28 अगस्त 2026
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सीबीआई ने बीएसएनएल भोपाल के 2 इंजीनियरों को ₹75,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

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सीबीआई ने बीएसएनएल भोपाल के 2 इंजीनियरों को ₹75,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

सारांश

सीबीआई ने एक ही दिन में दो अलग राज्यों में सरकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की — भोपाल में बीएसएनएल के 2 इंजीनियर ₹75,000 रिश्वत लेते पकड़े गए, जबकि रांची में सीआईएसएफ के 3 लेखा अधिकारी ₹48,000 से अधिक की वसूली में गिरफ्तार हुए।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 27 अगस्त 2026 को बीएसएनएल भोपाल के मुख्य इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) और सुपरिटेंडिंग इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) को ₹75,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
दोनों पर जबलपुर की एक ठेकेदार फर्म से ₹2 लाख की अवैध माँग का आरोप है — 14 लंबित बिलों को पास करने के एवज़ में।
भोपाल, लखनऊ और कानपुर में आरोपियों के घरों और दफ्तरों पर तलाशी जारी है।
रांची में सीआईएसएफ के वरिष्ठ लेखा अधिकारी संतोष कुमार महतो और दो सहायक लेखा अधिकारी — सुनील कुमार व सुजीत कुमार सिंह — एक कांस्टेबल से ₹48,000 से अधिक की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार।
रांची के तीनों आरोपियों को शुक्रवार को सक्षम न्यायालय में पेश किया जाएगा।

केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने 27 अगस्त 2026 को भोपाल में बीएसएनएल के मुख्य इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) और सुपरिटेंडिंग इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) को ₹75,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह राशि ₹2 लाख की कथित अवैध माँग का पहला हिस्सा थी, जो जबलपुर की एक ठेकेदार फर्म से वसूली जा रही थी।

मामले की पृष्ठभूमि

आरोप है कि बीएसएनएल भोपाल में तैनात दोनों अधिकारियों ने जबलपुर की एक फर्म से रिश्वत की माँग की, जो बीएसएनएल के ऑपरेशन एवं व्यापक रखरखाव (ओसीएम) और इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन से जुड़े कार्य करती थी। सीबीआई के अनुसार, दोनों आरोपियों ने अपने और एक सह-आरोपी के लिए ₹2-2 लाख की अवैध रिश्वत की माँग रखी थी।

यह रिश्वत फर्म के 14 अलग-अलग कार्यों के लंबित बिलों को प्रोसेस करने के एवज़ में माँगी गई थी। गौरतलब है कि सरकारी ठेकेदारों से बिल पास कराने के नाम पर रिश्वत वसूलने के ऐसे मामले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में बार-बार सामने आते रहे हैं।

सीबीआई का जाल और गिरफ्तारी

सीबीआई ने शिकायत मिलने के बाद जाल बिछाया और भोपाल में दोनों आरोपी अधिकारियों को उस समय रंगे हाथ पकड़ा, जब वे माँगी गई ₹2 लाख की रिश्वत के पहले हिस्से के रूप में ₹75,000 स्वीकार कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी ने भोपाल, लखनऊ और कानपुर में आरोपियों के आवासों और कार्यालयों पर तलाशी अभियान शुरू किया।

रांची में भी सीबीआई की कार्रवाई

एक अलग मामले में, सीबीआई ने रांची स्थित केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के क्षेत्रीय वेतन और लेखा कार्यालय के तीन अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया। इनमें वरिष्ठ लेखा अधिकारी संतोष कुमार महतो, सहायक लेखा अधिकारी सुनील कुमार और सहायक लेखा अधिकारी सुजीत कुमार सिंह शामिल हैं।

आरोप है कि इन तीनों ने अपनी यूनिट के सहकर्मियों के विभिन्न भत्ता बिलों का भुगतान जारी करने के लिए एक कांस्टेबल से ₹48,000 से अधिक की रिश्वत माँगी और ली। सीबीआई ने इस मामले में 27 अगस्त से एक दिन पूर्व, बुधवार को प्राथमिकी दर्ज की थी।

आगे की कार्यवाही

सीबीआई के बयान के अनुसार, रांची में गिरफ्तार तीनों आरोपियों को शुक्रवार को सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। भोपाल मामले में भी जाँच जारी है और तलाशी अभियान से और साक्ष्य मिलने की संभावना है। यह एक दिन में सीबीआई की दोहरी कार्रवाई सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार के विरुद्ध एजेंसी के बढ़ते दबाव को दर्शाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ पहले से ही वित्तीय दबाव है, ठेकेदारों के बिलों को 'बंधक' बनाकर रिश्वत वसूलना एक पुराना और दोहराया जाने वाला पैटर्न है। असली सवाल यह है कि क्या ये गिरफ्तारियाँ अकेले मामले हैं या किसी बड़े नेटवर्क की कड़ी — तलाशी के नतीजे इसका जवाब दे सकते हैं।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने बीएसएनएल भोपाल के इंजीनियरों को किस आरोप में गिरफ्तार किया?
सीबीआई ने बीएसएनएल भोपाल के मुख्य इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) और सुपरिटेंडिंग इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) को जबलपुर की एक ठेकेदार फर्म से ₹75,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। यह राशि ₹2 लाख की कुल माँग का पहला हिस्सा थी, जो फर्म के 14 लंबित बिलों को प्रोसेस करने के बदले माँगी गई थी।
बीएसएनएल इंजीनियरों ने रिश्वत क्यों माँगी थी?
आरोप है कि दोनों इंजीनियरों ने जबलपुर की उस फर्म के 14 अलग-अलग कार्यों के लंबित बिलों को पास करने के एवज़ में ₹2-2 लाख रुपए की रिश्वत माँगी थी। यह फर्म बीएसएनएल के ओसीएम और इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन कार्यों से जुड़ी थी।
रांची में सीबीआई ने किन अधिकारियों को गिरफ्तार किया?
रांची में सीबीआई ने सीआईएसएफ के क्षेत्रीय वेतन और लेखा कार्यालय के वरिष्ठ लेखा अधिकारी संतोष कुमार महतो और सहायक लेखा अधिकारी सुनील कुमार व सुजीत कुमार सिंह को गिरफ्तार किया। इन पर एक कांस्टेबल से ₹48,000 से अधिक की रिश्वत माँगने और लेने का आरोप है।
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने क्या कदम उठाए?
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने भोपाल, लखनऊ और कानपुर में आरोपियों के आवासों और कार्यालयों पर तलाशी शुरू की। रांची के तीनों आरोपियों को शुक्रवार को सक्षम न्यायालय में पेश किया जाना था।
क्या बीएसएनएल में इस तरह के भ्रष्टाचार के मामले पहले भी सामने आए हैं?
सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में ठेकेदारों के बिल रोककर रिश्वत वसूलने के मामले पहले भी दर्ज हुए हैं। बीएसएनएल जैसे वित्तीय दबाव में चल रहे उपक्रमों में यह पैटर्न बार-बार देखा गया है, जहाँ ठेकेदार भुगतान में देरी के कारण अधिकारियों पर निर्भर रहते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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