मुंबई में हाथी दांत तस्करी: ₹3.5 करोड़ के सौदे में चार आरोपी रंगे हाथों गिरफ्तार

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मुंबई में हाथी दांत तस्करी: ₹3.5 करोड़ के सौदे में चार आरोपी रंगे हाथों गिरफ्तार

सारांश

मुंबई के चेम्बूर में पुलिस ने ₹3.5 करोड़ के हाथी दांत तस्करी सौदे का भंडाफोड़ किया। 22 अप्रैल को लॉज में छापा मारकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 31.6 किलो से अधिक वजन के दो हाथी दांत बरामद। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज।

Key Takeaways

  • 22 अप्रैल 2025 को मुंबई के चेम्बूर में हाथी दांत तस्करी के बड़े मामले का भंडाफोड़।
  • चेम्बूर पुलिस की क्राइम डिटेक्शन यूनिट ने चार आरोपियों को लॉज में रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
  • मौके से दो हाथी दांत बरामद — वजन 11 किलो और 20.6 किलो, अनुमानित कीमत ₹3.5 करोड़
  • महाराष्ट्र वन विभाग ने पुष्टि की कि बरामद सामग्री असली हाथी दांत है।
  • आरोपियों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धाराएं 9, 39, 44, 48, 50 और 51 के तहत मामला दर्ज।
  • पुलिस तस्करी नेटवर्क के मूल स्रोत और अन्य सदस्यों की तलाश में जांच जारी।

मुंबई के चेम्बूर इलाके में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चेम्बूर पुलिस की क्राइम डिटेक्शन यूनिट ने 22 अप्रैल 2025 को एक स्थानीय लॉज में छापा मारकर चार आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ये आरोपी करीब 3.5 करोड़ रुपये में दो असली हाथी दांत बेचने की फिराक में थे। महाराष्ट्र वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर बरामद सामग्री को प्रामाणिक हाथी दांत घोषित किया।

कैसे बिछाया गया जाल?

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग मुंबई में अवैध रूप से हाथी दांत की खरीद-फरोख्त करने वाले हैं। इस सूचना के आधार पर चेम्बूर के आरसी मार्ग स्थित एक होटल में रणनीति तैयार की गई।

पुलिस ने अपने मुखबिरों को खरीदार के रूप में आरोपियों के सामने पेश किया। सौदे को अंजाम देने के लिए एक स्थानीय लॉज में कमरा बुक किया गया, जहां आरोपियों ने तय योजना के अनुसार हाथी दांत पहुंचाए।

जैसे ही मुखबिरों से इशारा मिला, पुलिस टीम ने कमरे पर धावा बोल दिया और चारों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया। बिस्तर पर रखे दो बड़े हाथी दांत भी बरामद हुए।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार चारों आरोपियों की पहचान इस प्रकार है — आकाश अशोक अव्हाड (उम्र 28 वर्ष), संदीप रणधीर बिडलान (उम्र 33 वर्ष), शशांक चंद्रशेखर रंजंकर (उम्र 38 वर्ष) और दिनेश राममनोहर अग्निवंशी (उम्र 40 वर्ष)। इन सभी ने मिलकर इस अवैध सौदे की योजना बनाई थी।

बरामदगी और जब्त सामग्री

मौके से बरामद दो हाथी दांतों का वजन क्रमशः लगभग 11 किलोग्राम और 20.6 किलोग्राम बताया गया है। इनकी बाजार में अनुमानित कीमत 3.5 करोड़ रुपये आंकी गई थी।

इसके अलावा पुलिस ने परिवहन में इस्तेमाल किए गए बैग, पैकिंग सामग्री और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। सभी बरामद वस्तुओं को सील करके सुरक्षित रखा गया है।

महाराष्ट्र वन विभाग की टीम ने प्रारंभिक जांच में पुष्टि की कि बरामद सामग्री वास्तविक हाथी दांत है।

कानूनी कार्रवाई और धाराएं

पुलिस ने चारों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धाराओं — 9, 39, 44, 48, 50 और 51 के तहत मामला दर्ज किया है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत हाथी एक संरक्षित प्रजाति है और उसके अंगों की खरीद-बिक्री कठोर दंड का प्रावधान करती है।

व्यापक संदर्भ और तस्करी नेटवर्क की जड़ें

गौरतलब है कि मुंबई और महाराष्ट्र में वन्यजीव तस्करी के मामले पिछले कुछ वर्षों में लगातार सामने आ रहे हैं। हाथी दांत की अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग है, खासकर दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में, जहां इसे मूर्तियां और आभूषण बनाने में इस्तेमाल किया जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार भारत में हाथी दांत की तस्करी अकसर बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा होती है। इस मामले में 31.6 किलोग्राम से अधिक वजन के दांत बरामद होना यह संकेत देता है कि यह कोई छोटा ऑपरेशन नहीं था।

पुलिस फिलहाल इन हाथी दांतों के मूल स्रोत और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान के लिए चारों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

Point of View

न कि कोई छिटपुट घटना। सवाल यह है कि ये दांत आए कहां से — किस जंगल से, किस हाथी की हत्या करके? जब तक पुलिस पूरे सप्लाई चेन का पर्दाफाश नहीं करती, यह गिरफ्तारी अधूरी जीत ही मानी जाएगी।
NationPress
25/04/2026

Frequently Asked Questions

मुंबई हाथी दांत तस्करी मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए?
इस मामले में कुल चार आरोपी गिरफ्तार हुए हैं — आकाश अव्हाड, संदीप बिडलान, शशांक रंजंकर और दिनेश अग्निवंशी। इन्हें 22 अप्रैल 2025 को चेम्बूर के एक लॉज में छापे के दौरान रंगे हाथों पकड़ा गया।
बरामद हाथी दांतों की कीमत कितनी थी?
बरामद दो हाथी दांतों की अनुमानित कीमत करीब 3.5 करोड़ रुपये बताई गई है। इनका वजन क्रमशः लगभग 11 किलोग्राम और 20.6 किलोग्राम है।
हाथी दांत की तस्करी पर भारत में क्या कानून है?
भारत में हाथी एक संरक्षित प्रजाति है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत हाथी दांत की खरीद-बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। दोषी पाए जाने पर सात वर्ष तक की कैद और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
चेम्बूर पुलिस ने यह कार्रवाई कैसे की?
क्राइम डिटेक्शन यूनिट को गुप्त सूचना मिली थी। पुलिस ने मुखबिरों को खरीदार बनाकर आरोपियों से संपर्क कराया, लॉज में कमरा बुक करवाया और सौदे के दौरान छापा मारकर सभी को रंगे हाथों पकड़ लिया।
इस मामले में आगे क्या होगा?
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर हाथी दांतों के मूल स्रोत और तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी है। महाराष्ट्र वन विभाग भी जांच में शामिल है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।
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