क्या गोपालगंज के राजस्व अधिकारी विजय सिंह ने रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े गए?
सारांश
Key Takeaways
- गोपालगंज में राजस्व अधिकारी की गिरफ्तारी
- रिश्वत मांगने के खिलाफ कार्रवाई
- निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की सक्रियता
- भ्रष्टाचार के खिलाफ सातवीं प्राथमिकी
- नागरिकों का विश्वास बढ़ाने का प्रयास
गोपालगंज, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में, मंगलवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की एक टीम ने गोपालगंज जिले के बरौली अंचल कार्यालय में कार्यरत राजस्व अधिकारी विजय कुमार सिंह को 6 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के एक अधिकारी ने कहा कि बरौली थाना क्षेत्र के बघेजी गांव के निवासी रामाश्रय प्रसाद के पुत्र शैलेंद्र साह ने पटना निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दी थी कि आरोपी अधिकारी विजय कुमार सिंह जमीन का दाखिल-खारिज करने के लिए रिश्वत मांग रहे हैं।
ब्यूरो ने शिकायत की जांच की और इस दौरान आरोपी द्वारा रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण पाया गया। आरोप सही पाए जाने पर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पुलिस उपाधीक्षक नरेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक धावादल का गठन किया गया।
धावादल ने कार्रवाई करते हुए विजय कुमार सिंह को मंगलवार को उनके कार्यालय से 6 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोपी से पूछताछ के बाद उसे निगरानी के विशेष न्यायालय, मुजफ्फरपुर में पेश किया जाएगा।
यह ध्यान देने योग्य है कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने इस वर्ष भ्रष्टाचार के खिलाफ यह सातवीं प्राथमिकी दर्ज की है, जिसमें यह ट्रैप संबंधी छठा मामला है। अब तक कुल 5 आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया जा चुका है।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने सोमवार को पूर्वी चंपारण जिले के छौड़ादानो के राजस्व कर्मचारी सोनू कुमार को 5 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा था। आरोपी ने जमीन परिमार्जन के लिए एक व्यक्ति से रिश्वत मांगी थी, जिसकी शिकायत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में की गई थी।