औरंगाबाद में विजिलेंस ब्यूरो का ट्रैप: ₹50,000 रिश्वत लेते सब-इंस्पेक्टर उमेश कुमार गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के औरंगाबाद जिले में विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने 31 जुलाई 2026 को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रिसियाप पुलिस स्टेशन में तैनात सब-इंस्पेक्टर उमेश कुमार को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी पुलिस स्टेशन के पीछे स्थित पंचायत भवन के पास एक पूर्व-नियोजित ट्रैप ऑपरेशन के तहत की गई।
शिकायत और आरोप
यह मामला रिसियाप पुलिस स्टेशन इलाके के गणपत दुआ निवासी लक्ष्मण राम (पिता: सरयू राम) की ओर से पटना में दी गई लिखित शिकायत के बाद सामने आया। शिकायतकर्ता और उनके पड़ोसियों ने एक-दूसरे के परिवारों के खिलाफ मामले दर्ज कराए थे, जिनकी जांच उमेश कुमार कर रहे थे।
विजिलेंस ब्यूरो के अनुसार, आरोपी सब-इंस्पेक्टर ने लक्ष्मण राम से एफआईआर में उनके दो बेटों के नाम हटाने और कुछ आरोप कम करने के एवज में ₹50,000 की मांग की थी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि यदि रकम नहीं दी गई, तो अधिकारी ने मामले में और गंभीर धाराएँ जोड़ने की धमकी दी थी।
ट्रैप ऑपरेशन का घटनाक्रम
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपों की गुप्त जांच की। अधिकारियों के अनुसार, जांच में रिश्वत की कथित मांग की पुष्टि हुई, जिसके बाद एफआईआर दर्ज कर ट्रैप ऑपरेशन की तैयारी शुरू की गई।
पटना के विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संतोष कुमार की अगुवाई में एक विशेष ट्रैप टीम गठित की गई। योजना के अनुसार, लक्ष्मण राम ने पंचायत भवन के पास उमेश कुमार को ₹50,000 सौंपे। सादे कपड़ों में तैनात विजिलेंस कर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर सब-इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए दबोच लिया।
कानूनी कार्रवाई
आरोपी अधिकारी उमेश कुमार के खिलाफ विजिलेंस पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ के लिए उन्हें पटना लाया गया है और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद उन्हें पटना की स्पेशल कोर्ट (विजिलेंस) में पेश किया जाएगा।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान के तहत विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो लगातार सक्रिय है। गौरतलब है कि राज्य में पुलिस कर्मियों द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं और इस गिरफ्तारी को ब्यूरो की हालिया कार्रवाइयों की श्रृंखला में एक और कड़ी माना जा रहा है। मामले की आगे की जांच जारी है।