रिश्वतखोरी पर बड़ी कार्रवाई: रोहतास में बीसीओ 10 हजार रुपए घूस लेते गिरफ्तार

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रिश्वतखोरी पर बड़ी कार्रवाई: रोहतास में बीसीओ 10 हजार रुपए घूस लेते गिरफ्तार

सारांश

बिहार विजिलेंस ब्यूरो ने रोहतास जिले के राजपुर ब्लॉक में बीसीओ जनार्दन कुमार को धान खरीद सत्यापन के बदले 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। पैक मैनेजर की शिकायत पर ट्रैप ऑपरेशन चलाया गया। आरोपी को पटना लाकर विशेष विजिलेंस कोर्ट में पेश किया जाएगा।

Key Takeaways

  • बीसीओ जनार्दन कुमार को 24 अप्रैल 2025 को रोहतास जिले के राजपुर ब्लॉक में 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
  • आरोपी ने पैक मैनेजर प्रशांत कुमार से धान खरीद सत्यापन के बदले अवैध भुगतान की मांग की थी।
  • विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने शिकायत के बाद ट्रैप ऑपरेशन चलाकर आरोपी को मौके पर ही दबोचा।
  • गिरफ्तारी के बाद आरोपी के सासाराम स्थित आवास की तलाशी ली गई और संपत्ति दस्तावेजों की जांच हुई।
  • आरोपी को पटना लाकर विशेष विजिलेंस न्यायालय में पेश किया जाएगा।
  • इससे दो दिन पहले 22 अप्रैल को मधुबनी में भी एक क्लर्क और बिचौलिए को 30 हजार रुपए रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया गया था।

पटना, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (वीआईबी) ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रोहतास जिले के राजपुर ब्लॉक में तैनात ब्लॉक कोऑपरेटिव ऑफिसर (बीसीओ) जनार्दन कुमार को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब आरोपी अधिकारी धान खरीद के सत्यापन के बदले अवैध भुगतान स्वीकार कर रहा था। इस कार्रवाई से जिले के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला

विजिलेंस के अधिकारियों के अनुसार, बीसीओ जनार्दन कुमार ने राजपुर के पैक मैनेजर प्रशांत कुमार से धान खरीद सत्यापन करने के एवज में 10 हजार रुपए की मांग की थी। यह एक नियमित सरकारी प्रक्रिया है जिसके लिए किसी भी प्रकार के भुगतान की कोई कानूनी बाध्यता नहीं है।

इस अनुचित मांग से परेशान होकर पैक मैनेजर प्रशांत कुमार ने पटना स्थित विजिलेंस विभाग में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की प्रारंभिक जांच और पुष्टि के बाद विजिलेंस की विशेष टीम ने रणनीतिक जाल बिछाया।

कैसे हुई गिरफ्तारी

विजिलेंस की टीम ने पूरी तैयारी के साथ ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया। जैसे ही शिकायतकर्ता प्रशांत कुमार ने 10 हजार रुपए की रिश्वत की रकम जनार्दन कुमार को सौंपी, वीआईबी की टीम ने मौके पर छापा मारकर आरोपी अधिकारी को रंगे हाथों दबोच लिया।

विजिलेंस इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार ने स्पष्ट किया कि धान खरीद सत्यापन जैसे नियमित सरकारी कार्यों के लिए धन की मांग करना पूर्णतः अवैध है। इसी आधार पर यह ट्रैप अभियान चलाया गया।

गिरफ्तारी के बाद की कार्रवाई

गिरफ्तारी के तुरंत बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी जनार्दन कुमार के सासाराम स्थित आवास की व्यापक तलाशी ली। इस दौरान उनकी संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी गहन जांच की गई, जिससे आय से अधिक संपत्ति के संभावित मामले की भी जांच का रास्ता खुल सकता है।

आरोपी अधिकारी को पटना लाया जा रहा है, जहां कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें विशेष विजिलेंस न्यायालय में पेश किया जाएगा।

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार अभियान

यह घटना बिहार में विजिलेंस की बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है। इससे महज दो दिन पहले, 22 अप्रैल को, वीआईबी की एक टीम ने मधुबनी जिले के बेनीपट्टी अंचल कार्यालय में तैनात सरकारी क्लर्क साकेत कुमार को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।

उस मामले में परजुआर पंचायत के दहिला गांव के निवासी रविंद्र यादव से अतिक्रमण हटवाने में सहायता के बदले 30 हजार रुपए की मांग की गई थी। साकेत कुमार के साथ धकजरी गांव के बिचौलिए परमानंद झा को भी गिरफ्तार किया गया था।

गौरतलब है कि बिहार सरकार और विजिलेंस विभाग ने हाल के महीनों में भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की ट्रैप कार्रवाइयां न केवल दोषियों को दंडित करती हैं, बल्कि सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार पर एक मनोवैज्ञानिक अंकुश का काम भी करती हैं।

आने वाले दिनों में जनार्दन कुमार के खिलाफ विशेष विजिलेंस अदालत में सुनवाई शुरू होने की संभावना है। साथ ही उनकी संपत्ति की जांच के नतीजे भी इस मामले को नया मोड़ दे सकते हैं।

Point of View

जो किसानों की आजीविका से सीधे जुड़ी है, उसमें भी रिश्वत मांगी जा रही है — यह विडंबना है कि जिन योजनाओं का लाभ गरीब किसानों तक पहुंचाना था, उन्हीं में बिचौलिए और भ्रष्ट अधिकारी मुनाफा काट रहे हैं। विजिलेंस की सक्रियता स्वागतयोग्य है, लेकिन असली सवाल यह है कि ट्रैप के बाद दोषसिद्धि दर कितनी है और क्या ऐसे अधिकारियों की संपत्ति जब्त होती है या नहीं। जब तक सजा त्वरित और कठोर नहीं होगी, ये गिरफ्तारियां प्रतीकात्मक ही रहेंगी।
NationPress
25/04/2026

Frequently Asked Questions

रोहतास में किस अधिकारी को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया?
रोहतास जिले के राजपुर ब्लॉक में तैनात ब्लॉक कोऑपरेटिव ऑफिसर (बीसीओ) जनार्दन कुमार को विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। उन्हें धान खरीद सत्यापन के बदले यह अवैध भुगतान लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।
बीसीओ ने किससे और क्यों रिश्वत मांगी थी?
आरोपी बीसीओ जनार्दन कुमार ने राजपुर के पैक मैनेजर प्रशांत कुमार से धान खरीद के सत्यापन कार्य के बदले 10 हजार रुपए की मांग की थी। यह एक नियमित सरकारी प्रक्रिया है जिसके लिए किसी भुगतान की कोई कानूनी आवश्यकता नहीं है।
विजिलेंस टीम ने यह गिरफ्तारी कैसे की?
पैक मैनेजर प्रशांत कुमार की लिखित शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस की विशेष टीम ने ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई। जैसे ही शिकायतकर्ता ने रिश्वत की रकम आरोपी को सौंपी, टीम ने छापा मारकर जनार्दन कुमार को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी के सासाराम स्थित आवास की तलाशी ली और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। आरोपी को पटना लाकर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद विशेष विजिलेंस न्यायालय में पेश किया जाएगा।
क्या बिहार में हाल ही में और भी भ्रष्टाचार के मामले सामने आए हैं?
हां, इसी सप्ताह 22 अप्रैल को मधुबनी जिले के बेनीपट्टी अंचल कार्यालय में क्लर्क साकेत कुमार और बिचौलिए परमानंद झा को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। बिहार विजिलेंस ब्यूरो ने हाल के महीनों में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान तेज किया है।
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