14 जुलाई 2026
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क्या बिहार में नवादा का सब-इंस्पेक्टर रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ा गया?

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क्या बिहार में नवादा का सब-इंस्पेक्टर रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ा गया?

सारांश

बिहार के नवादा जिले में एक सब-इंस्पेक्टर को 25,000 रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है। क्या यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत कदम है?

मुख्य बातें

भ्रष्टाचार के खिलाफ ठोस कार्रवाई राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति सतर्कता विभाग की सक्रियता शिकायतकर्ता का साहस भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की दिशा में कदम

पटना, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करते हुए बिहार के सतर्कता विभाग ने शुक्रवार को नवादा जिले के अकबरपुर पुलिस थाने में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर को 25,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।

आरोपी को सुनियोजित तरीके से चलाए गए जाल में रंगे हाथों पकड़ा गया।

यह मामला नवादा के वारिसलीगंज निवासी विकास कुमार द्वारा पटना स्थित सतर्कता विभाग मुख्यालय में दर्ज कराई गई शिकायत से शुरू हुआ।

अपनी शिकायत में विकास कुमार ने आरोप लगाया कि सब-इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार एक मामले को निपटाने के बदले पैसे मांग रहा था।

शिकायत की पुष्टि और सही पाए जाने पर सतर्कता विभाग ने डीएसपी गौतम कृष्णा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया।

टीम नवादा पहुंची और आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।

शिकायतकर्ता द्वारा सब-इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार को 25,000 रुपए की रिश्वत सौंपते ही सतर्कता दल ने तुरंत हस्तक्षेप किया और उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

आरोपी सब-इंस्पेक्टर को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में पटना ले जाया गया, जहां उसे सतर्कता विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा।

इस गिरफ्तारी से भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को बल मिला है।

सतर्कता अधिकारियों ने कहा कि पद का दुरुपयोग करके निजी लाभ कमाने वाले किसी भी अधिकारी के खिलाफ ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

इससे पहले, 23 दिसंबर, 2025 को सिवान जिले में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर को 40,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था।

गिरफ्तार अधिकारी की पहचान कन्हैया कुमार सिंह के रूप में हुई है, जो सिवान पुलिस स्टेशन में तैनात था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नवादा में सब-इंस्पेक्टर को किस मामले में गिरफ्तार किया गया?
उन्हें 25,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
क्या यह गिरफ्तारी बिहार सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है?
हाँ, यह गिरफ्तारी भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है।
इस मामले की शिकायत किसने की थी?
यह शिकायत नवादा के वारिसलीगंज निवासी विकास कुमार ने की थी।
क्या पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं?
हाँ, इससे पहले भी सिवान जिले में एक सब-इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।
सतर्कता विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य भ्रष्टाचार को खत्म करना और सरकारी अधिकारियों के दुरुपयोग को रोकना है।
राष्ट्र प्रेस
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