बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने 1.70 लाख की रिश्वत लेते मुकेश कुमार को रंगेहाथ पकड़ा
सारांश
Key Takeaways
- बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की सक्रियता का प्रमाण
- रिश्वतखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई
- जांच में पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई
- भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना
- कुल 38 मामले दर्ज, 30 आरोपी गिरफ्तार
पटना, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो भ्रष्टाचार के खिलाफ निरंतर कार्रवाई कर रहा है। इसके तहत, एक टीम ने गुरुवार को मुंगेर के प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय के विधि शाखा में कार्यरत पेशकार मुकेश कुमार को 1.70 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि बेगूसराय के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के पंचवीर गांव के निवासी नन्दकिशोर प्रसाद सुमन ने पटना में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत की थी कि एक जमीन से संबंधित कोर्ट केस में मदद के लिए मुकेश कुमार ने रिश्वत की मांग की।
शिकायत के सत्यापन के बाद, निगरानी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई और पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। गुरुवार को टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया और जैसे ही मुकेश ने तय राशि ली, उसे तुरंत पकड़ लिया गया।
गिरफ्तारी प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय के विधि शाखा कक्ष के सामने हुई, जिससे कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आरोपी के पास से पूरी रिश्वत की राशि बरामद की गई है।
अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी से पूछताछ के बाद उसे अदालत में पेश किया जाएगा। ब्यूरो के अधिकारी ने कहा है कि विभाग द्वारा भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। इस वर्ष अब तक कुल 38 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिसमें यह ट्रैप संबंधी 33वां मामला है। अभी तक 30 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है और करीब 12 लाख रुपए की रिश्वत जब्त की गई है।