बिहार में निगरानी ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, रिश्वत लेते दो अधिकारी गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
पटना, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मंगलवार को दो महत्वपूर्ण सफलताएँ प्राप्त की हैं। सुपौल जिले के मुरैना अंचल में तैनात एक सर्वे अमीन और समस्तीपुर जिले के उजियारपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया।
ब्यूरो के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि मुरैना अंचल के सर्वे अमीन विक्रम कुमार राम को २० हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है।
यह मामला तब सामने आया जब खोरमा गांव के निवासी जगनारायण यादव ने ब्यूरो मुख्यालय में शिकायत की कि विक्रम राम जमीन संबंधी लंबित सर्वे कार्य के लिए रिश्वत मांग रहे हैं। जांच के बाद शिकायत सही पाई गई और पुलिस उपाधीक्षक नरेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक धावा दल का गठन किया गया।
धावा दल ने विक्रम कुमार राम को मंगलवार को निर्मली नगर पंचायत के वार्ड नं. एक स्थित उनके किराए के आवास से २० हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
इस बीच, समस्तीपुर जिले के विद्यापति नगर में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राजेश कुमार भगत को १० हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। उन पर आरोप है कि वे जन वितरण प्रणाली के अंतर्गत अतिरिक्त खाद्य आवंटन बढ़ाने के लिए रिश्वत मांग रहे थे। आरोप की सत्यता की जांच के बाद, ब्यूरो का धावा दल उन्हें उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया।
इन दोनों मामलों के खिलाफ निगरानी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। दोनों आरोपियों से ब्यूरो के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं और उन्हें निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
गौरतलब है कि इस वर्ष बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अब तक १७ आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है और रिश्वत के सात लाख रुपये से अधिक की राशि बरामद की है।