बिहार में मुखिया की गिरफ्तारी: रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया
सारांश
Key Takeaways
- मुखिया अवधेश साह को 16 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा गया।
- गिरफ्तारी बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा की गई।
- यह मामला नल-जल योजना से जुड़ा है।
- इस वर्ष अब तक 30 भ्रष्टाचार के मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
- भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
सीतामढ़ी, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मंगलवार को सीतामढ़ी जिले के एक ग्राम पंचायत के मुखिया को 16 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि सीतामढ़ी जिले के कौड़िया लालपुर पंचायत के मुखिया अवधेश साह को डूमरा कोर्ट कैंपस, दुर्गा मंदिर के पास से गिरफ्तार किया गया।
सूत्रों के अनुसार, रुन्नीसैदपुर थाना क्षेत्र के कोदनिया निवासी अजय कुमार ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी कि नल-जल योजना में चार अनुरक्षकों का मानदेय भुगतान किए जाने के बाद मुखिया द्वारा आगामी किस्त के लिए रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत के सत्यापन में आरोप सही पाए गए। इसके बाद एक प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस उपाधीक्षक शिव कुमार साह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया।
योजना के तहत मंगलवार को अजय कुमार को मुखिया को रिश्वत देने के लिए भेजा गया। जैसे ही मुखिया ने 16 हजार रुपए रिश्वत के रूप में स्वीकार किए, निगरानी विभाग की टीम ने मौके पर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। इस गिरफ्तारी के बाद वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
गिरफ्तारी के बाद, निगरानी विभाग की टीम आरोपी मुखिया को ले गई। फिलहाल, उससे पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई को जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पूछताछ के बाद आरोपी को निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। इस वर्ष, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा अब तक 30 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिसमें यह 26वां ट्रैप मामला है। अब तक कुल 19 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।