बांका में बिजली विभाग के SDO बिजेंद्र कुमार गिरफ्तार, ₹20,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के बांका जिले में सतर्कता जांच ब्यूरो (VIB) ने सोमवार, 2 जून 2026 को राजौन बिजली उप-मंडल कार्यालय में छापा मारकर बिजली विभाग के उप-मंडल अधिकारी (SDO) बिजेंद्र कुमार को ₹20,000 की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई के लिए पटना लाया गया।
शिकायत से कैसे शुरू हुआ मामला
धोरैया थाना क्षेत्र के घासिया गांव निवासी मनोज कुमार यादव ने अपने घरेलू बिजली कनेक्शन को कमर्शियल कनेक्शन में बदलवाने के लिए आवेदन किया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, SDO बिजेंद्र कुमार ने इस वैध सरकारी कार्य को संसाधित करने के बदले शुरू में ₹2 लाख की मांग रखी, जिसे बाद में घटाकर ₹30,000 कर दिया गया। रिश्वत देने से इनकार करते हुए यादव ने पटना स्थित सतर्कता जांच ब्यूरो में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
सतर्कता दल का ऑपरेशन
शिकायत मिलने पर VIB ने गुप्त जांच शुरू की। प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिलने के बाद अधिकारियों ने जाल बिछाने की योजना तैयार की और शिकायतकर्ता को तय राशि सौंपने का निर्देश दिया। सोमवार को जब SDO ने कथित तौर पर ₹20,000 की पहली किस्त स्वीकार की, तो सतर्कता टीम ने तत्काल हस्तक्षेप कर उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
छापेमारी दल का नेतृत्व
इस ऑपरेशन का नेतृत्व सतर्कता DSP सत्येंद्र राम ने किया। दस सदस्यीय विशेष छापेमारी दल में पुलिस इंस्पेक्टर राधेश्याम राम और अश्मित कुमार के साथ-साथ सब-इंस्पेक्टर शशिकांत सिंह, राहुल कुमार, रणधीर सिंह और पंकज कुमार सिंह शामिल थे।
तकनीकी और प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं
घटनास्थल पर सभी अनिवार्य प्रक्रियाएं पूरी की गईं, जिनमें नोटों के सीरियल नंबरों का सत्यापन और चिह्नित नोटों के लेन-देन को साबित करने के लिए रासायनिक परीक्षण शामिल हैं। ये प्रक्रियाएं न्यायालय में साक्ष्य को पुख्ता करने के लिए अपनाई जाती हैं।
आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार SDO बिजेंद्र कुमार को पटना लाकर विधिसम्मत पूछताछ जारी है। यह मामला बिहार में सरकारी सेवाओं में भ्रष्टाचार के खिलाफ VIB की सक्रियता को दर्शाता है। आने वाले दिनों में आरोप-पत्र दाखिल होने की संभावना है।