गुजरात एसीबी ने नरोदा सब-रजिस्ट्रार समेत चार को ₹2.5 लाख रिश्वत मामले में किया गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने अहमदाबाद के नरोदा-6 स्थित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के सब-रजिस्ट्रार आकाश देसाई सहित चार व्यक्तियों को ₹2.5 लाख की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार, 5 मई को यह जानकारी देते हुए बताया कि एसीबी द्वारा बिछाए गए जाल में सभी आरोपी रंगे हाथ पकड़े गए और मौके से पूरी रकम बरामद कर ली गई।
मामले की पृष्ठभूमि
एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ता एक आवासीय संपत्ति के दस्तावेज के पंजीकरण के लिए नरोदा-6 सब-रजिस्ट्रार कार्यालय गया था। प्रक्रिया के दौरान सब-रजिस्ट्रार आकाश देसाई ने कुछ आपत्तियाँ उठाईं, जिसके बाद कार्यालय के संविदा कर्मचारी जय आदिवासी और राहिल शेख ने हस्तक्षेप किया। इन दोनों पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता से संपर्क कर यह आश्वासन दिया कि दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया पूरी करा दी जाएगी।
रिश्वत की माँग और ऑनलाइन लेनदेन
आरोपियों में से एक ने बाद में शिकायतकर्ता से व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया और बताया कि कलेक्टर कार्यालय से धारा 73(एए) के तहत किसी शर्त वाले दस्तावेज की आवश्यकता के बिना ही काम पूरा कर दिया जाएगा। इसके लिए पहले एक सहयोगी से जुड़े क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन ₹35,000 की शुरुआती रकम ली गई। इसके बाद सब-रजिस्ट्रार के कथित निर्देशों पर पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने के एवज में ₹2.5 लाख की माँग की गई।
एसीबी का जाल और गिरफ्तारी
रिश्वत देने से इनकार करते हुए शिकायतकर्ता ने एसीबी से संपर्क किया, जिसके बाद उसी दिन ऑपरेशन चलाया गया। अधिकारियों के अनुसार, जय आदिवासी ने शिकायतकर्ता से बातचीत की और आकाश देसाई की ओर से काम करते हुए, नरेंद्र उर्फ सोनू रामकरण बोहरा के साथ मिलकर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय परिसर के भीतर रिश्वत की रकम स्वीकार की। ऑपरेशन के दौरान सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और ₹2.5 लाख की नकदी जब्त कर ली गई।
गुजरात एसीबी की हालिया कार्रवाइयाँ
यह गिरफ्तारी गुजरात में भ्रष्टाचार-विरोधी अभियानों की एक लंबी कड़ी में नवीनतम है। इससे पहले मार्च में राज्य खुफिया ब्यूरो के एक वरिष्ठ अधिकारी को गांधीनगर में पुलिस सुरक्षा नवीनीकरण के संबंध में कथित तौर पर ₹80,000 की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसी तरह जनवरी में अहमदाबाद के सारसपुर इलाके में कलेक्टर कार्यालय परिसर स्थित एक नागरिक केंद्र में आधार-संबंधित सेवाओं के लिए कथित तौर पर ₹32,000 की रिश्वत लेने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात में सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार के मामलों पर एसीबी की निगरानी लगातार कड़ी होती जा रही है।
इस मामले में आगे की जाँच जारी है और आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।