विकसित भारत की नींव रखेंगी महिला इंजीनियर: IGDTUW 'प्रबोधन' समारोह में LG संधू और CM गुप्ता का आह्वान
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 27 अगस्त 2026 को इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय (IGDTUW) में आयोजित 'प्रबोधन' इंडक्शन प्रोग्राम-2026 के समापन समारोह में छात्राओं को संबोधित किया और उनसे भविष्य की नेता एवं नवप्रवर्तक बनने का आग्रह किया। दोनों नेताओं ने एक स्वर में कहा कि ये छात्राएँ केवल अपने करियर नहीं, बल्कि विकसित भारत के स्वप्न को आकार दे रही हैं।
उपराज्यपाल का संदेश: तकनीक की उपभोक्ता नहीं, निर्माता बनें
उपराज्यपाल संधू ने IGDTUW के उन प्रयासों की सराहना की जो तकनीकी शिक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों में महिलाओं के लिए नए अवसर तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाना न केवल उनके व्यक्तिगत विकास के लिए, बल्कि राष्ट्रीय विकास और नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी को सुदृढ़ करने के लिए भी अनिवार्य है।
छात्राओं को सीधे संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पीढ़ी के पास स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि, विनिर्माण, शासन और दैनिक जीवन के लगभग हर पहलू में दूरगामी बदलाव लाने वाली प्रौद्योगिकी को विकसित करने का अभूतपूर्व अवसर है। उनके अनुसार, इन छात्राओं की जिम्मेदारी केवल प्रौद्योगिकी के उपयोग तक सीमित नहीं — उन्हें प्रौद्योगिकी के निर्माता और नवप्रवर्तक बनना होगा।
नए व्याख्यान कक्ष परिसर का उद्घाटन
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के अत्याधुनिक व्याख्यान कक्ष परिसर का भी उद्घाटन किया गया। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह परिसर छात्राओं को शिक्षण, संवाद और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए एक समकालीन शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराएगा। गौरतलब है कि IGDTUW देश के उन चुनिंदा विश्वविद्यालयों में से एक है जो विशेष रूप से महिलाओं के लिए तकनीकी उच्च शिक्षा को समर्पित है।
मुख्यमंत्री गुप्ता का आह्वान: AI की निर्माता बनें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आज बेटियाँ इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, विज्ञान, अंतरिक्ष और रक्षा सहित हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्राओं को मौजूदा तकनीकों के उपयोग तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और नई प्रौद्योगिकियों की निर्माता बनना चाहिए।
गुप्ता ने छात्राओं से अपने भीतर जिज्ञासा, साहस और चरित्र विकसित करने का आग्रह किया। उनका स्पष्ट संदेश था कि ये छात्राएँ नौकरी तलाशने वाली नहीं, बल्कि नौकरी सृजित करने वाली बनें।
आम जनता और शिक्षा जगत पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब देश में महिला तकनीकी शिक्षा को मुख्यधारा में लाने की माँग तेज हो रही है। IGDTUW जैसे संस्थान इस दिशा में एक मॉडल के रूप में उभर रहे हैं। 'प्रबोधन' जैसे इंडक्शन कार्यक्रम नई छात्राओं को शैक्षणिक और व्यावसायिक दोनों स्तरों पर तैयार करने का प्रयास करते हैं।
आगे की राह
नए व्याख्यान कक्ष परिसर के उद्घाटन के साथ IGDTUW अपनी बुनियादी शैक्षणिक संरचना को और मजबूत कर रहा है। दोनों नेताओं के संबोधन ने स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार और राजभवन महिला तकनीकी शिक्षा को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जोड़कर देख रहे हैं — और इस विश्वविद्यालय की छात्राएँ उस यात्रा की अग्रदूत मानी जा रही हैं।