रामगढ़ में सीबीआई का शिकंजा: सीसीएल के चीफ स्टोर कीपर को ₹10,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 22 जून 2025 को झारखंड के रामगढ़ जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के बरका सयाल एरिया स्थित सौंदा रीजनल स्टोर के चीफ स्टोर कीपर को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी ने एक सुरक्षा गार्ड को उसकी चिकित्सीय स्थिति के अनुसार हल्का काम देने के बदले यह राशि मांगी थी।
मामले का पूरा घटनाक्रम
सीबीआई को एक शिकायत मिली थी, जिसमें बताया गया कि आरोपी चीफ स्टोर कीपर ने शिकायतकर्ता — जो सीसीएल में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर कार्यरत हैं — से ₹10,000 की रिश्वत मांगी। यह मांग शिकायतकर्ता की मेडिकल स्थिति को देखते हुए उन्हें हल्के काम पर बनाए रखने की एवज में की गई थी।
शिकायत की पुष्टि होने के बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी को शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि स्वीकार करते हुए मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद एजेंसी ने आरोपी के कार्यालय और आवास दोनों स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया। मामले से जुड़ी आगे की जांच जारी है।
सरकारी कर्मचारी और रिश्वत: व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब सीबीआई ने देशभर में सरकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज की है। गौरतलब है कि इससे महज आठ दिन पहले, 14 जून 2025 को, सीबीआई ने असम के सिलचर में नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के एक वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, उस मामले में आरोपी इंजीनियर के पास एक ठेकेदार का करीब ₹20 लाख का बिल मंजूरी के लिए लंबित था। जब ठेकेदार ने बिल पास कराने के लिए संपर्क किया, तो इंजीनियर ने कुल बकाया राशि का एक प्रतिशत — यानी ₹20,000 — गैर-कानूनी रूप से रिश्वत के तौर पर मांगा। सीबीआई के जाल में फंसने के बाद उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया।
सीसीएल और कोयला क्षेत्र में भ्रष्टाचार
सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड भारत के प्रमुख सार्वजनिक उपक्रमों में से एक है, जो झारखंड में कोयला उत्खनन का प्रमुख कार्य करती है। आलोचकों का कहना है कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में स्टोर और आपूर्ति विभागों में भ्रष्टाचार की शिकायतें लंबे समय से आती रही हैं, जहाँ कर्मचारियों की सेवा-शर्तों को लेकर अनुचित वसूली के मामले सामने आते रहे हैं।
यह घटना इस बात को भी रेखांकित करती है कि भ्रष्टाचार की शिकायतें अक्सर उन्हीं कर्मचारियों से आती हैं जो खुद किसी न किसी कमज़ोर स्थिति में होते हैं — जैसे कि इस मामले में स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा एक सुरक्षा गार्ड।
आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया
सीबीआई ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। तलाशी अभियान के दौरान मिले दस्तावेज़ और अन्य साक्ष्य जांच का हिस्सा बनाए जा रहे हैं। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या इस प्रकार की वसूली पहले भी होती रही है। आने वाले दिनों में अदालती कार्यवाही के साथ मामले की दिशा और स्पष्ट होगी।