्ड को उसकी चिकित्सीय स्थिति के अनुसार हल्का काम देने के बदले यह राशि मांगी थी।

मामले का पूरा घटनाक्रम

सीबीआई को एक शिकायत मिली थी, जिसमें बताया गया कि आरोपी चीफ स्टोर कीपर ने शिकायतकर्ता — जो सीसीएल में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर कार्यरत हैं — से ₹10,000 की रिश्वत मांगी। यह मांग शिकायतकर्ता की मेडिकल स्थिति को देखते हुए उन्हें हल्के काम पर बनाए रखने की एवज में की गई थी।

शिकायत की पुष्टि होने के बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी को शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि स्वीकार करते हुए मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद एजेंसी ने आरोपी के कार्यालय और आवास दोनों स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया। मामले से जुड़ी आगे की जांच जारी है।

सरकारी कर्मचारी और रिश्वत: व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब सीबीआई ने देशभर में सरकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज की है। गौरतलब है कि इससे महज आठ दिन पहले, 14 जून 2025 को, सीबीआई ने असम के सिलचर में नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के एक वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।

सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, उस मामले में आरोपी इंजीनियर के पास एक ठेकेदार का करीब ₹20 लाख का बिल मंजूरी के लिए लंबित था। जब ठेकेदार ने बिल पास कराने के लिए संपर्क किया, तो इंजीनियर ने कुल बकाया राशि का एक प्रतिशत — यानी ₹20,000 — गैर-कानूनी रूप से रिश्वत के तौर पर मांगा। सीबीआई के जाल में फंसने के बाद उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया।

सीसीएल और कोयला क्षेत्र में भ्रष्टाचार

सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड भारत के प्रमुख सार्वजनिक उपक्रमों में से एक है, जो झारखंड में कोयला उत्खनन का प्रमुख कार्य करती है। आलोचकों का कहना है कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में स्टोर और आपूर्ति विभागों में भ्रष्टाचार की शिकायतें लंबे समय से आती रही हैं, जहाँ कर्मचारियों की सेवा-शर्तों को लेकर अनुचित वसूली के मामले सामने आते रहे हैं।

यह घटना इस बात को भी रेखांकित करती है कि भ्रष्टाचार की शिकायतें अक्सर उन्हीं कर्मचारियों से आती हैं जो खुद किसी न किसी कमज़ोर स्थिति में होते हैं — जैसे कि इस मामले में स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा एक सुरक्षा गार्ड।

आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया

सीबीआई ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। तलाशी अभियान के दौरान मिले दस्तावेज़ और अन्य साक्ष्य जांच का हिस्सा बनाए जा रहे हैं। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या इस प्रकार की वसूली पहले भी होती रही है। आने वाले दिनों में अदालती कार्यवाही के साथ मामले की दिशा और स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसे मामले तब ही सामने आते हैं जब पीड़ित खुद शिकायत करने का साहस जुटाए। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि सीसीएल जैसे उपक्रमों में स्टोर और आपूर्ति विभाग वर्षों से शिकायतों के केंद्र रहे हैं, फिर भी आंतरिक निगरानी तंत्र इन्हें पकड़ने में विफल रहता है। सीबीआई की कार्रवाई तात्कालिक राहत देती है, पर संस्थागत सुधार के बिना यह चक्र जारी रहेगा।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामगढ़ में सीबीआई ने किसे और क्यों गिरफ्तार किया?
सीबीआई ने सीसीएल के बरका सयाल एरिया, सौंदा स्थित रीजनल स्टोर के चीफ स्टोर कीपर को गिरफ्तार किया। आरोपी ने एक सुरक्षा गार्ड को उसकी मेडिकल स्थिति के अनुसार हल्का काम देने के बदले ₹10,000 की रिश्वत मांगी और ली थी।
सीबीआई ने आरोपी को कैसे पकड़ा?
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी को शिकायतकर्ता से ₹10,000 की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद उसके कार्यालय और घर की तलाशी शुरू की गई।
सीसीएल क्या है और यह मामला कहाँ का है?
सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) झारखंड में कोयला उत्खनन करने वाला एक प्रमुख सरकारी उपक्रम है। यह मामला रामगढ़ जिले के बरका सयाल एरिया के सौंदा स्थित रीजनल स्टोर से जुड़ा है।
क्या हाल ही में सीबीआई ने इसी तरह की कोई और कार्रवाई की है?
हाँ, 14 जून 2025 को सीबीआई ने असम के सिलचर में नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के एक वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। आरोपी इंजीनियर ने करीब ₹20 लाख का बिल पास करने के बदले बकाया राशि का एक प्रतिशत रिश्वत मांगी थी।
इस मामले में आगे क्या होगा?
सीबीआई ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। तलाशी में मिले दस्तावेज़ जांच का हिस्सा बनाए जा रहे हैं और मामले की आगे की जांच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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